झारखंड में 2.50 करोड़ से अधिक वोटर, 10 महीने में जुड़े 529,905 मतदाता, चुनाव आयोग ने जारी किए आंकड़े

झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दिया है. इसके मुताबिक, झारखंड में मतदाताओं की संख्या 2.50 करोड़ के पार हो गई है. पहली बार वोटिंग करने वालों में लड़कों से अधिक लड़कियां होंगी.
झारखंड में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 2.50 करोड़ से अधिक हो गई है. महज 10 महीने में 5,29,905 वोटर्स जुड़े हैं. निर्वाचन आयोग की ओर से बृहस्पतिवार (26 अक्टूबर 2023) को यह जानकारकी दी गई. मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के आंकड़े जारी करते हुए झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि प्रदेश की जनसंख्या 4,23,96,021 है. इसमें 2,50,59,746 लोग मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं. इनमें 1,28,24,009 पुरुष वोटर हैं, जबकि 1,22,35,359 महिला मतदाता. थर्ड जेंडर के वोटरों की संख्या 378 है. फर्स्ट टाइम वोटर्स की बात करें, तो इनकी संख्या 4,01,105 है. युवा वोटर्स में पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,73,539 और महिला वोटर्स की संख्या 2,27,542 है. 18 से 19 वर्ष की आयु के थर्ड जेंडर वोटर्स की संख्या 24 है. झारखंड में मतदाता लिंगानुपात 954 है, जबकि मतदाता जनसंख्या अनुपात 59.11 है. मुख्य निर्वाची पदाधिकारी के रवि कुमार ने बताया है कि झारखंड में कुल 3,32,564 दिव्यांग मतदाता हैं. इनमें 65,037 दृष्टिबाधित, 48,493 मूक-बधिर, 1,68,780 चलने-फिरने में अक्षम और अन्य दिव्यांगता वाले 74,147 वोटर हैं.
4,28,165 मृत वोटर को बीएलओ ने किया चिह्नित
निर्वाची पदाधिकारी के मुताबिक, बीएलओ ने घर-घर जाकर सत्यापन किया. इसमें 4,80,352 वोटर अनुपस्थित थे. 5,12,132 वोटर अन्यत्र चले गए जबकि 4,28,165 वोटर की मृत्यु हो चुकी है. निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया है कि बीएलओ ने कुल 2,50,59,746 वोटरों में से 2,48,68,375 मतदाताओं का सत्यापन किया, जो कुल वोटर्स का लगभग 99.24 फीसदी है. यह भी बताया कि सत्यापन के दौरान बीएलओ ने 3,58,663 ब्लैक एंड व्हाइट फोटो की पहचान की, जबकि 85,408 रिपीटेड इलेक्टर्स की भी पहचान हुई.
2.16 फीसदी बढ़े वोटर
झारखंड में मतदाताओं की अब तक की यह सर्वाधिक संख्या है. हालांकि, यह ड्राफ्ट मतदाता सूची है. अंतिम मतदाता सूची 1 जनवरी 2024 को प्रकाशित की जाएगी. पिछले पांच पुनरीक्षण कार्यक्रमों पर गौर करेंगे, तो पाएंगे कि इस बार अब तक 2.16 फीसदी वोटर बढ़े हैं. वर्ष 2022 में सबसे ज्यादा 2.70 फीसदी वोटर बढ़े थे. वर्ष 2018 (10 जनवरी 2018) में अंतिम मतदाता सूची में वोटर्स की कुल संख्या 2,18,35,434, वर्ष 2019 (30 जनवरी 2019) में 2,19,81,479, वर्ष 2019 (12 जनवरी) में 2,26,17,612, वर्ष 2021 (15 जनवरी) में 2,35,39,328, वर्ष 2022 (5 जनवरी) में 2,44,73,937 और वर्ष 2023 (5 जनवरी) में 2,45,29,841 हो गई. 27 अक्टूबर 2023 के ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल 2,50,59,746 वोटर हैं.
मतदाता लिंगानुपात बढ़कर 954 हुआ
मतदाता लिंगानुपात की बात करें, तो यह भी अब तक का सर्वाधिक है. वर्ष 2018 में लिंगानुपात 909 था, जो वर्ष 2019 में बढ़कर 914, वर्ष 2021 में 931, वर्ष 2022 में 940, और वर्ष 2023 में 940 हो गया. और अब वर्ष 2024 के ड्राफ्ट में यह बढ़कर 954 हो गया है.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




