Adhik Maas 2020: आज से मलमास शुरू, 30 दिन के लिए सभी शुभ कार्यों पर लगी रोक

Updated at : 18 Sep 2020 7:02 AM (IST)
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Adhik Maas 2020: आज से मलमास शुरू, 30 दिन के लिए सभी शुभ कार्यों पर लगी रोक

Adhik maas 2020: आज से मलमास शुरू हो गया है. मलमास 30 दिन के लिए लगा है. मलमास में कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते है. अब सभी शुभ कार्यों पर 30 दिन के लिए रोक लग गई है. ये महीना भगवान विष्णु और शिव का महीना है. अब शुभ मुहूर्त 25 नवंबर से आरंभ होगा. इस दिन 25 तारीख को देवउठनी एकादशी पर श्री हरि निंद्रा से जगेंगे. उसी के साथ मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे. मान्यता है कि मलमास में किए गए दान, पूजा-पाठ और व्रत का कई गुना फल मिलता है.

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Adhik maas 2020: आज से मलमास शुरू हो गया है. मलमास 30 दिन के लिए लगा है. मलमास में कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते है. अब सभी शुभ कार्यों पर 30 दिन के लिए रोक लग गई है. ये महीना भगवान विष्णु और शिव का महीना है. अब शुभ मुहूर्त 25 नवंबर से आरंभ होगा. इस दिन 25 तारीख को देवउठनी एकादशी पर श्री हरि निंद्रा से जगेंगे. उसी के साथ मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे. मान्यता है कि मलमास में किए गए दान, पूजा-पाठ और व्रत का कई गुना फल मिलता है.

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर तीन साल में एक बार अतिरिक्त महीना जुड़ जाता है, जिसे अधिकमास, मलमास या पुरुषोत्तम कहा जाता है. सूर्य वर्ष 365 दिन और 6 घंटे का होता है. वहीं चंद्र वर्ष 354 दिनों का माना जाता है. दोनों वर्षों के बीच लगभग 11 दिनों का अंतर होता है. हर साल घटने वाले इन 11 दिनों को जोड़ा जाए तो ये एक माह के बराबर होते हैं. इसी अंतर को दूर करने के लिए हर तीन साल में एक चंद्र मास अस्तित्व में आता है, जिसे अधिकमास कहते हैं.

इस बार अधिक मास आज 18 सितंबर से 16 अक्टूबर तक रहेगा. अधिक मास को पहले बहुत अशुभ माना जाता था. बाद में श्रीहरि ने इस मास को अपना नाम दे दिया. तभी से अधिक मास का नाम “पुरुषोत्तम मास” हो गया. इस मास में भगवान विष्णु के सारे गुण पाए जाते हैं. हालांकि, इस दौरान कुछ विशेष कार्य करने से बचना चाहिए.

इस बार अधिक मास आज 18 सितंबर से 16 अक्टूबर तक रहेगा. अधिक मास को पहले बहुत अशुभ माना जाता था. बाद में श्रीहरि ने इस मास को अपना नाम दे दिया. तभी से अधिक मास का नाम “पुरुषोत्तम मास” हो गया. इस मास में भगवान विष्णु के सारे गुण पाए जाते हैं. हालांकि, इस दौरान कुछ विशेष कार्य करने से बचना चाहिए.

मलमास में विवाह वर्जित होता है. इस समय अगर विवाह किया जाए तो न तो भावनात्मक सुख मिलेगा और न ही शारीरिक सुख. पति-पत्नी के बीच अनबन होती रहेगी और घर में सुख-शांत का वास नहीं करेगी. वहीं, नया व्यवसाय या नया कार्य आरम्भ न करें. मलमास में नया व्यवसाय आरम्भ करना आर्थिक मुश्किलों को जन्म देता है. इसलिए नया काम, नई नौकरी या बड़ा निवेश करने से बचें.

मलमास में कर्णवेध, और मुंडन भी वर्जित माने जाते हैं, क्योंकि इस अवधि में किए गए कार्यों से रिश्तों के खराब होने की सम्भावना ज्यादा होती है. इस समय नए मकान का निर्माण और संपत्ति का क्रय करना वर्जित होता है. इस अवधि में किए गए ऐसे शुभ कार्यों में बाधाएं उत्पन्न होती हैं और घर में सुख-शांति का बना रहना भी मुश्किल होता है. अगर आपको घर खरीदना है या कोई संपत्ति खरीदनी है तो अधिकमास के बाद ही खरीदें.

News posted by : Radheshyam kushwaha

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