एसजेडीए घोटाला : अंतत: गोदाला पर ही गिरेगी गाज, कई इंजीनियर भी आयेंगे लपेटे में
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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सिलीगुड़ी : करीब 200 करोड़ रुपये के एसजेडीए घोटाला मामले में एसजेडीए के तत्कालीन सीईओ तथा आईएएस अधिकारी गोदाला किरण कुमार के साथ-साथ कुछ इंजीनियरों एवं ठेकेदारों को लपेटने की तैयारी कर ली गई है. एसजेडीए घोटाले मामले की जांच सीआईडी कर रही है और गोदाला किरण कुमार अभी न्यायिक हिरासत में सिलीगुड़ी जेल में […]
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सिलीगुड़ी : करीब 200 करोड़ रुपये के एसजेडीए घोटाला मामले में एसजेडीए के तत्कालीन सीईओ तथा आईएएस अधिकारी गोदाला किरण कुमार के साथ-साथ कुछ इंजीनियरों एवं ठेकेदारों को लपेटने की तैयारी कर ली गई है. एसजेडीए घोटाले मामले की जांच सीआईडी कर रही है और गोदाला किरण कुमार अभी न्यायिक हिरासत में सिलीगुड़ी जेल में हैं.
सीआईडी ने कुल सात मामलों में से एक मामले में चाजर्शीट दायर कर दी है और उस चाजर्शीट में गोदाला किरण कुमार तथा एसजेडीए के कुछ इंजीनियरों को मुख्य आरोपी बनाया गया है. सीआईडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चाजर्शीट में गोदाला किरण कुमार को घोटाले का मास्टर माइंड बताया गया है. सूत्रों ने बताया है कि कुछ इंजीनियरों एवं ठेकेदारों के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया गया है. हालांकि अभी 200 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने नहीं आया है.
सीआईडी ने करीब 18 करोड़ रुपये के घोटाले का पता लगाया है और इसी को आधार बनाकर चाजर्शीट दायर की गई है. इस मामले में कल ही गोदाला किरण कुमार की सिलीगुड़ी अदालत में पेशी हुई थी और उन्हें पेशी के बाद एक बार फिर से 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
हालांकि कल गोदाला किरण कुमार के वकील ने उनकी जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन सीआईडी की ओर से जांच अधिकारी के अदालत में उपस्थित नहीं होने तथा 7 मामलों में से 6 मामलों में केस डायरी जमा नहीं किये जाने के कारण सुनवाई टल गई. एक बार फिर से इस मामले की सुनवाई 7 अगस्त को होगी. गोदाला किरण कुमार के वकील अभ्र ज्योति दास का कहना है कि केस डायरी जमा नहीं होने की वजह से ही जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी.
इस बीच, सीआईडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चाजर्शीट में गोदाला किरण कुमार के अलावा एसजेडीए के तीन इंजीनियर प्रवीण कुमार, सप्तऋषि पाल तथा मृगांग मौली सरकार को मुख्य आरोपी बनाया गया है. मैनागुड़ी के श्मशान घाट में विद्युत शवदाह चूल्हें के निर्माण में करीब 10 करोड़ रुपये की धनराशि की हेराफेरी का आरोप इन लोगों पर लगा है. सीआईडी ने 21 जुलाई को ही पहली चाजर्शीट दाखिल कर दी है.
सीआईडी सूत्रों ने बताया कि पहली चाजर्शीट में किसी भी नेता का नाम शामिल नहीं है. हालांकि सीआईडी सूत्रों ने यह भी बताया कि जांच में प्रगति के क्रम में जिसके खिलाफ भी इस घोटाले में शामिल होने के सबूत मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. अभी एसजेडीए घोटाला मामले में और भी चाजर्शीट दायर होना बाकी है. इधर, चाजर्शीट में एसजेडीए बोर्ड के किसी भी सदस्य का नाम नहीं होने को लेकर सिलीगुड़ी में राजनीति काफी गरमा गयी है.
माकपा तथा भाजपा ने सीआईडी पर जांच में लीपापोती का आरोप लगाया है. भाजपा के जिला महासचिव नंदन दास का कहना है कि बगैर एसजेडीए बोर्ड की मंजूरी के गोदाला किरण कुमार किसी भी परियोजना की मंजूरी नहीं दे सकते. राज्य सरकार जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए सीआईडी जांच करवा रही है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यह दिखाना चाहती हैं कि वह एसजेडीए घोटाले की जांच को लेकर गंभीर हैं.
जबकि वास्तविक स्थिति ऐसी नहीं है. सीआईडी जांच में तृणमूल के नेता तथा बोर्ड के अन्य सदस्यों को बचाने की कोशिश की जा रही है. कमोवेश इसी तरह के बयान माकपा के विभिन्न नेता भी दे रहे हैं.
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