AI से खत्म होंगी IT नौकरियां या बढ़ेगा बाजार? एक्सपर्ट ने बताया क्या है भविष्य का इशारा

Updated:
विज्ञापन
AI in IT industry

AI बदलेगा IT इंडस्ट्री का खेल, लेकिन खत्म नहीं होंगी नौकरियां / सिम्बॉलिक पिक एआइ से

Coforge CEO सुधीर सिंह के मुताबिक AI पारंपरिक IT मॉडल को बदल रहा है, लेकिन इससे टेक इंडस्ट्री का बाजार घटेगा नहीं. आने वाले वर्षों में AI आधारित सेवाओं से अरबों डॉलर के नए अवसर पैदा हो सकते हैं.

विज्ञापन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI ने दुनियाभर की IT इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है. लगातार यह सवाल उठ रहा है कि क्या AI आने वाले समय में पारंपरिक IT नौकरियों को खत्म कर देगा. इसी बीच भारत की बड़ी IT कंपनी Coforge ने इस बहस पर बड़ा बयान दिया है. कंपनी के CEO सुधीर सिंह का कहना है कि AI पारंपरिक लेबर-एज-ए-डिफॉल्ट मॉडल को जरूर बदल रहा है, लेकिन इससे IT सेवाओं का बाजार छोटा नहीं होगा. उल्टा आने वाले वर्षों में यह इंडस्ट्री कई नए अवसर पैदा कर सकती है.

AI बदल रहा है IT इंडस्ट्री का पुराना मॉडल

Coforge के मुताबिक, IT सेक्टर लंबे समय से ऐसे मॉडल पर चलता रहा है जहां ज्यादा लोगों की जरूरत को ही मुख्य आधार माना जाता था. लेकिन अब AI के आने से यह व्यवस्था तेजी से बदल रही है.

सुधीर सिंह ने कहा कि AI सिर्फ ऑटोमेशन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरी टेक सर्विस इंडस्ट्री का ढांचा बदल सकता है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि इसका मतलब नौकरियों का अंत नहीं है. नई टेक्नोलॉजी नए तरह के काम और स्किल्स की मांग भी बढ़ाएगी.

AI से बनेगा 800 अरब डॉलर का नया बाजार?

कंपनी ने निवेशकों को दी गई अपनी प्रस्तुति में दावा किया कि मौजूदा समय में AI आधारित टेक सर्विसेज का बाजार करीब 160 से 180 अरब डॉलर का है. लेकिन अगले पांच साल में यह बढ़कर करीब 800 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है.

Coforge का मानना है कि AI इंडस्ट्री के लिए सिर्फ चुनौती नहीं, बल्कि बड़ा बिजनेस अवसर भी बन रहा है. कंपनी के अनुसार AI आधारित प्रोजेक्ट्स में तेजी आने से टेक कंपनियों को नए रेवेन्यू सोर्स मिलेंगे.

AI से कोड बनाना आसान, लेकिन संभालना महंगा

पीटीआई-भाषा को दिये एक इंटरव्यू में सुधीर सिंह ने AI को लेकर एक दिलचस्प बात कही. उन्होंने बताया कि AI की मदद से कोड तैयार करना पहले के मुकाबले काफी सस्ता और तेज हो गया है, लेकिन असली चुनौती उसके बाद शुरू होती है.

उन्होंने कहा कि AI से बने सिस्टम का रखरखाव, सुरक्षा, मॉनिटरिंग और लगातार ट्रेनिंग काफी महंगी प्रक्रिया है. यानी AI पूरी तरह इंसानों की जगह नहीं लेगा, बल्कि नई तरह की टेक्निकल भूमिकाएं तैयार करेगा.

एजेंट AI बनेगा अगली बड़ी टेक लहर

Coforge CEO के मुताबिक, जिस तरह करीब 20 साल पहले क्लाउड टेक्नोलॉजी ने IT सेक्टर को बदल दिया था, उसी तरह अब Agent AI अगली बड़ी टेक क्रांति बन सकता है.

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कंपनियों को AI एजेंट्स की निगरानी, अपडेट और ऑपरेशन संभालने के लिए बड़े स्तर पर मैनेज्ड सर्विसेज की जरूरत पड़ेगी. इससे नए रोजगार और नई सर्विस कैटेगरी पैदा होंगी.

Coforge के नतीजों में भी दिखा AI का असर

कंपनी के ताजा वित्तीय नतीजों में भी मजबूत ग्रोथ देखने को मिली है. जनवरी-मार्च तिमाही में Coforge का शुद्ध लाभ दोगुना होकर 612 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया. वहीं कंपनी का राजस्व करीब 30 प्रतिशत बढ़कर 4,450 करोड़ रुपये रहा.

पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू लगभग 36 प्रतिशत बढ़ा, जबकि मुनाफा भी तेजी से ऊपर गया. Coforge ने बताया कि उसने 2025-26 में AI सेक्टर में बड़ा निवेश किया है और अब AI उसके बिजनेस ग्रोथ का अहम हिस्सा बन चुका है.

यह भी पढ़ें: गूगल का नया एआई एजेंट बनेगा आपकी डिजिटल लाइफ का 24/7 मैनेजर

यह भी पढ़ें: ChatGPT हुआ पहले से ज्यादा स्मार्ट, OpenAI ने लॉन्च किया GPT-5.5 Instant

विज्ञापन
राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola