UPI Lite ने पेश किया नया फीचर, मिलेगी बैंक अकाउंट में फंड ट्रांसफर करने की सुविधा

Published by : Ankit Anand Updated At : 03 Mar 2025 8:46 AM

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UPI Lite

UPI Lite: अब नए 'ट्रांसफर आउट' फीचर की मदद से यूजर्स बिना UPI Lite को डिसेबल किए, अपने UPI Lite बैलेंस को उसी बैंक अकाउंट में वापस ट्रांसफर कर सकेंगे, जिससे उन्होंने फंड लोड किया था.

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UPI Lite: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI Lite के लिए एक नया फीचर ‘ट्रांसफर आउट’ पेश किया है. NPCI ने 21 फरवरी 2025 को जारी अपने सर्कुलर में सभी इशूअर बैंक, पीएसपी बैंक और UPI ऐप्स को यह सुविधा लागू करने के निर्देश दिए हैं. सर्कुलर के अनुसार, सभी यूजर्स को ‘ट्रांसफर आउट’ फीचर को अनिवार्य रूप से लागू करना होगा. यह यूजर्स को UPI Lite बैलेंस से राशि निकालकर उसी स्रोत बैंक खाते में वापस ट्रांसफर करने की सुविधा देगा, जिससे राशि लोड की गई थी, और इसके लिए UPI Lite को डिसेबल करने की आवश्यकता नहीं होगी. सभी संबंधित संस्थानों को इस बदलाव को 31 मार्च 2025 तक लागू करना अनिवार्य होगा.

‘ट्रांसफर आउट’ फीचर क्या है? 

नई सुविधा के तहत अब यूजर्स अपने UPI Lite बैलेंस को मूल बैंक खाते में वापस ट्रांसफर कर सकते हैं, वह भी बिना UPI Lite को डिसेबल किए. यह नया फंक्शन यूजर्स को उनके फंड्स पर ज्यादा कंट्रोल देता है और साथ ही छोटे लेन-देन को और भी आसान बनाता है. यूपीआई लाइट सेवा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, बैंक अब लाइट रेफरेंस नंबर (LRN) स्तर पर बैलेंस ट्रैक करेंगे और रोजाना NPCI के डेटा से उसका मिलान करेंगे, ताकि सही सुलह (reconciliation) हो सके. 

इसके अलावा, यूपीआई ऐप में सक्रिय यूपीआई लाइट के लिए लॉगिन के समय पासकोड, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन या पैटर्न-आधारित लॉक से ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके. हालांकि, इन बदलावों के अलावा यूपीआई लाइट से जुड़ी मौजूदा गाइडलाइंस में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

क्या है UPI Lite 

UPI Lite एक विशेष पेमेंट समाधान है, जो छोटे लेन-देन (₹500 से कम) के लिए बिना PIN के तेज और सुरक्षित भुगतान की सुविधा देता है. यह UPI सिस्टम के तहत काम करता है, जिससे ट्रांज़ैक्शन पहले से ज्यादा तेज और आसान हो जाते हैं. अक्टूबर 2024 में RBI ने UPI Lite की लिमिट बढ़ा दी है. अब UPI Lite वॉलेट की सीमा 2,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दी गई है. साथ ही, प्रति ट्रांजैक्शन लिमिट 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दी गई है. इसके अलावा, UPI 123Pay की प्रति ट्रांजैक्शन सीमा भी 5,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दी गई है. इन बदलावों से डिजिटल पेमेंट पहले से ज्यादा तेज और सुविधाजनक हो जाएगा.

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By Ankit Anand

अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

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