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CCTV Surveillance Hackathon 2.0: AI और फोरेंसिक इनोवेशन के साथ भारत की साइबर सुरक्षा को नयी दिशा

Updated at : 01 Oct 2025 3:41 PM (IST)
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CCTV Surveillance Hackathon 2.0

दिल्ली में CCTV हैकथॉन 2.0: साइबर सुरक्षा में भारत का बड़ा कदम

BPR&D द्वारा आयोजित सीसीटीवी निगरानी हैकथॉन 2.0 में 768 टीमों ने भाग लिया. जानिए कैसे यह आयोजन भारत की साइबर सुरक्षा को नई दिशा दे रहा है

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नयी दिल्ली में पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) और साइबरपीस फाउंडेशन के सहयोग से सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा और फोरेंसिक हैकथॉन 2.0 का आयोजन किया. यह दो दिवसीय कार्यक्रम तकनीकी नवाचार, साइबर सुरक्षा और स्वदेशी समाधानों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ.

हैकथॉन का उद्देश्य

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए स्वदेशी, सुरक्षित, मापनीय और किफायती सीसीटीवी समाधान विकसित करना था. BPR&D ने तकनीक और पुलिसिंग के बीच की खाई को पाटने के लिए इस हैकथॉन को एक मंच के रूप में प्रस्तुत किया.

भागीदारी और नवाचार

  • कुल 768 टीमों ने भाग लिया, जिनमें 739 शिक्षा जगत और 29 उद्योग जगत से थीं
  • महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और अधिक समावेशी बनाया
  • प्रतियोगिता को चार क्षेत्रों में विभाजित किया गया:
    • एआई-सक्षम निगरानी
    • साइबर सुरक्षा
    • किफायती मॉडल
    • स्वदेशी हार्डवेयर समाधान

विजेता और सम्मान

कठोर चयन प्रक्रिया के बाद 10 टीमों को फाइनल में चुना गया. इनमें से मनु श्री, श्लोक रावत और वैशाल मालू ने शीर्ष तीन स्थान प्राप्त किए. तीन टीमों को सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए.

विशेषज्ञों की राय

  • आलोक रंजन (महानिदेशक, BPR&D): यह हैकथॉन पुलिसिंग में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
  • रवि जोसेफ लोक्कू (अपर महानिदेशक): युवा प्रतिभाएं सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभा सकती हैं.
  • मेजर विनीत कुमार (साइबरपीस फाउंडेशन): भारत को आयातित प्रणालियों से मुक्त कर स्वदेशी एआई-आधारित समाधान अपनाने की आवश्यकता है.

साइबर सुरक्षा और नैतिकता

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने जोर दिया कि निगरानी तकनीकों में साइबर सुरक्षा, गोपनीयता और नैतिक सुरक्षा को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए ताकि एक सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल भविष्य सुनिश्चित किया जा सके.

इनोवेशन की कमी नहीं

सीसीटीवी हैकथॉन 2.0 ने यह साबित कर दिया कि भारत में तकनीकी नवाचार की कोई कमी नहीं है. यह पहल भविष्य की पुलिसिंग और डिजिटल फोरेंसिक को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है.

CCTV Surveillance Hackathon 2.0: FAQs

Q1: हैकथॉन का उद्देश्य क्या था?

स्वदेशी, सुरक्षित और किफायती सीसीटीवी समाधान विकसित करना.

Q2: कितनी टीमों ने भाग लिया?

कुल 768 टीमों ने, जिनमें 739 शिक्षा जगत और 29 उद्योग जगत से थीं.

Q3: विजेता कौन रहे?

मनु श्री, श्लोक रावत और वैशाल मालू ने शीर्ष स्थान प्राप्त किये.

Q4: हैकथॉन में कौन-कौन से क्षेत्र शामिल थे?

AI निगरानी, साइबर सुरक्षा, किफायती मॉडल और स्वदेशी हार्डवेयर समाधान.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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