ChatGPT के सामने कहां टिकेगा Google का AI टूल BARD?

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 18 Feb 2023 1:18 PM

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ChatGPT ने AI की जंग को नये मुकाम पर ला खड़ा किया है. गूगल ने भी अपना एआई (AI) आधारित चैटबॉट बार्ड (Bard) पेश कर दिया है. अब सवाल यह है कि गूगल का यह चैटबॉट क्या चैट जीपीटी को टक्कर दे पाएगा. आइए जानते हैं गूगल बार्ड में क्या है और चैट जीपीटी के मुकाबले में यह कहां ठहरता है.

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ChatGPT vs Google Bard: पिछले कुछ दिनों से चैट जीपीटी (ChatGPT) बड़ी चर्चा में है. ओपन एआई (Open AI) के इस प्लैटफॉर्म को गूगल (Google) के विकल्प के तौर पर देखा जाने लगा है. इसे लेकर गूगल को टेंशन हो गई और उसने भी अपना एआई (AI) आधारित चैटबॉट बार्ड (Bard) पेश कर दिया है. अब सवाल यह है कि गूगल का यह चैटबॉट क्या चैट जीपीटी को टक्कर दे पाएगा. आइए जानते हैं गूगल बार्ड में क्या है और चैट जीपीटी के मुकाबले में यह कहां ठहरता है.

AI टेक्नोलॉजी की दुनिया का भविष्य

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को टेक्नोलॉजी की दुनिया का भविष्य माना जा रहा है. दिग्गज टेक कंपनियाें के बीच एआई में अपना वर्चस्व बढ़ाने की होड़ मची है. बीते साल नवंबर के अंतिम सप्ताह में आये ChatGPT ने AI की जंग को नये मुकाम पर ला खड़ा किया है. यह यूजर्स के सवालों का जवाब गूगल की तरह इंटरनेट से तलाशकर नहीं, बल्कि काफी हद तक इंसानों की तरह अपने मन से देता है. ChatGPT के मुकाबले में गूगल अपना एआई टूल बार्ड (Bard) लेकर आयी है. इसे फिलहाल टेस्टिंग के लिए जारी किया गया है. सार्वजनिक तौर पर यह कुछ दिनों बाद रिलीज होगा. अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने इसकी जानकारी दी है.

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Google BARD क्या है?

गूगल का यह चैटबॉट माइक्रोसॉफ्ट के चैटजीपटी (ChatGPT) से मुकाबला करने के लिए बनाया गया है. गूगल अपने एआई टूल बार्ड पर पिछले 6 सालों से काम कर रहा था. अब कंपनी इस टूल को जल्द ही ऑफिशियली लॉन्च करने वाली है. बार्ड भी एक एआई टूल है, जिसे गूगल ने लैंग्वेज मॉडल फॉर डायलॉग एप्लीकेशन (LaMDA) से तैयार किया है. सुंदर पिचाई ने बताया है कि यह भी चैट जीपीटी की तरह सवालों के जवाब देगा. यहां आपको वह जानकारी मिलेगी जो इंटरनेट पर उपलब्ध है. इसका मतलब यह कि इंटरनेट पर जो भी ताजा जानकारी आ रही है, यह टूल उसके अनुसार आपके सवालों का जवाब देगा.

ChatGPT और Google Bard के बीच अंतर क्या है?

चैट जीपीटी अपने यूजर को वह जानकारी देता है, जो उसमें फीड की गई है जबकि गूगल का नया एआई टूल बार्ड इंटरनेट पर मौजूद ताजातरीन जानकारी के हिसाब से आपको सवालों के जवाब दे सकता है. वहीं, चैट जीपीटी में 2021 तक का डेटा फीड किया गया है और वह उसी हिसाब से आपको सवालों के जवाब देता है. यानी चैट जीपीटी का ज्ञान 2021 तक ही सीमित है. अगर आप आज की तारीख में चैट जीपीटी से कोई सवाल पूछेंगे, तो आपको उसी तारीख तक की जानकारी आपको मिलेगी, जब तक का डेटा उसके पास फीड किया गया है. ऐसे में गलती की संभावना बढ़ जाती है.

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गूगल का एआई टूल फिलहाल लाइव नहीं है इसलिए इस बारे ज्यादा जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है. यह टूल अभी टेस्टिंग फेज में है, एक बार जब यह आम यूजर्स के लिए लाइव हो जाए, तो बेहतर तरीके से दोनों के बीच अंतर समझा जा सकेगा. आसान भाषा में कहें, तो चैट जीपीटी फीडेड डेटा के अनुसार यूजर के सवालों के जवाब देता है, जबकि बार्ड इंटरनेट पर मौजूद लेटेस्ट इनफाॅर्मेशन के आधार पर जवाब तैयार करके देता है.

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लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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