Dussehra 2022: जमशेदपुर के गोविंदपुर में 51 फीट ऊंचे, तो बगोदर में पहली बार रावण जले, देखें Pics

झारखंड में दो साल बाद रावण दहन का आयोजन हुआ. जमशेदपुर के छोटा गोविंदपुर में 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले को जलाया गया, वहीं गिरिडीह के बगोदर में पहली बार रावण दहन कार्यक्रम में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी.
Dussehra 2022: बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा पर दो साल बाद जमशेदपुर के छोटा गोविंदपुर स्थित वीर कुंवर सिंह मैदान में 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले धू-धूकर जल उठे. वहीं, गिरिडीह के बगोदर में पहली बार हुए रावण दहन में उमड़ी हजारों की भीड़ उमड़ी. बारिश के बावजूद रावण दहन देखने वालों का उत्साह कम नहीं हुआ.

प्रभात खबर के अशोक झा हुए सम्मानित
जमशेदपुर के छोटा गाेविंदपुर स्थित वीर कुंवर सिंह मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थी. इस अवसर पर करीब दो घंटे तक भव्य आतिशबाजी हुई. इस मौके पर प्रभात खबर के अशोक झा को मीरा मुंडा ने सम्मानित भी किया.

धू-धूकर जला 51 फीट रावण
रावण दहन कार्यक्रम के संबंध में आयोजन समिति के प्रमुख कमलेश सिंह ने बताया कि रावण का पुतला पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम के कारीगरों ने तैयार किया था. 51 फीट के रावण दहन में आतिशबाजी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा. रावण दहन में टेल्को, राहरगोड़ा, बारीगोड़ा, गदरा, बड़ा गोविंदपुर आदि विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 10 हजार लोग जुटे थे.

बगोदर में पहली बार हुए रावण दहन में उमड़ी हजारों की भीड़
दूसरी ओर, गिरिडीह के बगोदर स्टेडियम में तैलिक साहू समाज की ओर से रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व विधायक नागेन्द्र महतो, कोड़रमा के पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता, बगोदर बीडीओ मनोज कुमार गुप्ता, बगोदर सीओ, पूर्व सिविल सर्जन डॉ धर्मवीर गुप्ता मौजूद थे. इस मौके पर पूर्व जिप उपाध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने कहा कि आज समाज में सामाजिक कुरीतियां के रूप में फैले रावण रूपी चीजों को भी जलाने की जरूरत है. कहा कि उस समय रावण अपने दस सिर लेकर सामने रहते थे, ताकि लोग उसे पहचान सके, लेकिन आज समाज में कई ऐसे भी रावण रूपी लोग हैं, जो समाज में अपने कई सर और चेहरे लेकर चल रहे हैं, जिसे लोग देख नहीं पा रहे हैं. एेसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है.

पहली बार रावण दहन कार्यक्रम की सराहना
पूर्व जिप उपाध्यक्ष शालिनी देवी ने बगोदर में पहली बार रावण दहन कार्यक्रम के आयोजकों को सराहना की. साथ ही उन्होंने इस कार्यक्रम के माध्यम से विजयादशमी और दुर्गापूजा की शुभकामना भी लोगों को दी. वहीं, हजारीबाग के पूर्व सिविल सर्जन डॉ धर्मवीर साहू ने कहा कि सत्य की असत्य पर विजय प्राप्त करने की परंपरा ही हमें विजयादशमी का संदेश देता है. साथ अहंकार से भरे हुए रावण को जलाकर हमें अपने भीतर भी अहंकार को समाप्त करने की प्रेरणा देती है. इसके बाद अतिथियों द्वारा रावण के 20 फीट के पुतले को चिंगगारी रूपी धनुष छोड़ कर रावण दहन किया. आतिशबाजी के साथ बारिश में भी रावण को लोगों ने जलते हुए आनंद उठाया. इस मौके पर जिप उपाध्यक्ष छोटे लाल प्रसाद, प्रमुख आशा राज, उप प्रमुख हरेंद्र सिंह, दुर्गेश कुमार, मुखिया प्रमिला देवी, सरिता साव, सरिता महतो, इंदर साव, लखेन्द्र साव, ऋषिकांत कुमार, विश्वनाथ साव, प्रकाश कुमार गुड्डू, दिलीप साहू, राजेश साव, राजू साव, रंजीत कुमार, समेत काफी संख्या में महिला-पुरुषों की भीड़ जुटी हुई थी.
रिपोर्ट : जमशेदपुर से अशोक झा और बगोदर से कुमार गौरव.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Samir Ranjan
Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




