दीदी ने पूरा नहीं किया वादा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 Jan 2020 1:40 AM
21 जनवरी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आ रही हैं दार्जिलिंग दार्जिलिंग : दीदी अपना वादा कब पूरा करोगी. यह सवाल ज्वाइंट फोरम हिल ने उठाया है. शुक्रवार को शहर के तामांग गुम्बा रोड स्थित क्रामाकपा के केंद्रीय कार्यालय में ज्वाइंट फोरम हिल के प्रचार-प्रसार सचिव सुनील राई ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि […]
21 जनवरी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आ रही हैं दार्जिलिंग
दार्जिलिंग : दीदी अपना वादा कब पूरा करोगी. यह सवाल ज्वाइंट फोरम हिल ने उठाया है. शुक्रवार को शहर के तामांग गुम्बा रोड स्थित क्रामाकपा के केंद्रीय कार्यालय में ज्वाइंट फोरम हिल के प्रचार-प्रसार सचिव सुनील राई ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कुछ माह पहले लोकसभा और दार्जिलिंग विधानसभा उपचुनाव के दौरान चाय बागान, सिन्कोना बागान, फॉरेस्ट विलेज, शहरी क्षेत्रों में सदियों से रह रहे लोगों को घर और जमीन के पर्चा पट्टा शीघ्र दिलाने, चाय श्रमिकों को मिनिमम वेजेस तय करने, गोरखा के जातीय पहचान का मुद्दा तथा दार्जिलिंग की समस्या का समाधान करने का वादा किया था. उन्होने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव और दार्जिलिंग विधानसभा उपचुनाव समाप्त हुए करीब नौ माह बीत चुके हैं. लेकिन आज तक दीदी ने अपना वादा पूरा नहीं किया है.
बातचीत के दौरान श्री राई ने कहा कि 21 जनवरी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दार्जिलिंग आ रही हैं. दौरे के दौरान ज्वाइंट फोरम हिल ने मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात करने का मन बनाया है. लेकिन इस बारे में अभी तक निर्णय नहीं लिया गया है.
प्रचार प्रसार सचिव ने कहा कि चाय श्रमिकों को मिनिमम वेजेस, पर्चा पट्टा जैसे मुद्दों पर श्रमिकों के हित में ज्वाइंट फोरम तत्पर है. इन्हीं विषयों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने को लेकर ज्वाइंट फोरम में बातचीत होती रहती है. बातचीत के दौरान ज्वाइंट फोरम हिल के प्रचार-प्रसार सचिव सुनिल राई के अनुसार पहाड़ के प्रायः सभी चाय बागानों में कार्यरत श्रमिकों का पूजा बोनस की राशि मिल चुकी है, लेकिन इन में से दो-चार चाय बागानों में कार्यरत श्रमिकों को नहीं मिला है. यदि इन बागानों के मालिकों ने भी पूजा बोनस के शेष राशि का शीध्र भुगतान नहीं किया तो चाय की नई फसल को तोड़ने नहीं देंगे.
श्री राई ने कहा कि चाय श्रमिकों की मांग और अन्य विषयों पर अब राजनीतिक दलों का प्रवेश एवं हस्तक्षेप होता रहता है. उसमें श्रमिकों का नुकसान होता है. चाय श्रमिकों के पूजा बोनस विषय पर निरंतर बैठक एवं सभा होने के बाद ही मालिक पक्ष ने 20 प्रतिशत पूजा बोनस देने के लिए तैयार हुए.
लेकिन उस दौरान राजनीतिक दलों के प्रवेश एवं हस्तक्षेप के कारण तय 20 प्रतिशत पूजा बोनस दो किश्तों में वितरण के लिए सहमत होना पड़ा. श्री राई ने कहा कि 31 जनवरी से संसदीय अधिवेशन शुरू होने जा रहा है. उस दौरान मिनिमम वेजेस के विषय पर संसद में बिल पेश होने जा रहा है. यह बिल पेश होने पर चाय श्रमिकों को काफी फायदा होने का दावा भी किया.
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