Tech Safety: सुरक्षा, विश्वास के नजरिये से तकनीक का नियमन जरूरी, IT राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कही यह बात
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 25 Nov 2023 1:18 PM
लगभग 85 करोड़ भारतीय पहले से ही इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं और वित्त वर्ष 2025-26 तक इनकी संख्या बढ़कर 1.2 अरब हो जाने का अनुमान है. चंद्रशेखर ने अपने वीडियो संदेश में 'डीपफेक' के मुद्दे पर भी ध्यान आकर्षित किया.

Rajeev Chandrasekhar on Safety Regulations in Internet, Technology and DeepFake : सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि सुरक्षा और विश्वास के नजरिये से इंटरनेट और प्रौद्योगिकी का सावधानीपूर्वक नियमन नहीं होने पर यह उपयोगकर्ताओं को नुकसान पहुंचा सकती है.

चंद्रशेखर ने इसके साथ ही कहा कि नवाचार का अत्यधिक नियमन न करते हुए सुरक्षा ढांचे को सावधानीपूर्वक विकसित किया जाना चाहिए. केंद्रीय मंत्री ने ‘डेट विद टेक’ कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) हाल के समय की सबसे बड़ी खोज में से एक है और सरकार डिजिटल मंचों पर उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
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लगभग 85 करोड़ भारतीय पहले से ही इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं और वित्त वर्ष 2025-26 तक इनकी संख्या बढ़कर 1.2 अरब हो जाने का अनुमान है. चंद्रशेखर ने अपने वीडियो संदेश में ‘डीपफेक’ के मुद्दे पर भी ध्यान आकर्षित किया.

उन्होंने कहा, हाल की घटनाओं ने दिखाया है कि सावधानीपूर्वक नियमन और सुरक्षा एवं विश्वास का ध्यान न रखे जाने पर इंटरनेट और व्यापक प्रौद्योगिकी परिवेश भी नुकसानदेह और आपराधिक हो सकते हैं.
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डीपफेक तकनीक को लेकर केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी चिंता जतायी है. केंद्रीय मंत्री ने डीपफेक को लोकतंत्र के लिए खतरा करार देते हुए कहा कि सरकार इस बारे में नये नियम लाने की तैयारी कर रही है. इसके तहत ‘डीपफेक’ बनाने वालों और संबंधित मंचों दोनों पर जुर्माना लगाया जा सकेगा.

‘डीपफेक’ में कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल करते हुए किसी तस्वीर या वीडियो में मौजूद व्यक्ति की जगह किसी दूसरे को दिखा दिया जाता है. इसमें इतनी समानता होती है कि असली और नकली में अंतर करना काफी मुश्किल होता है.
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हाल ही में, बॉलीवुड के कई कलाकारों को निशाना बनाने वाले कई ‘डीपफेक’ वीडियो सोशल मीडिया मंच पर आये. इस पर कई लोगों ने नाराजगी जाहिर की. इससे नकली सामग्री बनाने के लिए प्रौद्योगिकी तथा उपकरणों के दुरुपयोग को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए हैं.
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By Rajeev Kumar
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