आधा भारत नहीं जानता ऑनलाइन रेलवे टिकट क्यों पड़ता है ऑफलाइन से महंगा? खुल गया असली राज

IRCTC का सर्विस चार्ज: ऑनलाइन टिकट महंगा, ऑफलाइन सस्ता / सांकेतिक तस्वीर चैटजीपीटी एआई से
Indian Railways Online Train Ticket Booking: क्या आपने कभी सोचा है कि ऑनलाइन रेलवे टिकट खरीदना, ऑफलाइन टिकट काउंटर से लेने की तुलना में महंगा क्यों होता है? दरअसल, ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर आईआरसीटीसी, यात्रियों से सुविधा शुल्क सहित कुछ अन्य चार्जेस लेता है.
Indian Railways Online Train Ticket Booking: भारतीय रेलवे में टिकट बुकिंग का सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऑनलाइन टिकट की कीमत ऑफलाइन टिकट से ज्यादा क्यों होती है. यात्री अक्सर शिकायत करते हैं कि घर बैठे सुविधा लेने पर जेब पर अतिरिक्त बोझ क्यों डाला जाता है. असल वजह है IRCTC का सर्विस चार्ज और पेमेंट गेटवे शुल्क, जो स्टेशन काउंटर से टिकट लेने पर नहीं लगता.
ऑनलाइन टिकट पर सर्विस चार्ज
IRCTC हर ऑनलाइन टिकट पर एक तय सर्विस चार्ज जोड़ताहै. यह शुल्क वेबसाइट और मोबाइल ऐप के संचालन, सर्वर की देखरेख और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत को पूरा करने के लिए लिया जाता है. यही कारण है कि बेस किराया समान होने के बावजूद ऑनलाइन टिकट की कीमत बढ़ जाती है.
पेमेंट गेटवे का अतिरिक्त बोझ
ऑनलाइन टिकट बुकिंग में भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI से होता है. इन माध्यमों पर ट्रांजैक्शन शुल्क लगता है, जिसे सीधे यात्री से वसूला जाता है. यानी सुविधा के साथ-साथ डिजिटल पेमेंट का खर्च भी आपकी टिकट में जुड़ जाता है.
ऑफलाइन टिकट पर राहत
स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर से टिकट लेने पर केवल बेस किराया और टैक्स देना होता है. यहां कोई सर्विस चार्ज या पेमेंट गेटवे शुल्क नहीं जुड़ता. यही वजह है कि ऑफलाइन टिकट अपेक्षाकृत सस्ती पड़ती है, हालांकि इसके लिए लाइन में लगना और समय खर्च करना पड़ता है.
सुविधा बनाम बचत
ऑनलाइन टिकट का सबसे बड़ा फायदा है कि आप घर बैठे 24×7 टिकट बुक कर सकते हैं. वहीं ऑफलाइन टिकट में स्टेशन जाकर लंबी कतारों का सामना करना पड़ताहै. यानी ऑनलाइन टिकट सुविधा देती है, लेकिन थोड़ी महंगी पड़ती है; ऑफलाइन टिकट सस्ती है, लेकिन समय और मेहनत ज्यादा मांगती है.
…तो वजह साफ है
ऑनलाइन टिकट महंगी होने की वजह साफ है- सर्विस चार्ज और पेमेंट गेटवे शुल्क. ऑफलाइन टिकट में ये अतिरिक्त खर्च नहीं होते. अब यह यात्री पर निर्भर करता है कि वह सुविधा को प्राथमिकता देता है या बचत को.
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By Rajeev Kumar
राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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