YouTube AI Content Policy: बेधड़क करें AI का इस्तेमाल, कभी बंद नहीं होगा चैनल, जानिए नयी पॉलिसी

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 11 Jul 2025 8:07 PM

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YouTube AI Content Policy

YouTube AI Content Policy: यूट्यूब ने अनऑथेंटिक कंटेंट और एआई जेनरेटेड वीडियो को लेकर नयी सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं. अब अगर यूजर AI कंटेंट को सही ढंग से डिक्लेयेर नहीं करते, तो चैनल को भुगतना पड़ सकता है बड़ा नुकसान. लेकिन ऐसा नहीं है कि यूट्यूब पर एआई के लिए दरवाजे बंद हो गए हैं. आइए जानते हैं:

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YouTube AI Content Policy: सोशल मीडिया पर इन दिनों यह बात तेजी से फैल रही है कि यूट्यूब 15 जुलाई 2025 से सभी AI और रिपीटेड कंटेंट वाले चैनलों को डिमॉनेटाइज (कमाई बंद) करने वाला है. इस खबर से हजारों क्रिएटर्स घबरा गए हैं. लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है. YouTube ने खुद इस पर बयान जारी किया है और साफ किया है कि यह कोई नयी पॉलिसी नहीं है, बल्कि मौजूदा “Repetitious Content” पॉलिसी का नाम बदलकर अब “Inauthentic Content” रखा गया है.

AI से बना वीडियो मोनेटाइज होगा, लेकिन कुछ शर्तों के साथ

YouTube ने स्पष्ट किया है कि अगर आप AI टूल्स का प्रयोग करते हैं और उसमें originality, value, और insightजोड़ते हैं तो वह कंटेंट monetize हो सकता है. सिर्फ कॉपी-पेस्ट या बिना किसी सोच के बनाया गया कंटेंट demonetize किया जाएगा.

  • अगर AI का इस्तेमाल करके आप कुछ नया, शिक्षाप्रद या मनोरंजक बना रहे हैं,
  • Deepfake, misleadingvisuals या भ्रामक जानकारी नहीं दे रहे हैं,
  • और Disclosure (जवाबदेही) दे रहे हैं,

तो आपका चैनल पूरी तरह सुरक्षित है. यह बदलाव पॉलिसी नहीं बल्कि पॉलिसी का explanation update है.

कौन-सा कंटेंट अब भी डिमॉनेटाइज होगा?

YouTube ने उन कंटेंट टाइप्स की भी सूची दी है जो अब भी मोनेटाइज नहीं होंगे:

  • हर वीडियो में सिर्फ शब्द बदलकर वही बात दोहराना
  • बिना किसी इंसानी टच या एडिटिंग के ऑटो जेनरेटेड स्लाइड शो
  • बिना सोच-समझ के mass-upload किये गए content blocks.

अगर आप commentary, voice-over, new visuals या किसी तरह की creative editing करते हैं तो आप इस पॉलिसी के दायरे में नहीं आते.

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Reaction और Compilation वीडियो पर क्या असर पड़ेगा?

बहुत से creators को डर है कि उनके reaction videos या compilation content पर भी असर पड़ेगा, लेकिन YouTube ने साफ किया है कि अगर आपने वीडियो में अपना input दिया है, जैसे:-

  • Real-time reaction,
  • Voice-over explanation,
  • Analysis या educational value

तो वह “Reused Content” की श्रेणी में नहीं आएगा और उसका monetization जारी रहेगा.

YouTube ने क्या सलाह दी है?

“डरें नहीं, सही जानकारी रखें और original value देते रहें. ”YouTube का मकसद है high-quality और authentic content को बढ़ावा देना है. अगर आप हर वीडियो में कुछ नया सोचते हैं, मेहनत करते हैं और audience को value देते हैं, तो आपके चैनल को किसी बदलाव से नुकसान नहीं होगा.

AI कंटेंट को बैन नहीं किया गया है…

15 जुलाई की “नयी पॉलिसी” दरअसल कोई नयी गाइडलाइन नहीं बल्कि पहले से मौजूद पॉलिसी की एक्सप्लेनिंग है. AI कंटेंट को बैन नहीं किया गया है, बल्कि creators को smart तरीके से इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया है. इसलिए घबराएं नहीं, बल्कि original और creative बने रहें.

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लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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