क्या आपका वॉलपेपर चूस रहा फोन की बैटरी? जानें LCD, OLED और AMOLED स्क्रीन पर कैसी वॉलपेपर लगानी चाहिए

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Phone Wallpaper: हम स्क्रीन को खूबसूरत बनाने के लिए तरह-तरह के वॉलपेपर लगाते हैं. लेकिन कई लोगों के मन में ये सवाल आता है कि क्या बार-बार वॉलपेपर बदलने से बैटरी पर असर पड़ता है? कुछ वॉलपेपर बैटरी बचाते हैं, तो कुछ धीरे-धीरे खत्म करते हैं. अपनी स्क्रीन के काम करने के तरीके को समझकर आप सही वॉलपेपर चुन सकते हैं.

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Phone Wallpaper: हमारे स्मार्टफोन के इस्तेमाल में सबसे अहम रोल उसकी स्क्रीन और उसपर लगे वॉलपेपर का होता है. हम स्क्रीन को खूबसूरत बनाने के लिए तरह-तरह के वॉलपेपर लगाते हैं. लेकिन कई लोगों के मन में ये सवाल आता है कि क्या बार-बार वॉलपेपर बदलने से बैटरी पर असर पड़ता है? सुनने में ये सवाल थोड़ा अटपटा जरूर लगे, लेकिन इसका जवाब कई टेक्निकल चीजों पर निर्भर करता है. जैसे डिस्प्ले टेक्नोलॉजी, GPU पर पड़ने वाला लोड, वॉलपेपर के रंग और उसमें मौजूद एनिमेशन. आइए आपको इसके बारे में डिटेल में बताते हैं.

स्टेटिक वॉलपेपर नहीं डालते बैटरी पर असर

स्टेटिक वॉलपेपर या नॉर्मल फोटो बैकग्राउंड बस स्क्रीन पर दिखते रहते हैं, इनमें कोई लगातार काम नहीं चलता है. GPU भी इन्हें बार-बार रेंडर नहीं करता. इसलिए बैटरी पर इनका लगभग कोई असर नहीं पड़ता. फोन की बैटरी असल में स्क्रीन की ब्राइटनेस और चल रहे ऐप्स ज्यादा खर्च करते हैं, न कि स्टेटिक वॉलपेपर.

लाइव या एनिमेटेड वॉलपेपर जल्दी खत्म करते हैं फोन की बैटरी

लाइव या एनिमेटेड वॉलपेपर फोन की बैटरी को काफी तेजी से खत्म करते हैं. ये मूव होने वाले या 3D बैकग्राउंड देखने में तो अच्छे लगते हैं, लेकिन इन्हें लगातार फ्रेम रेंडर करना पड़ता है, जिससे GPU और CPU हर समय एक्टिव रहते हैं. कुछ वॉलपेपर सेंसर भी यूज करते हैं, जिससे RAM की खपत और बढ़ जाती है. खासकर 90Hz या 120Hz जैसे हाई रिफ्रेश रेट वाले फोन में इनका असर और ज्यादा होता है, और बैटरी 10% से 25% तक तेजी से ड्रेन हो सकती है.

LCD, OLED और AMOLED स्क्रीन पर कैसी वॉलपेपर लगानी चाहिए?

LCD और OLED/AMOLED डिस्प्ले में काफी फर्क होता है. OLED स्क्रीन में हर पिक्सल खुद रोशनी देता है. इसलिए जब स्क्रीन पर काला रंग दिखता है, तो ये पिक्सल पूरी तरह बंद हो जाते हैं और बिल्कुल भी पावर नहीं लेते. इसी वजह से काले या डार्क वॉलपेपर लगाने से कई पिक्सल बंद रहते हैं, जिससे बैटरी बचती है. यही कारण है कि AMOLED फोन में डार्क मोड और ब्लैक वॉलपेपर ज्यादा बेहतर माने जाते हैं. इसके उलट, सफेद या बहुत ब्राइट वॉलपेपर में सभी पिक्सल फुल पॉवर पर काम करते हैं, जिससे बैटरी ज्यादा खर्च होती है.

LCD स्क्रीन पर वॉलपेपर का लगभग कोई फर्क नहीं पड़ता. इनमें बैकलाइट हमेशा ऑन रहती है, चाहे आपने ब्लैक वॉलपेपर लगाया हो या वाइट. बैकलाइट की पावर खपत वही रहती है, इसलिए बैटरी पर इसका असर ना के बराबर होता है. यानी अगर आपके फोन में LCD स्क्रीन है, तो वॉलपेपर का रंग बैटरी लाइफ को खास प्रभावित नहीं करता.

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Ankit Anand

लेखक के बारे में

By Ankit Anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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