Google का रुख हुआ नरम, Play Store पर जल्द होगी इन ऐप्स की वापसी

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 18 Mar 2024 3:16 PM

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Google ने कहा कि देश की कंपनियों ने प्लेटफॉर्म से लाभ होने के बावजूद शुल्क का भुगतान करने से परहेज किया, जिनमें कई अच्छी तरह से स्थापित कंपनियां भी शामिल हैं.

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Google Play Store News: गूगल ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्ले स्टोर से कुछ ऐप्स को डीलिस्ट कर दिया था. इसके बाद सरकार ने गूगल द्वारा कुछ ऐप्स को प्ले स्टोर से हटाने पर कड़ा रुख अपनाया. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दाेनों पक्षों काे बातचीत के लिए बुलाया. अब इस मामले का समाधान होता दिखाई दे रहा है.

प्ले स्टोर पर सेवा शुल्क भुगतान को लेकर गूगल और भारतीय कंपनियों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए सरकारी हस्तक्षेप के बाद गूगल भारतीय ऐप को बहाल करने पर सहमत हो गई है. Google: गूगल प्ले स्टोर से कई ऐप्स गायब, सरकार ने अपनाया कड़ा रुख

दूरसंचार और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गूगल और स्टार्टअप को बातचीत की मेज पर बुलाया था. उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनी भारत की प्रौद्योगिकी विकास यात्रा का समर्थन कर रही है.

उन्होंने कहा, गूगल और स्टार्टअप समुदाय ने हमसे मुलाकात की है, और हमारे बीच बेहद रचनात्मक चर्चा हुई है. गूगल सभी ऐप को सूचीबद्ध करने के लिए सहमत हो गई है. Play Store से नौकरी, शिक्षा, 99 एकड़ ऐप गायब होने पर इंफो एज ने क्या कहा? जानें

गूगल ने इन-ऐप भुगतान दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने का हवाला देते हुए शुक्रवार को अपने प्ले स्टोर से एक दर्जन डेवलपर्स के ऐप को हटा दिया था. इनमें लोकप्रिय मैट्रीमोनी डॉट कॉम और रोजगार ऐप नौकरी डॉट कॉम शामिल थे.

सरकार ने गूगल के इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई, और कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. इसके बाद गूगल ने शनिवार से कुछ ऐप को बहाल कर दिया. ये ऐप 11-25 प्रतिशत शुल्क का भुगतान करने या ऐप के बाहर वित्तीय लेनदेन करने के लिए उसके दिशानिर्देश का पालन करने को सहमत हो गए थे. Google Play Store से हटाये गए भारतीय ऐप्स को फिर मिली एंट्री, भारत सरकार की सख्ती बाद बदला फैसला

वैष्णव और सूचना एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इस संकट का समाधान खोजने के लिए सोमवार को गूगल और ऐप मालिकों के साथ कई दौर की चर्चा की. वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि गूगल बीते शुक्रवार सुबह की स्थिति को बहाल करने के लिए सहमत हो गई है.

पीटाआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा- हमें भरोसा है कि गूगल और स्टार्टअप समुदाय आने वाले महीनों में एक दीर्घकालिक समाधान तक पहुंचने में सक्षम होंगे. उन्होंने संकेत दिया कि दोनों पक्ष साथ में बैठेंगे और सेवा शुल्क लगाने के मुद्दे को सुलझाएंगे. Google Removes Apps: इन ऐप्स पर गूगल की बड़ी कार्रवाई, यहां देखें पूरी लिस्ट

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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