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फाइलों और दस्तावेजों को चुराकर कबाड़ी को बेचने वाले सफाईकर्मी पर एफआईआर दर्ज...

Updated at : 26 Sep 2023 8:31 PM (IST)
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फाइलों और दस्तावेजों को चुराकर कबाड़ी को बेचने वाले सफाईकर्मी पर एफआईआर दर्ज...

सरकारी फ़ाइल को चुरा कर बेचने के मामले में दो कबाड़ी पर भी एफआईआर दर्ज की गई है. लापरवाह कर्मचारी को निलंबित करने किया जा सकता है.

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कानपुर : विकास भवन में समाज कल्याण विभाग के कार्यालय से फाइलें और रिकार्ड चुराकर कबाड़ी की दुकान में बेचने वाले प्राइवेट सफाई कर्मचारी मोहन के खिलाफ नवाबगंज थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज हुई है. समाज कल्याण अधिकारी की तहरीर पर काफी जद्दोहद के बाद एफआईआर हो सकी है.वहीं, वृद्धा अवस्था पेंशन मामले में छह अफसरों की जांच रिपोर्ट का अबतक पता नहीं चल सका है.वहीं,जांच में सामने आया कि वर्ष 2016 से 2022 तक के रिकॉर्ड और वित्तीय वर्ष 2023 में मृतक मिले 2071 वृद्धों का दोबारा कराया गए सत्यापन का रिकॉर्ड गायब है.

एफआईआर में दो कबाड़ियों का नाम

दर्ज हुई एफआईआर में विकास भवन गेट के सामने कबाड़ी दीपक जायसवाल व मुख्य कबाड़ी गोरा कब्रिस्तान निवासी सादेकार का भी हवाला है. अब पुलिस मामले की छानबीन करेगी.तहरीर में समाज कल्याण अधिकारी ने वृद्धावस्था पेंशन के सत्यापन अभिलेख चोरी होकर बेचने की बात कही है.प्राइवेट सफाईकर्मी मोहन आठ सालों से विकास भवन में बैठे अफसरों की खिदमत कर रहा था. वह कई अफसरों का चहेता भी था उनके घर के काम भी करता था.

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स्पष्टीकरण और निलंबन का इंतजार

सीडीओ सुधीर कुमार का कहना है कि विकास भवन से फाइलें व दस्तावेज गायब होने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी, यूपी नेडा और उद्यान अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब हुआ है. सभी को मंगलवार तक जवाब देना है.नहीं तो कार्रवाई होगी.वहीं वृद्धावस्था पेंशन लिपिक हरेंद्र सक्सेना के खिलाफ भी निलंबिन की कार्रवाई होनी है.संस्तुति होने के बाद अभी तक आदेश नहीं आया है. उसका इंतजार हो रहा है.

क्या है पूरा मामला

बीते शुक्रवार को कानपुर विकास भवन में चौकाने वाला दृश्य देखने को है.दरअसल,यहा कई विभागों से फ़ाइल गायब हो गई है.विकास भवन में लंबे समय से अफसरों के कमरे और विभागों के कार्यालयों की सफाई कर रहे प्राइवेट व्यक्ति ने रद्दी(कबाड़) में तीन विभागों की सैकड़ों फाइलें बेच दीं. सफाई के नाम पर समाज कल्याण, उद्यान और नेडा विभाग की कई अहम फाइलें, वृद्धा पेंशन, पारिवारिक लाभ के आवेदन पत्रों के कई बंडल तक कबाड़ी को बेचे जा रहे थे.यूपी नेडा विभाग के कर्मचारी ने उक्त सफाईकर्मी को बोरी में फाइलें भरते देखा तो मामला खुला.

सीडीओ ने रिपोर्ट दर्ज कराने और लापरवाह कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है.कई अन्य विभागों की भी फाइलें गायब होने की आशंका है.गुरुवार दोपहर समाज कल्याण और यूपी नेडा कार्यालय में मोहन नाम का प्राइवेट सफाईकर्मी दो फाइलों के बंडल बोरी में भर रहा था. तभी विभाग के कर्मचारी आ गया और उसने मोहन को पकड़ लिया. फाइलें छीनकर कार्यालय में रखीं और काफी फटकार लगाई.इस बीच भवन में मौजूद कई विभागों के कर्मचारी आ गए.नेडा कार्यालय के बगल में बने समाज कल्याण विभाग के कंप्यूटर कक्ष से काफी समय पहले वृद्धा पेंशन के आवेदन पत्रों के बंडल गायब हुए थे, जिन्हें खोजा जा रहा था.

कई दिनों से रद्दी में बिक रही थीं फ़ाइल

विकास भवन के कई विभागों की फाइलें काफी दिनों से कबाड़ी के यहां बिक रहीं थीं, इसकी अफसरों और कर्मचारियों को भनक तक नहीं लगी. मामला खुलने पर नेडा, उद्यान से लेकर समाज कल्याण विभाग के अफसर तक मामले को एक दूसरे विभाग पर डालते रहे.विकासभवन में ज्यादातर अधिकारियों के कक्षों की सफाई करने के लिए विभाग का कोई सफाईकर्मी नहीं है. बाहरी व्यक्ति से कार्यालयों में सफाई कराई जाती है.

गायब दो बंडल कबाड़ी के यहां पर थे मिले

समाज कल्याण विभाग के बाबू सफाईकर्मी मोहन को लेकर शाम को रावतपुर स्थित कबाड़ी के यहां लेकर पहुंचे तो मौके पर वृद्धा पेंशन और पारिवारिक लाभ योजना के दो बंडल ही मिले. विभागों की और कितनी फाइलें यहां बेची गईं इसका पता नहीं चल सका.

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