स्मार्टफोन में कितना सोना होता है? जानिए असली सच

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 06 Feb 2026 4:30 PM

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आपके फोन में सिर्फ सोना नहीं, प्लैटिनम भी छिपा है

स्मार्टफोन में सोना, सिल्वर और प्लैटिनम जैसी कीमती धातुएं होती हैं. जानिए आपके फोन में कितनी मात्रा में सोना छिपा है और ई-वेस्ट रिसाइकिलिंग से कैसे निकलता है यह खजाना

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आज की डिजिटल दुनिया में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस फोन को आप रोज हाथ में पकड़ते हैं, उसमें असल में कीमती धातुएं भी छिपी होती हैं? जी हां, आपके स्मार्टफोन के अंदर सोना, चांदी, पैलेडियम और प्लैटिनम जैसी कीमती धातुएं मौजूद रहती हैं. ये धातुएं बहुत कम मात्रा में होती हैं, लेकिन रिसाइक्लिंग के दौरान इनका महत्व काफी बढ़ जाता है.

स्मार्टफोन में सोना कहां मिलता है

फोन के अंदर मौजूद PCB (Printed Circuit Board), चिप्स, ICs, कनेक्टर्स और कॉन्टैक्ट पॉइंट्स पर सोने की परत चढ़ाई जाती है. इसका कारण है कि सोना करंट को बेहतर तरीके से पास करता है और लंबे समय तक खराब नहीं होता. पुराने जमाने के मोबाइल फोन्स में सोने की मात्रा आज के मुकाबले ज्यादा होती थी, लेकिन नई तकनीक के चलते अब इसका इस्तेमाल कम कर दिया गया है.

कितनी मात्रा में होता है सोना

अगर आप सोच रहे हैं कि आपके फोन में कितना सोना छिपा है, तो जवाब है- बेहद कम. औसतन एक स्मार्टफोन में लगभग 0.038 ग्राम सोना होता है. यानी एक फोन से 1 ग्राम से भी कम सोना निकलता है. यही वजह है कि अकेले एक फोन की वैल्यू ज्यादा नहीं होती, लेकिन जब हजारों-लाखों फोन रिसाइकिल किए जाते हैं तो सोने की मात्रा काफी बढ़ जाती है.

ई-वेस्ट और रिसाइक्लिंग का महत्व

दुनिया भर में ई-वेस्ट एक बड़ी समस्या बन चुकी है. हर साल करोड़ों स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस कबाड़ में बदल जाते हैं. इन्हें रिसाइक्लिंग करके न सिर्फ सोना बल्कि सिल्वर, पैलेडियम और प्लैटिनम जैसी धातुएं भी निकाली जाती हैं. आंकड़ों के मुताबिक, 1 टन ई-वेस्ट से लगभग 300-350 ग्राम सोना निकाला जा सकता है. यही वजह है कि ई-वेस्ट मैनेजमेंट आज की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है.

क्यों है खास स्मार्टफोन का सोना

स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाला सोना सामान्य बाजार में मिलने वाले सोने से ज्यादा शुद्ध और उच्च गुणवत्ता वाला होता है. यही कारण है कि इसकी कीमत भी ज्यादा होती है. हालांकि मात्रा कम होती है, लेकिन रिसाइक्लिंग कंपनियों के लिए यह सोना बेहद कीमती साबित होता है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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