LPG Cylinder नहीं मिलेगा अगर भूल गए ये नंबर, नया नियम जानकर बचाएं परेशानी

Updated:
विज्ञापन
lpgcylinder

lpg cylinder

LPG सिलेंडर डिलीवरी के लिए अब DAC नंबर जरूरी हो गया है. अगर आपके पास यह कोड नहीं है, तो बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिलेगा. जानिए इसे कैसे प्राप्त करें.

विज्ञापन

अगर आप गैस सिलेंडर बुक करते हैं लेकिन डिलीवरी के समय भी नहीं मिलता, तो वजह सिर्फ सप्लाई की कमी नहीं हो सकती. अब LPG डिलीवरी से जुड़ा एक नया नियम तेजी से लागू हो रहा है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. कई लोग बुकिंग के बावजूद सिलेंडर इसलिए नहीं ले पा रहे क्योंकि उनके पास एक जरूरी कोड नहीं होता. इस कोड के बिना अब डिलीवरी एजेंट सिलेंडर देने से मना कर सकता है.

क्या है DAC नंबर और क्यों हुआ जरूरी?

DAC यानी Delivery Authentication Code एक यूनिक सिक्योरिटी कोड है, जिसे सरकार ने LPG डिलीवरी सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए लागू किया है. यह कोड OTP की तरह काम करता है और हर बुकिंग के साथ अलग-अलग जनरेट होता है.
इसका मकसद फर्जी डिलीवरी, ब्लैक मार्केटिंग और गैस चोरी जैसी समस्याओं पर रोक लगाना है. जब तक ग्राहक यह कोड एजेंट को नहीं बताएगा, तब तक सिलेंडर की डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी.

कैसे मिलता है DAC नंबर?

DAC नंबर पाने के लिए आपको अलग से कोई आवेदन या प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत नहीं होती. जैसे ही आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से LPG सिलेंडर बुक करते हैं, यह कोड अपने आप जेनरेट हो जाता है.
यह कोड SMS, कॉल या व्हाट्सऐप के जरिये आपके मोबाइल पर भेजा जाता है. इसलिए जरूरी है कि आपका मोबाइल नंबर गैस एजेंसी के साथ अपडेटेड और एक्टिव हो.

क्यों नहीं मिल रहा कई लोगों को सिलेंडर?

देश के कई हिस्सों में लोग शिकायत कर रहे हैं कि बुकिंग के बावजूद उन्हें गैस नहीं मिल रही. इसका एक बड़ा कारण DAC नंबर की जानकारी का अभाव है.
डिलीवरी के समय अगर ग्राहक यह कोड नहीं बता पाता, तो एजेंट सिलेंडर वापस ले जाता है. कई बार लोगों को यह भी नहीं पता होता कि उनके मोबाइल पर भेजा गया मैसेज ही DAC कोड है.

अगर DAC नंबर नहीं मिला तो क्या करें?

अगर किसी तकनीकी वजह से आपके पास DAC नंबर नहीं पहुंचा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. आप डिलीवरी एजेंट से कहकर कोड दोबारा मंगवा सकते हैं.
इसके अलावा, आप अपनी गैस एजेंसी से संपर्क करके भी कोड प्राप्त कर सकते हैं. सबसे जरूरी बात यह है कि डिलीवरी के समय कोड आपके पास होना चाहिए.

नया सिस्टम कैसे बदल रहा LPG डिलीवरी का तरीका?

DAC सिस्टम लागू होने के बाद LPG डिलीवरी ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित हो गई है. इससे गलत बिलिंग और फर्जी डिलीवरी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है.
हालांकि, इसके लिए ग्राहकों को भी जागरूक रहना जरूरी है. एक छोटी सी जानकारी की कमी आपको सिलेंडर मिलने से रोक सकती है.

यह भी पढ़ें: एलपीजी क्राइसिस में इंडक्शन कुकर बनेंगे सहारा, फिलिप्स से बजाज तक देखें 10 ऑप्शंस

विज्ञापन
राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए [email protected] पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola