रुको, सोचो और एक्शन लो… PM Modi ने 'मन की बात' में दिया डिजिटल अरेस्ट से बचने का मंत्र

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 27 Oct 2024 12:06 PM

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PM MODI Mann Ki Baat

PM Modi ने अपने मन की बात कार्यक्रम के जरिये देशवासियों को डिजिटल अरेस्ट के खतरनाक खेल के बारे में बताया और इससे बचने का मंत्र भी दिया.

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PM Modi On Digital Arrest In Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने आज ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) के 115वें एपिसोड में डिजिटल अरेस्ट के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि इस खतरनाक समस्या का शिकार होने वालों में हर उम्र और हर वर्ग के लोग हैं. डर की वजह से लोग अपनी मेहनत से कमाये लाखों रुपये गंवा दे रहे हैं. पीएम मोदी ने बताया, आपको कभी भी इस तरह का कोई कॉल आये, तो डरना नहीं है. आपको मालूम होना चाहिए कोई भी जांच एजेंसी, फोन कॉल या वीडियो के माध्यम से इस तरह पूछताछ कभी नहीं करती है.

डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था कानून में नहीं

PM Modi ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था कानून में नहीं है. यह सिर्फ फ्रॉड, फरेब और झूठ है. बदमाशों के गिरोह ऐसा कर रहे हैं और ऐसा काम करनेवाले लोग समाज के दुश्मन हैं. डिजिटल अरेस्ट के नाम पर देश में जो फरेब का खेल चल रहा है, उससे निबटने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर जांच एजेंसियां काम कर रही हैं. नेशनल साइबर कोआर्डिनेशन सेंटर की स्थापना कर इन एजेंसियों में तालमेल बनाने के प्रयास किये गए हैं.

PM Modi On Digital Arrest: बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि मैं आपको डिजिटल सुरक्षा के तीन चरण बताता हूं. ये तीन चरण हैं- रुको, सोचो और एक्शन लो. पहला चरण है- रुको. ऐसा कॉल आते ही आपको घबराना नहीं है. शांत रहना है. जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाना है. किसी को अपनी व्यक्तिगत जानकारी नहीं देनी है. संभव हो तो स्क्रीनशॉट लेकर रख लेना और कॉल की रिकॉर्डिंग कर लेना है. दूसरा चरण है- सोचो. यह जान लीजिए कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर ऐसे धमकी नहीं देती, न ही वीडियो कॉल पर पूछताछ करती है, और न ही ऐसे पैसे की डिमांड करती है. अगर कोई ऐसा करता है, तो समझिए कि जरूर कुछ गड़बड़ है. तीसरा चरण है- एक्शन लो. राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 डायल कीजिए, http://cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट किजिए, परिवार और पुलिस को सूचित कहजिए, और सबूत सुरक्षित रखिए.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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