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'भार्गवास्त्र': परशुराम के नाम पर बना भारत का घातक ड्रोन किलर, पाकिस्तान और चीन की नींद उड़ी

Updated at : 15 May 2025 5:12 PM (IST)
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Bhargavastra: महाभारत में भगवान परशुराम द्वारा बनाए गए अस्त्र 'भार्गवास्त्र' का इस्तेमाल किया गया था. वैसे ही अब अपने दुश्मनों से लड़ने के लिए भारतीय वैज्ञानिकों ने भी एक 'भार्गवास्त्र' का निर्माण कर दिया है. जिसका परीक्षण किया जा चुका है. 'भार्गवास्त्र' झुंड में आए ड्रोन को खत्म करने में सक्षम है.

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Bhargavastra: हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी. पाकिस्तान आधी रात में ड्रोन हमले कर रहा था. जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब भी दिया. इसके बाद से ही भारत और देश की नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार मजबूत कदम उठा रहा है. ऐसे में भारतीय सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने दुश्मनों के ड्रोन हमलों का मुकाबला करने के लिए देसी तोड़ निकाल लिया है.

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‘भार्गवास्त्र’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम

भगवान परशुराम के अस्त्र से प्रेरित होकर भारतीय वैज्ञानिकों ने भी ‘भार्गवास्त्र’ नाम का मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैयार कर लिया है. जिससे ड्रोन स्वार्म अटैक्स यानी एक साथ होने वाले ड्रोन के झुंडों से आसानी से निपटा जा सकता है. कम कीमत में तैयार किया गया ‘भार्गवास्त्र’ भारतीय सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस के वैज्ञानिकों द्वारा डिजाइन और डेवलप किया गया एंट्री ड्रोन सिस्टम है. जिसका ओडिशा के गोपालपुर में सीवर्ड फायरिंग रेंज में परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह से सफल रहा. परीक्षण के दौरान ‘भार्गवास्त्र’ ने अपने सभी टारगेट पूरे किए. तीन अलग-अलग किए गए परीक्षण में सिस्टम के चार माइक्रो रॉकेट्स सभी प्रदर्शन मानकों पर खरा उतरे. चारों माइक्रो रॉकेट्स टारगेट को निशान बना मिशन को पूरा करने में सफल रहे. भारतीय सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस के वैज्ञानिकों द्वारा डिजाइन और डेवलप किया गया भार्गवास्त्र 2.5 किमी तक की दूरी से आने वाले छोटे ड्रोनों का पता लगाकर उन्हें खत्म कर सकता है.

भार्गवास्त्र की खासियत

  • भारतीय सेना के एयर डिफेंस के लिए इस तरह का पहला सिस्टम बनाया गया है, जो ‘हार्ड किल’मोड में काम करता है. यानी कि दुश्मनों के ड्रोन को यह सीधे खत्म कर सकता है.
  • 6 किमी दूरी से भार्गवास्त्र दुश्मनों के छोटे ड्रोन को भी पहचान लेगा.
  • 2.5 किमी से ज्यादा दूरी तक भार्गवास्त्र अपने लक्ष्यों को भेद सकता है.
  • दुश्मन कि ओर से आने वाले ड्रोन्स को गाइडेड माइक्रो हथियारों से निशाना बनाने में सक्षम है.
  • भार्गवास्त्र एक साथ 64 माइक्रो मिसाइल लॉन्च कर सकता है.
  • ऊंचे और कठिन क्षत्रों में भी काम करेगा.
  • झुंड में आए ड्रोन्स को भी भार्गवास्त्र गिराने में सक्षम है.
  • एक बड़े क्षेत्र को एक साथ कवर कर सारे ड्रोन्स को गिरा सकता है.

दो लेयर में करता है काम

भार्गवास्त्र दो लेयर में काम करता है. जिसमें पहले लेयर में भार्गवास्त्र में अनगाइडेड माइक्रो रॉकेट्स का इस्तेमाल होता है. ये 20 मीटर के दायर में आने वाले ड्रोन के झुंड को पहचान कर एक साथ खत्म कर सकते हैं. ये रॉकेट्स किसी एक ड्रोन को लक्ष्य नहीं बनाते बल्कि एक साथ सबका सफाया कर गिरा सकते हैं.

वहीं, दूसरे लेयर में भार्गवास्त्र में गाइडेड माइक्रो-मिसाइल्स का इस्तेमाल होता है. ये मिसाइल्स दुश्मनों कि ओर से आने वाले ड्रोन पर सटीक निशाना लगाकर उन्हें गिराने में सक्षम है. ऐसे में पहले भार्गवास्त्र के रोकेट्स एक साथ ड्रोन के झुंडों को खत्म करेंगे फिर बचे हुए ड्रोन का इसके मिसाइल्स सफाया करेंगे.

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Shivani Shah

लेखक के बारे में

By Shivani Shah

डिजिटल पत्रकारिता में 3 सालों का अनुभव है. प्रभात खबर में जूनियर टेक कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हैं. टेक्नोलॉजी कैटेगरी में ये स्मार्टफोन से लेकर टेक-टिप्स, गैजेट्स, एआई, सॉफ्टवेयर और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च-बेस्ड, इन-डेप्थ और यूजर-फोकस्ड कंटेंट लिखती हैं. इसके अलावा ये ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं.

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