Women Safety Apps: हर महिला के फोन में होने चाहिए ये ऐप्स, बिना नेटवर्क के भी मुसीबत में देंगे साथ

women safety apps
Must Have Women Safety Apps: जिन महिलाओं के स्मार्टफोन में ये ऐप्स रहेंगे, वे घर से बाहर निकलने में अकेलापन और अनसेफ फील नहीं करेंगी. ये ऐप सुरक्षा का ध्यान रखेंगे. इन ऐप्स के सहारे महिलाएं हर मुश्किल परिस्थिति का सामना कर सकते हैं.
Women Safety Apps: घर से बाहर निकलने पर महिलाओं के मन में पहली शंका अपनी सुरक्षा को लेकर होती है. समय-समय पर देश के कई हिस्सों से ऐसी घटनाओं की खबरें सामने आती रहती हैं, जहां महिला को अकेला पाकर किसी ने दरिंदगी का शिकार बनाया. आप अगर महिला हैं, या ऐसी महिला को जानते हैं जो पढ़ाई अथवा कामकाज के सिलसिले में अक्सर घर के बाहर आती-जाती है, तो यह आर्टिकल आपके काम का है. हम आपको बताएंगे ऐसे ऐप्स के बारे में, जो महिला सुरक्षा के मद्देनजर बड़े काम के हैं. अकेले सफर करनेवाली महिला के स्मार्टफोन में ये सेफ्टी ऐप्स होने ही चाहिए. अगर ये ऐप्स फोन में हैं, तो यूजर्स अनसेफ महसूस नहीं करेंगी.
112 India App
महिला सुरक्षा के लिए निर्भया पहल के तहत, यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और गृह मंत्रालय का संयुक्त प्रयास है. कोई भी व्यक्ति इस एप्लिकेशन को डाउनलोड कर सकता है और बस एक बटन दबाकर या सिर्फ तीन बार पावर बटन दबाकर, कोई भी राज्य एमर्जेंसी रिस्पॉन्स को कॉल कर सकता है. यह वुमन सेफ्टी ऐप एंड्रॉयड और आईओएस, दोनों डिवाइस में इस्तेमाल किया जा सकता है. यह एक All-in-One Womens Security App है. इसका इस्तेमाल किसी भी स्थिति में एक क्लिक से SOS वॉर्निंग भेजने के लिए किया जा सकता है.
सेफ्टीपिन ऐप (SafetiPin)
सेफ्टीपिन सबसे बेहतरीन महिला सेफ्टी ऐप्स में से एक है और यह यूजर की व्यक्तिगत सुरक्षा को सुनिश्चित करता है. इसके जीपीएस ट्रैकिंग, इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर्स, सुरक्षित स्थान की सही दिशा बताने जैसे फीचर्स इसे बाकी ऐप्स की तुलना में बेहतर बनाते हैं. साथ ही, यूजर्स को यह अनसेफ लोकेशन्स को पिन करने और दूसरों को मदद देने का ऑप्शन भी देता है. यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी सहित कुछ अन्य भाषाओं में भी है.
bSafe: Never Walk Alone
यह एक पर्सनल सेफ्टी ऐप है. यह एक सोशल सेफ्टी नेटवर्क बनाता है. इससे कोई भी यूजर अनसेफ फील करने पर नेटवर्क के अन्य मेंबर्स के साथ नोटिफिकेशन शेयर कर सकता है. इस ऐप के खास फीचर्स में एक bSafe अलार्म भी शामिल है. यह अलार्म यूजर की सटीक लोकेशन को चुने हुए एमरजेंसी कॉन्टैक्ट के साथ आसपास के शेयर होता है. यह ऐप एक टाइमर शुरू करता है और अगर कॉन्टैक्ट्स इसे बंद करने के लिए सही समय पर पहुंच नहीं जाते, तब तक यह उन्हें अलार्म भेजता रहता है.
रक्षा ऐप (Raksha App)
इस ऐप में संकट की स्थिति में एक बटन के जरिये यूजर अपनी फैमिली को अपना करेंट लोकेशन के साथ अलर्ट भेज सकता है. इसमें यूजर्स उन कॉन्टैक्ट को सेलेक्ट कर सकते हैं, जो लोकेशन को देखने में सक्षम होंगे. खास बात यह है कि इस ऐप को काम करने के लिए कुछ इस तरह डिजाइन किया गया है कि यूजर का फोन चाहे स्विच ऑफ हो या नॉन-ऑपरेटिव मोड में हो, यूजर्स केवल तीन सेकंड के लिए वॉल्यूम बटन दबाकर अपने फेवरेट कॉन्टैक्ट्स को अलर्ट कर सकते हैं. इसके साथ ही, रक्षा ऐप में SOS फंक्शन भी दिया गया है, जिससे डेटा या इंटरनेट न होने पर भी SMS अलर्ट शेयर किया जा सकता है.
स्मार्ट 24×7 ऐप (Smart24x7)
महिला सुरक्षा को समर्पित यह ऐप भी यूजर्स के लिए बेहतरीन फीचर्स से लैस है. यह ऐप भारत के विभिन्न राज्यों के पुलिस विभाग द्वारा समर्थित है और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करता है. यह समस्या की स्थिति में एमर्जेंसी कॉन्टैक्ट्स को पैनिक अलर्ट सेंड करता है और इसके साथ ही, पैनिक सिचुएशन के दौरान यह ऐप यूजर को वॉइस और फोटो पुलिस को शेयर करने की भी सहूलियत देता है.
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By राजीव कुमार
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जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.
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