हिंसा मुक्त चुनाव चाहता है बंगाल, दायर हुई कलकत्ता हाइकोर्ट में जनहित याचिका

kolkata News: हाइकोर्ट से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और पूरे चुनाव की निगरानी के लिए उच्च पदस्थ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक स्पेशल मॉनिटरिंग कमेटी बनाने की मांग की गयी है.
मुख्य बातें
kolkata News: कोलकाता. पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कलकत्ता हाइकोर्ट के अधिवक्ता ने जनहित याचिका दायर की है, जिसमें अधिवक्ता ने राज्य में अगले विधानसभा चुनाव में ‘बिना खून-खराबे’ के मतदान कराने की मांग की है. कलकत्ता हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल और जस्टिस पार्थसारथी सेन की डिवीजन बेंच ने याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिस पर जल्द ही सुनवाई होने की संभावना है.
बंगाल के माथे से मिटे चुनावी हिंसा का दाग
अधिवक्ता ने अपनी याचिका में कहा कि अदालत को राज्य में पिछले चुनाव के दौरान हुई हिंसा को ध्यान में रखते हुए इस बार फ्री, फेयर और बिना खून-खराबे के मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाने चाहिए. हर हाल में बंगाल के माथे पर लगा चुनावी हिंसा का दाग मिटना चाहिए. याचिका में हाइकोर्ट से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और पूरे चुनाव की निगरानी के लिए उच्च पदस्थ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक स्पेशल मॉनिटरिंग कमेटी बनाने की मांग की गयी है.
निविदा के खिलाफ याचिका खारिज
विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया की निगरानी के लिए सवा लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे. इसके साथ ही मतगणना केंद्रों पर चार हजार से अधिक कैमरे लगाये जायेंगे. इस बाबत निर्वाचन आयोग की तरफ से निविदाएं मांगी गयी है. इस निविदा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए हाइकोर्ट में रिट दायर की गयी है, जिसे जस्टिस कृष्णा राव ने मामले की सुनवाई के बाद खारिज कर दिया. चुनाव आयोग की तरफ से अधिवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बंगाल में 80,681 से अधिक पोलिंग बूथ हैं. सभी बूथों में सीसीटीवी के कैमरे इंस्टाल किये जायेंगे. इस तरह बूथों पर मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय की सीधी निगरानी बनी रहेगी. इनकी वेब कास्टिंग के जरिये मॉनिटरिंग की जायेगी.
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चार हजार से अधिक कैमरों की आवश्यकता
उन्होंने कहा कि एक कैमरा बूथ के अंदर होगा तो दूसरा कैमरा बूथ के बाहर निगरानी के लिए लगाया जायेगा. इस दौरान चुनाव आयोग की तरफ से पैरवी करते हुए एडवोकेट एसएन मुखर्जी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनाव पहले और चुनाव बाद की हिंसा के लिए पश्चिम बंगाल की अपनी ख्याति है. काउंटिंग सेंटरों की मॉनिटरिंग भी वेब कास्टिंग सिस्टम के तहत की जायेगी. इस मामले को लेकर दायर पीटिशन के मुताबिक काउंटिंग सेंटरों के लिए चार हजार से अधिक कैमरों की आवश्यकता पड़ेगी. एडवोकेट मुखर्जी ने पैरवी करते हुए कहा कि 108 काउंटिंग सेंटरों के 421 काउंटिंग हॉल में ऑडियो वीडियो रिकार्डिंग के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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