Boss For Sale: यहां लोग बॉस और कलीग्स को बेच रहे ऑनलाइन, भाव भी मिल रहे अच्छे

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Say No to Toxic Work Culture / LinkedIn

Boss For Sale: टॉक्सिक वर्क कल्चर से परेशान होकर चीन में लोगों ने एक मजेदार ट्रेंड शुरू कर दिया है. बॉस हो या फिर कोई कलीग, वो ऑफिस में जिन लोगों से परेशान हैं, उन्हें ऑनलाइन बेच रहे हैं.

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Boss For Sale: वर्क प्लेस में काम के प्रेशर और ऑफिस पॉलिटिक्स से अधिकांश लोग जूझते हैं. कई लोग अपने बॉस के बिन बात भड़कने से, तो कई अपने सहकर्मियों की चुगली और अंदरूनी राजनीति से परेशान हो जाते हैं. ये बातें ऑफिस के माहौल को टॉक्सिक बनाती हैं.

टॉक्सिक वर्कप्लेस से निबटने का नायाब तरीका

बॉस अगर बात-बात पर भड़कता हो, तो कर्मचारी उन्हें टॉक्सिक कहने लगते हैं. वहीं, सहकर्मियों की चुगली या इंटरनल पॉलिटिक्स से भी परेशान होकर कई बार कर्मचारी नौकरी तक छोड़ देने को मजबूर हो जाते हैं. चीन में लोगों ने वर्क प्लेस के ऐसे स्ट्रेस से बचने का नायाब तरीका ढूंढ लिया है.

चीन में शुरू हुआ मजेदार ट्रेंड

जी हां, टॉक्सिक वर्क कल्चर से परेशान होकर चीन में लोगों ने एक मजेदार ट्रेंड शुरू कर दिया है. बॉस हो या फिर कोई कलीग, वो ऑफिस में जिन लोगों से परेशान हैं, उन्हें ऑनलाइन बेच रहे हैं. ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म अलीबाबा के सेकेंड हैंड सामान बेचने वाली साइट जियानयू पर लोग अपने बॉस, सहकर्मियों और नौकरियों को बेच रहे हैं. चीन में यह ट्रेंड जोरदार ढंग से वायरल हो रहा है.

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कैसी-कैसी लिस्टिंग्स?

चीन में यंग प्रोफेशनल्स अपने जॉब स्ट्रेस से निपटने के लिए अनोखे और मनोरंजक तरीके अपना रहे हैं. नया ट्रेंड अपने बॉस, सहकर्मियों और नौकरियों को सेकेंड-हैंड मार्केट प्लेस पर बेचने का है. ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ के अनुसार, ई-कॉमर्स वेबसाइट पर ‘टॉर्चर बॉस’, ‘भयानक नौकरियां’ और ‘घटिया सहकर्मी’ के नाम से कई लिस्टिंग्स देखने को मिल रही हैं.

कोई अपनी जॉब से, तो कोई कलीग से परेशान

आपको जानकर हैरानी होगी कि किसी नॉर्मल प्रोडक्ट की तरह वर्कप्लेस से जुड़ी इन लिस्टिंग्स में बाकायदा आइटम्स की कीमत भी तय कर रखी गई है, जो लाखों रुपये में है. ऐसी ही एक लिस्टिंग में एक यूजर अपनी जॉब से परेशान नजर आता है. उसने अपनी नौकरी 90 हजार युआन में बेचने की बात कही है. उसने बताया है कि उसकी सालाना सैलरी 33 हजार युआन है और इसे खरीदने वाला तीन ही महीने में अपने पैसे वसूल कर सकता है. वहीं, एक अन्य यूजर अपने सहकर्मी से परेशान है. उसने पोस्ट किया है- मैं अपने एक सहकर्मी को बेच रहा हूं, जो तंज करने में माहिर है. उसकी कीमत 3,999 युआन हैं. इसके साथ मैं आपको इस सहकर्मी से निपटने का तरीका सिखा सकता हूं.

ऑनलाइन बेचकर बदला लेने का ट्रेंड हुआ पॉपुलर

मजेदार बात यह है कि सेलर्स की इन ऑफरिंग्स को खरीदने के लिए लोग आ भी जाते हैं. हालांकि यह बात अलग है कि ये सबकुछ केवल मजाक में किया जा रहा है. इसके तहत कोई डील वास्तविक नहीं होती है और न ही प्रोडक्ट को पैसे देकर खरीदा या बेचा जाता है. रिपोर्ट के अनुसार, एक विक्रेता ने बताया कि उसने भी जब लिस्टिंग डाली, तो कोई सच में पेमेंट करने आ गया था. ऐसे में उन्होंने उसे रिफंड दिया और अपनी लिस्टिंग डिलीट कर दी. यह सिर्फ अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए किया गया एक काम है. लोग अपने वर्कफ्रंट के फ्रस्ट्रेशन को दूर करने के लिए जियानयु पर अपनी नौकरियां तक बेचने के लिए लिस्ट करते हैं. यह उन्हें छोटा सा बदला लेने वाली खुशी जैसा लगता है. हालांकि इसमें पैसों का कोई लेनदेन नहीं होता है.

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राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

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राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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