CCTV Surveillance Hackathon 2.0: AI और फोरेंसिक इनोवेशन के साथ भारत की साइबर सुरक्षा को नयी दिशा

Edited by Rajeev Kumar
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दिल्ली में CCTV हैकथॉन 2.0: साइबर सुरक्षा में भारत का बड़ा कदम

BPR&D द्वारा आयोजित सीसीटीवी निगरानी हैकथॉन 2.0 में 768 टीमों ने भाग लिया. जानिए कैसे यह आयोजन भारत की साइबर सुरक्षा को नई दिशा दे रहा है

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नयी दिल्ली में पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) और साइबरपीस फाउंडेशन के सहयोग से सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा और फोरेंसिक हैकथॉन 2.0 का आयोजन किया. यह दो दिवसीय कार्यक्रम तकनीकी नवाचार, साइबर सुरक्षा और स्वदेशी समाधानों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ.

हैकथॉन का उद्देश्य

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए स्वदेशी, सुरक्षित, मापनीय और किफायती सीसीटीवी समाधान विकसित करना था. BPR&D ने तकनीक और पुलिसिंग के बीच की खाई को पाटने के लिए इस हैकथॉन को एक मंच के रूप में प्रस्तुत किया.

भागीदारी और नवाचार

  • कुल 768 टीमों ने भाग लिया, जिनमें 739 शिक्षा जगत और 29 उद्योग जगत से थीं
  • महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और अधिक समावेशी बनाया
  • प्रतियोगिता को चार क्षेत्रों में विभाजित किया गया:
    • एआई-सक्षम निगरानी
    • साइबर सुरक्षा
    • किफायती मॉडल
    • स्वदेशी हार्डवेयर समाधान

विजेता और सम्मान

कठोर चयन प्रक्रिया के बाद 10 टीमों को फाइनल में चुना गया. इनमें से मनु श्री, श्लोक रावत और वैशाल मालू ने शीर्ष तीन स्थान प्राप्त किए. तीन टीमों को सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए.

विशेषज्ञों की राय

  • आलोक रंजन (महानिदेशक, BPR&D): यह हैकथॉन पुलिसिंग में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
  • रवि जोसेफ लोक्कू (अपर महानिदेशक): युवा प्रतिभाएं सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभा सकती हैं.
  • मेजर विनीत कुमार (साइबरपीस फाउंडेशन): भारत को आयातित प्रणालियों से मुक्त कर स्वदेशी एआई-आधारित समाधान अपनाने की आवश्यकता है.

साइबर सुरक्षा और नैतिकता

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने जोर दिया कि निगरानी तकनीकों में साइबर सुरक्षा, गोपनीयता और नैतिक सुरक्षा को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए ताकि एक सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल भविष्य सुनिश्चित किया जा सके.

इनोवेशन की कमी नहीं

सीसीटीवी हैकथॉन 2.0 ने यह साबित कर दिया कि भारत में तकनीकी नवाचार की कोई कमी नहीं है. यह पहल भविष्य की पुलिसिंग और डिजिटल फोरेंसिक को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है.

CCTV Surveillance Hackathon 2.0: FAQs

Q1: हैकथॉन का उद्देश्य क्या था?

स्वदेशी, सुरक्षित और किफायती सीसीटीवी समाधान विकसित करना.

Q2: कितनी टीमों ने भाग लिया?

कुल 768 टीमों ने, जिनमें 739 शिक्षा जगत और 29 उद्योग जगत से थीं.

Q3: विजेता कौन रहे?

मनु श्री, श्लोक रावत और वैशाल मालू ने शीर्ष स्थान प्राप्त किये.

Q4: हैकथॉन में कौन-कौन से क्षेत्र शामिल थे?

AI निगरानी, साइबर सुरक्षा, किफायती मॉडल और स्वदेशी हार्डवेयर समाधान.

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लेखक के बारे में

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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