WhatsApp License: ग्रुप एडमिन को फीस देकर लेना होगा लाइसेंस, इस देश में लागू हुआ नियम

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 09 Nov 2024 11:02 AM

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WhatsApp पर लग गया License

WhatsApp License News: नये नियम के तहत सभी व्हॉट्सऐप ग्रुप एडमिन के लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा और ग्रुप चलाने के लिए लाइसेंस लेना पड़ेगा. इसके लिए फीस भी देनी पड़ेगी. किस देश यह नियम में लागू हुआ है और इसकी वजह क्या है? आइए जानते हैं-

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WhatsApp Group Admin License News: जिम्बाब्वे की सरकार ने एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत अब सभी व्हॉट्सऐप ग्रुप एडमिन को अपने ग्रुप को चलाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना और टेलीकम्युनिकेशन रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ जिम्बाब्वे (POTRAZ) से लाइसेंस पाना जरूरी होगा.

WhatsApp License Rule किसलिए लायी सरकार?

व्हॉट्सऐप ग्रुप एडमिन के लिए इस नये नियम के तहत लाइसेंस की कीमत लगभग 50 डॉलर है. सरकार के इस कदम का उद्देश्य गलत खबरों और अफवाहों को फैलने से रोकना है, ताकि देश में शांति बनी रहे और डेटा प्रोटेक्शन एक्ट का पालन हो सके.

WhatsApp License Rule पर सरकार का पक्ष क्या है?

सूचना मंत्री मोनिका मुत्स्वांगवा ने कहा कि इस लाइसेंसिंग से फेक न्यूज के सोर्स को ट्रैक करना आसान होगा, और यह नियम देश में मौजूद विभिन्न संगठनों को प्रभावित करेगा. इस नियम पर कुछ लोगों ने आपत्ति जतायी है, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे पर्सनल डेटा सेफ्टी पर सवालों के घेरे में आ सकती है और उनकी बोलने की आजादी पर भी असर पड़ सकता है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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