APAAR ID क्या है? यह कौन और कैसे बना सकता है? जानिए सबकुछ

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 15 Feb 2026 5:58 PM

विज्ञापन

एपीएएआर आईडी: अब छात्रों के सभी रिकॉर्ड एक क्लिक पर / फोटो apaarsid.com से

एपीएएआर आईडी छात्रों को एक यूनिक 12 अंकों की पहचान देती है, जिससे सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड DigiLocker में सुरक्षित रहते हैं. जानें इसके फायदे, पात्रता और बनाने की पूरी प्रक्रिया

विज्ञापन

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने 2023 में एपीएएआर आईडी (Automated Permanent Academic Account Registry ID) की शुरुआत की थी. इसे “वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी” भी कहा जाता है. यह एक डिजिटल पहचान है, जो छात्रों की सभी शैक्षणिक उपलब्धियों, प्रमाणपत्रों और रिकॉर्ड्स को एक ही जगह सुरक्षित रखती है.

एपीएएआर आईडी क्या है?

एपीएएआर आईडी एक 12 अंकों का यूनिक नंबर है, जिसके जरिये छात्र अपने सभी शैक्षणिक दस्तावेज डिजिटल रूप से ऐक्सेस कर सकते हैं. यह आधार कार्ड की तरह ही एक स्थायी पहचान है, लेकिन खासतौर पर शिक्षा क्षेत्र के लिए बनायी गई है. इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और राष्ट्रीय क्रेडिट एवं क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NCrF) के तहत लागू किया गया है.

एपीएएआर आईडी के फायदे

छात्रों को अब प्रमाणपत्र, मार्कशीट या अन्य दस्तावेज साथ रखने की जरूरत नहीं होगी. विश्वविद्यालयों, प्रतियोगी परीक्षाओं, नौकरी आवेदन या स्किलिंग कोर्स में केवल एपीएएआर आईडी बताने से रिकॉर्ड्स डिजिटल रूप से उपलब्ध हो जाएंगे. डुप्लीकेट रिकॉर्ड्स और धोखाधड़ी की संभावना कम होगी. छात्र कहीं भी पढ़ाई जारी रख सकेंगे, जिससे शिक्षा में लचीलापन और गतिशीलता बढ़ेगी. दस्तावेज खोने या खराब होने का डर खत्म होगा क्योंकि सब कुछ DigiLocker में सुरक्षित रहेगा.

एपीएएआर आईडी कैसे बनाएं?

छात्र को अपने स्कूल में जाकर व्यक्तिगत विवरण सत्यापित कराना होगा. यदि छात्र नाबालिग है तो अभिभावक की सहमति आवश्यक होगी. स्कूल द्वारा पहचान सत्यापन के बाद एपीएएआर आईडी तैयार की जाती है. यह आईडी स्वतः ही छात्र के DigiLocker खाते में जुड़ जाती है.

एपीएएआर आईडी के लिए पात्रता क्या है?

छात्र का नाम UDISE+ रिकॉर्ड और आधार कार्ड में बिल्कुल समान होना चाहिए. Permanent Education Number (PEN) होना अनिवार्य है. केवल वही छात्र आवेदन कर सकते हैं जो UDISE+ में पंजीकृत हैं.

स्टूडेंट्स की नयी पहचान

एपीएएआर आईडी छात्रों के लिए शिक्षा जगत में एक बड़ा बदलाव है. यह न केवल रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखता है बल्कि भविष्य में प्रवेश, परीक्षा और नौकरी की प्रक्रिया को भी आसान बनाता है. डिजिटल इंडिया की दिशा में यह कदम छात्रों को एक नयी पहचान और सुविधा देता है.

यह भी पढ़ें: पैन कार्ड पर अपना नाम ऑनलाइन कैसे बदलें? देखें जरूरी डॉक्यूमेंट्स और स्टेप-बाय-स्टेप प्रॉसेस

विज्ञापन
Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola