Earth Mini Moon: धरती को मिला दूसरा चांद, 2 महीने लगाएगा चक्कर, जानिए कैसा दिखेगा मिनी-मून

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 15 Sep 2024 2:32 PM

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2024 pt5 Earth Mini Moon / Symbolic (X)

Earth Mini Moon: धरती का नया मिनी-मून केवल 10 मीटर यानी लगभग 35 फीट व्यास वाला है. यह एस्टेरॉयड धरती के चारों ओर 53 दिनों तक रहेगा. अपने असली वाले चंद्रमा से कितना अलग होगा यह मिनी मून? जानिए-

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Earth Mini Moon: सूर्य और चंद्रमा, पृथ्वी के आसमान में हमें नजर आनेवाली सबसे अनोखी चीजें हैं. हमारे दिन और रात, पर्व और त्योहार इन पर आधारित होते हैं. सूर्य स्थिर है और पृथ्वी उसकी परिक्रमा करती है, और चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है. और इसलिए विज्ञान की भाषा में उसे प्राकृतिक उपग्रह कहते हैं. विज्ञान कहता है कि जब किसी ग्रह की कोई वस्तु उसकी परिक्रमा करती है, तो उसे उपग्रह माना जाता है. पृथ्वी के पास जल्द ही हमें दो चंद्रमा घूमते दिखाई देंगे.

29 सितंबर से 25 नवंबर तक रहेगा पृथ्वी के आसपास

जी हां, पृथ्वी के चंद्रमा को जल्द ही एक नया साथी मिलने वाला है. यह मिनी मून लगभग दो महीने तक पृथ्वी के चक्कर लगायेगा. दरअसल, ऐसा एक दुर्लभ खगोलीय घटना से संभव हुआ है, जिसके तहत एक छोटा एस्टेरॉयड, यानी क्षुद्रग्रह, धरती के गुरुत्वाकर्षण में फंसकर 29 सितंबर से 25 नवंबर तक हमारी पृथ्वी की परिक्रमा करेगा. 25 नवंबर 2024 के बाद यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकल जाएगा और फिर से सूर्य की परिक्रमा करने लगेगा. इस एस्टेरॉयड का नाम 2024 PT5 है और इसे नासा के एस्टेरॉयड टेरिस्ट्रियल-इम्पैक्ट लास्ट अलर्ट सिस्टम (ATLAS) ने खोजा है.

Asteroid mini-moon animation via Tony Dunn on X

घोड़े की नाल के आकार में करेगा पृथ्वी की परिक्रमा

दो महीने के लिए धरती का मिनी मून बना इस एस्टेरॉयड का नाम 2024 PT5 है. इसे 7 अगस्त को खोजा गया था. इसका व्यास, यानी डायमीटर लगभग 10 मीटर (लगभग 33 फीट) है. यह 29 सितंबर से 25 नवंबर तक चांद की तरह पृथ्वी के चक्कर लगाएगा, इसलिए इसे मिनी मून नाम दिया गया है. स्पीड बहुत कम होने की वजह से आनेवाले दो महीने में यह एस्टेरॉयड पृथ्वी का एक चक्कर भी पूरा नहीं कर पाएगा. घोड़े की नाल के आकार में पृथ्वी की परिक्रमा करने के बाद यह वापस अपनी ऑर्बिट में चला जाएगा. आपको मालूम है कि चंद्रमा हमारी धरती का एक चक्कर लगाने में 30 दिनों का समय लेता है.

छोटा और धुंधला होने से देखना मुश्किल

सूर्य के चक्कर लगाते हुए यह एस्टेरॉयड पृथ्वी के पास पहुंच चुका है. इस वजह से यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल से खिंचकर पृथ्वी के चक्कर लगाने लगा है. 25 नवंबर के बाद इस पर गुरुत्वाकर्षण का असर खत्म हो जाएगा. और तब यह धीरे-धीरे पृथ्वी से दूर हो जाएगा और वापस सूरज की ऑर्बिट में लौट जाएगा. इससे पहले, साल 1981 और 2022 में भी पृथ्वी को 2022 NX1 नाम का एक मिनी मून मिला था, जिसने धरती के चारों ओर अधूरा चक्कर लगाया था और अब इसके 2051 में दोबारा लौटने की संभावना है. 2024 PT5 इतना धुंधला होगा कि इसे नंगी आंखों से तो क्या, सामान्य खगोलीय दूरबीनों से भी नहीं देखा जा सकेगा. इसे सिर्फ 22 मैग्निट्यूड वाले एडवांस ऑब्जरवेटरी से देखा जा सकेगा.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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