Earth Mini Moon: धरती को मिला दूसरा चांद, 2 महीने लगाएगा चक्कर, जानिए कैसा दिखेगा मिनी-मून

Updated:
विज्ञापन
2024 pt5 Earth Mini Moon

2024 pt5 Earth Mini Moon / Symbolic (X)

Earth Mini Moon: धरती का नया मिनी-मून केवल 10 मीटर यानी लगभग 35 फीट व्यास वाला है. यह एस्टेरॉयड धरती के चारों ओर 53 दिनों तक रहेगा. अपने असली वाले चंद्रमा से कितना अलग होगा यह मिनी मून? जानिए-

विज्ञापन

Earth Mini Moon: सूर्य और चंद्रमा, पृथ्वी के आसमान में हमें नजर आनेवाली सबसे अनोखी चीजें हैं. हमारे दिन और रात, पर्व और त्योहार इन पर आधारित होते हैं. सूर्य स्थिर है और पृथ्वी उसकी परिक्रमा करती है, और चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है. और इसलिए विज्ञान की भाषा में उसे प्राकृतिक उपग्रह कहते हैं. विज्ञान कहता है कि जब किसी ग्रह की कोई वस्तु उसकी परिक्रमा करती है, तो उसे उपग्रह माना जाता है. पृथ्वी के पास जल्द ही हमें दो चंद्रमा घूमते दिखाई देंगे.

29 सितंबर से 25 नवंबर तक रहेगा पृथ्वी के आसपास

जी हां, पृथ्वी के चंद्रमा को जल्द ही एक नया साथी मिलने वाला है. यह मिनी मून लगभग दो महीने तक पृथ्वी के चक्कर लगायेगा. दरअसल, ऐसा एक दुर्लभ खगोलीय घटना से संभव हुआ है, जिसके तहत एक छोटा एस्टेरॉयड, यानी क्षुद्रग्रह, धरती के गुरुत्वाकर्षण में फंसकर 29 सितंबर से 25 नवंबर तक हमारी पृथ्वी की परिक्रमा करेगा. 25 नवंबर 2024 के बाद यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकल जाएगा और फिर से सूर्य की परिक्रमा करने लगेगा. इस एस्टेरॉयड का नाम 2024 PT5 है और इसे नासा के एस्टेरॉयड टेरिस्ट्रियल-इम्पैक्ट लास्ट अलर्ट सिस्टम (ATLAS) ने खोजा है.

Asteroid mini-moon animation via Tony Dunn on X

घोड़े की नाल के आकार में करेगा पृथ्वी की परिक्रमा

दो महीने के लिए धरती का मिनी मून बना इस एस्टेरॉयड का नाम 2024 PT5 है. इसे 7 अगस्त को खोजा गया था. इसका व्यास, यानी डायमीटर लगभग 10 मीटर (लगभग 33 फीट) है. यह 29 सितंबर से 25 नवंबर तक चांद की तरह पृथ्वी के चक्कर लगाएगा, इसलिए इसे मिनी मून नाम दिया गया है. स्पीड बहुत कम होने की वजह से आनेवाले दो महीने में यह एस्टेरॉयड पृथ्वी का एक चक्कर भी पूरा नहीं कर पाएगा. घोड़े की नाल के आकार में पृथ्वी की परिक्रमा करने के बाद यह वापस अपनी ऑर्बिट में चला जाएगा. आपको मालूम है कि चंद्रमा हमारी धरती का एक चक्कर लगाने में 30 दिनों का समय लेता है.

छोटा और धुंधला होने से देखना मुश्किल

सूर्य के चक्कर लगाते हुए यह एस्टेरॉयड पृथ्वी के पास पहुंच चुका है. इस वजह से यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल से खिंचकर पृथ्वी के चक्कर लगाने लगा है. 25 नवंबर के बाद इस पर गुरुत्वाकर्षण का असर खत्म हो जाएगा. और तब यह धीरे-धीरे पृथ्वी से दूर हो जाएगा और वापस सूरज की ऑर्बिट में लौट जाएगा. इससे पहले, साल 1981 और 2022 में भी पृथ्वी को 2022 NX1 नाम का एक मिनी मून मिला था, जिसने धरती के चारों ओर अधूरा चक्कर लगाया था और अब इसके 2051 में दोबारा लौटने की संभावना है. 2024 PT5 इतना धुंधला होगा कि इसे नंगी आंखों से तो क्या, सामान्य खगोलीय दूरबीनों से भी नहीं देखा जा सकेगा. इसे सिर्फ 22 मैग्निट्यूड वाले एडवांस ऑब्जरवेटरी से देखा जा सकेगा.

JIO के फ्री 100GB ऑफर के जवाब में Google लाया सस्ता प्लान, जानिए पैसा कितना लगेगा

Vivo T3 Ultra 5G Price: 50MP सेल्फी कैमरा, 12GB RAM और AI फीचर्स के साथ आया वीवो का नया फोन; कितनी है कीमत?

विज्ञापन
Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola