आधा भारत नहीं जानता आईफोन में ‘आई’ का मतलब, जानकर चौंक जाएंगे आप

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 04 Jan 2026 8:01 PM

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Apple प्रॉडक्ट्स में ‘i’ का मतलब जानते हैं आप? / / तस्वीर सोशल मीडिया से

What Does "i" Stand for in Apple Products: क्या आप जानते हैं iPhone और iPad में ‘i’ क्यों लिखा होता है (Meaning of 'i' in iPhone)? स्टीव जॉब्स ने 1998 में iMac लॉन्च के दौरान इसका असली मतलब बताया था. जानिए ‘i’ के पांच राज और Apple की ब्रांडिंग की पूरी कहानी.

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Meaning of ‘i’ in iPhone: आज भारत में करोड़ों लोग iPhone और iPad का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इन प्रोडक्ट्स के नाम में जो ‘i’जुड़ा है, उसका असली मतलब क्या है. यह कोई स्टाइलिश जिमिक नहीं था, बल्कि Apple की ब्रांडिंग की सबसे बड़ी क्रांति थी. साल 1998 में जब पहला iMac दुनिया के सामने आया, तब स्टीव जॉब्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि ‘i’ सिर्फ इंटरनेट का प्रतीक नहीं है, बल्कि एक पूरी सोच और दर्शन को दर्शाता है. यही सोच आगे चलकर iPod, iPhone और iPad तक पहुंची और Apple की पहचान बन गई.

इंटरनेट से शुरू हुई कहानी

iMac को खासतौर पर इंटरनेट को आसान बनाने के लिए डिजाइन किया गया था. उस दौर में इंटरनेट आम लोगों तक पहुंचना मुश्किल था, लेकिन Apple ने इसे सरल और आकर्षक बनाया. इसी वजह से ‘i’ का पहला मतलब Internet रखा गया.

Individual यानी हर यूजर के लिए खास

स्टीव जॉब्स ने कहा था कि Apple का मकसद हर व्यक्ति को एक व्यक्तिगत अनुभव देना है. iMac और बाद में iPhone ने यह साबित किया कि टेक्नोलॉजी सिर्फ मशीन नहीं, बल्कि इंसान के लिए टेलर्ड अनुभव हो सकती है.

शिक्षा और सीखने का प्रतीक

‘i’ का तीसरा मतलब था Instruct. Apple चाहता था कि उसके प्रोडक्ट्स शिक्षा और सीखने में मददगार साबित हों. यही वजह है कि iPad आज स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाई का अहम हिस्सा बन चुका है.

जानकारी और कनेक्टिविटी

‘i’ का चौथा अर्थ था Inform. Apple ने अपने डिवाइस को ऐसा बनाया कि लोग आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें और दूसरों तक पहुंचा सकें. iPhone ने इस सोच को और आगे बढ़ाया, जहां इंटरनेट और ऐप्स ने दुनिया को एक क्लिक पर जोड़दिया.

क्रिएटिविटी और इंस्पिरेशन

‘i’ का पांचवां और अंतिम अर्थ था Inspire. Apple हमेशा से क्रिएटिविटी और इनोवेशन को बढ़ावा देता रहा है.iPod ने म्यूजिक की दुनिया बदल दी, iPhone ने मोबाइल इंडस्ट्री को हिला दिया और iPad ने टैबलेट को नया रूप दिया.

आज की ब्रांडिंग में बदलाव

समय के साथ Apple ने ‘i’ का इस्तेमाल कम कर दिया. अब Apple Watch, AppleTV जैसे प्रोडक्ट्स सीधे कंपनी के नाम से आते हैं. लेकिन ‘i’ की शुरुआत ने टेक्नोलॉजी को आम लोगों तक पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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