Cyber Crime : फोन पे, पेटीएम का ऑनलाइन लिंक बनाकर ठगी करनेवाले के पास से मिले 5 लाख लोगों के मोबाइल नंबर

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 17 Aug 2023 9:38 AM

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beware of cyber fraud - पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर क्रिमिनल को गिरफ्तार किया है जो फोन पे, पेटीएम का ऑनलाइन लिंक बनाकर लोगों से पैन कार्ड ब्लॉक होने का मैसेज भेज कर ठगी करता था.

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Cyber Crime Alert : साइबर क्रिमिनल्स के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में झारखंड की गिरिडीह पुलिस को सफलता मिली है. इस बार पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर क्रिमिनल को गिरफ्तार किया है जो फोन पे, पेटीएम का ऑनलाइन लिंक बनाकर लोगों से पैन कार्ड ब्लॉक होने का मैसेज भेज कर ठगी करता था.

गिरफ्तार साइबर क्रिमिनल के पास से पुलिस ने पांच लाख लोगों के मोबाइल नंबर बरामद की है. मुफस्सिल थाना इलाके के सिहोडीह के एक होटल में छापामारी कर बेंगाबाद थाना क्षेत्र के महदैया निवासी शंकर मंडल को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार साइबर क्रिमिनल के पास से पुलिस ने दो मोबाइल फोन बरामद किया है.

पैन कार्ड ब्लॉक होने का मैसेज भेज कर ठगी

गिरिडीह एसपी दीपक कुमार शर्मा को गुप्त सूचना मिली कि सिहोडीह के एक होटल में कुछ साइबर क्रिमिनल्स लोगों को फोन पे, पेटीएम का ऑनलाइन लिंक बना कर लोगों से पैन कार्ड ब्लॉक होने का मैसेज भेज कर ठगी कर रहे हैं. सूचना के बाद त्वरित एक्क्शन लेते हुए एक टीम का गठन किया गया और उस होटल से आरोपी शंकर मंडल को गिरफ्तार किया गया.

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पांच लाख लोगों का मोबाइल नंबर मिला

गिरफ्तार साइबर क्रिमिनल शंकर के पास से पुलिस ने दो मोबाइल फोन बरामद किया. जब शंकर के मोबाइल फोन की जांच की गई, तो उसमें यूपीआई, योनो, रिलायंस डीजिटल का वाउचर से ट्रांजैक्शन का वीडियो, एक्सिस बैंक का लॉगिंग स्क्रीनशॉट एवं अन्य बैंक के जरिये किये गए अवैध ट्रांजैक्शन का साक्ष्य मिला. इसके अलावा मोबाइल के एक शीट में करीब पांच लाख लोगों का मोबाइल नंबर और डेटा पाया गया. पूछताछ में शंकर ने अपने कई साथियों का नाम बताया है, जिसे लेकर पुलिस छापामारी कर रही है.

गूगल पे से उड़ाये 30 हजार

पुलिस लगातार साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर छापामारी अभियान चला रही है. हाल के 10 दिनों में 12 से अधिक साइबर क्रिमिनल्स को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. ये सभी साइबर क्रिमिनल बैंक में रखे गरीबों के पैसे की ठगी करते हैं. वहीं, गुमला में भी साइबर क्रिमिनल्स ने एक महिला से 29,804 रुपये की ठगी की.

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पीड़ित ने बताया कि पिछले दिनों मोबाइल नंबर पर एक कॉल आया. फोन करनेवाले ने खुद को गुमला सदर अस्पताल का कर्मी बताया. कहा कि आपके बच्चे के इलाज का पैसा अकाउंट में नहीं जा रहा है, इसलिए आप गूगल पे का नंबर दीजिए. इस पर साइबर क्रिमिनल को गूगल पे का नंबर दिया गया. इसके बाद साइबर क्रिमिनल ने पीड़ित को एक रुपया भेजा.

रुपया रिसीव करने के कुछ देर बाद उसके अकाउंट से पहले 9,805 रुपये ट्रांसफर हो गए. फिर, कुछ देर बाद 19,999 रुपये कट गए. इसके बाद से साइबर क्रिमिनल्स ने अपना मोबाइल बंद कर दिया. ठगे जाने का एहसास होने के बाद पीड़ित ने थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग करते हुए ठगी के रुपये वापस दिलाने की मांग की है.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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