नया बाजार में नहीं होगा लोडिंग-अनलोडिंग का काम

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Oct 2016 1:21 AM

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सिलीगुड़ी. तणमूल कांग्रेस की ट्रेड यूनियन एनडीएलएफ अनुमोदित सिलीगुड़ी मजदूर यूनियन के फरमान से व्यापारी-मजदूर असमंजस में हैं. वजह यूनियन ने फरमान जारी किया है कि अब रविवार को केवल मजदूर रेलवे के रैक का काम करेंगे. नया बाजार में कोई भी लोडिंग-अनलोडिंग का काम नहीं करेगा. जो भी काम करते पकड़ा गया उसे 2100 […]

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सिलीगुड़ी. तणमूल कांग्रेस की ट्रेड यूनियन एनडीएलएफ अनुमोदित सिलीगुड़ी मजदूर यूनियन के फरमान से व्यापारी-मजदूर असमंजस में हैं. वजह यूनियन ने फरमान जारी किया है कि अब रविवार को केवल मजदूर रेलवे के रैक का काम करेंगे. नया बाजार में कोई भी लोडिंग-अनलोडिंग का काम नहीं करेगा. जो भी काम करते पकड़ा गया उसे 2100 रुपये जुर्माने के रूप में भरना होगा. इसे लेकर यूनियन की ओर से पूरे बाजार में परचा बांटा जा रहा है. जिसमें उपरोक्त बातों का उल्लेख किया गया है.

लेकिन परचे में कहीं भी रविवार का उल्लेख नहीं होने से व्यापारी-मजदूर सभी असमंजस की स्थिति में हैं. व्यापारी इसलिए असमंजस में हैं कि पूरा सप्ताह ही अगर नया बाजार में लोडिंग-अनलोडिंग बंद रहने पर कारोबार कैसे चलेगा. वहीं, मजदूरों की परिस्थिति और भी सोचनीय हो गयी है. उनका मानना है कि यूनियन हमारे साथ ज्यादती कर रही है. अगर हम दिनभर काम नहीं करेंगे तो घर का चूल्हा भी नहीं जलेगा. हर रोज ही पूरे परिवार को भूखे सोना पड़ेगा. एक मजदूर ने कहा कि यूनियन मजदूरों की भलाई के लिए ही गठित हुई है न कि उनकी कमर तोड़ने के लिए. उसका कहना है कि अगर हम सातों दिन ही काम नहीं करेंगे अगर काम करते पकड़े गये तो उल्टा जुर्माना भी भरेंगे, यह किस तरह का फरमान है. अगर हम काम ही नहीं करेंगे तो अपना और अपने परिवार का पेट कैसे भरेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि दो-तीन दिनों पहले एक मीटिंग हुई थी जिसमें केवल रविवार को नया बाजार में काम न करने की बात हुई थी. लेकिन परचा देखकर हमें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर माजरा क्या है. दूसरी ओर व्यापारी वर्ग भी परचा देखकर हतप्रभ हो गया है कि अचानक यूनियन व्यापारी वर्ग के साथ बगैर मीटिंग किये अपनी मन मरजी से किसी भी तरह का सिद्धांत कैसे ले सकता है.

क्या कहना है मर्चेंट एसोसिएशन का: नया बाजार के काराबारियों के संगठन सिलीगुड़ी मर्चेंट एसोसिएशन (एसएमए) के अध्यक्ष गौरी शंकर गोयल का कहना है कि यूनियन के ऐसे किसी फरमान की उन्हें कोई जानकारी नहीं है. अगर यूनियन ने ऐसा कोई फरमान जारी किया है तो उससे पहले व्यापारिक संगठनों से भी बातचीत करनी जरूरी थी. श्री गोयल ने कहा कि वह पहले पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी लेंगे उसके बाद ही इसपर टिप्पणी करेंगे.

यूनियन के ‘नेता जी’ की सफाई: यूनियन के ‘नेता जी’ व सिलीगुड़ी टाउन मजदूर यूनियन के महासचिव संजीव कुमार राय ने यूनियन द्वारा जारी फरमान पर अपनी सफाई देते हुए कहा कि किसी कारणवश परचे में रविवार का उल्लेख नहीं हो पाया है. इस गलती के लिए वह यूनियन की ओर से सभी से क्षमा चाहते हैं. उन्होंने बताया कि रविवार को हर जगह ही सरकारी छुट्टी रहती है. मजदूर सातों दिन जिस तरह बोझ ढोने का काम करते हैं, एक दिन उन्हें भी आराम की जरूरत है. इसी को ध्यान में रखकर तीन दिन पहले 19 अक्टबूर यानी बुधवार को यूनियन के सभी मजदूर सदस्यों के साथ एक मीटिंग हुई और उसी में सर्वसम्मति से यूनियन ने यह फैसला लिया है कि रविवार को मजदूर नया बाजार में लोडिंग-अनलोडिंग का कोई काम नहीं करेंगे. रविवार को एनजेपी या अन्य रेलवे स्टेशनों पर केवल रैक का काम ही होगा. नया बाजार में रविवार कोई भी काम करते पकड़े गया तो जुर्माने के रूप में 2100 रूपये लेने का भी सिद्धांत लिया गया है.

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