LPG Cylinder नहीं मिलेगा अगर भूल गए ये नंबर, नया नियम जानकर बचाएं परेशानी

Edited by Rajeev Kumar
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LPG सिलेंडर डिलीवरी के लिए अब DAC नंबर जरूरी हो गया है. अगर आपके पास यह कोड नहीं है, तो बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिलेगा. जानिए इसे कैसे प्राप्त करें.

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अगर आप गैस सिलेंडर बुक करते हैं लेकिन डिलीवरी के समय भी नहीं मिलता, तो वजह सिर्फ सप्लाई की कमी नहीं हो सकती. अब LPG डिलीवरी से जुड़ा एक नया नियम तेजी से लागू हो रहा है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. कई लोग बुकिंग के बावजूद सिलेंडर इसलिए नहीं ले पा रहे क्योंकि उनके पास एक जरूरी कोड नहीं होता. इस कोड के बिना अब डिलीवरी एजेंट सिलेंडर देने से मना कर सकता है.

क्या है DAC नंबर और क्यों हुआ जरूरी?

DAC यानी Delivery Authentication Code एक यूनिक सिक्योरिटी कोड है, जिसे सरकार ने LPG डिलीवरी सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए लागू किया है. यह कोड OTP की तरह काम करता है और हर बुकिंग के साथ अलग-अलग जनरेट होता है.
इसका मकसद फर्जी डिलीवरी, ब्लैक मार्केटिंग और गैस चोरी जैसी समस्याओं पर रोक लगाना है. जब तक ग्राहक यह कोड एजेंट को नहीं बताएगा, तब तक सिलेंडर की डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी.

कैसे मिलता है DAC नंबर?

DAC नंबर पाने के लिए आपको अलग से कोई आवेदन या प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत नहीं होती. जैसे ही आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से LPG सिलेंडर बुक करते हैं, यह कोड अपने आप जेनरेट हो जाता है.
यह कोड SMS, कॉल या व्हाट्सऐप के जरिये आपके मोबाइल पर भेजा जाता है. इसलिए जरूरी है कि आपका मोबाइल नंबर गैस एजेंसी के साथ अपडेटेड और एक्टिव हो.

क्यों नहीं मिल रहा कई लोगों को सिलेंडर?

देश के कई हिस्सों में लोग शिकायत कर रहे हैं कि बुकिंग के बावजूद उन्हें गैस नहीं मिल रही. इसका एक बड़ा कारण DAC नंबर की जानकारी का अभाव है.
डिलीवरी के समय अगर ग्राहक यह कोड नहीं बता पाता, तो एजेंट सिलेंडर वापस ले जाता है. कई बार लोगों को यह भी नहीं पता होता कि उनके मोबाइल पर भेजा गया मैसेज ही DAC कोड है.

अगर DAC नंबर नहीं मिला तो क्या करें?

अगर किसी तकनीकी वजह से आपके पास DAC नंबर नहीं पहुंचा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. आप डिलीवरी एजेंट से कहकर कोड दोबारा मंगवा सकते हैं.
इसके अलावा, आप अपनी गैस एजेंसी से संपर्क करके भी कोड प्राप्त कर सकते हैं. सबसे जरूरी बात यह है कि डिलीवरी के समय कोड आपके पास होना चाहिए.

नया सिस्टम कैसे बदल रहा LPG डिलीवरी का तरीका?

DAC सिस्टम लागू होने के बाद LPG डिलीवरी ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित हो गई है. इससे गलत बिलिंग और फर्जी डिलीवरी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है.
हालांकि, इसके लिए ग्राहकों को भी जागरूक रहना जरूरी है. एक छोटी सी जानकारी की कमी आपको सिलेंडर मिलने से रोक सकती है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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