शमिक भट्टाचार्य बोले- सिलिकॉन वैली से बंगाल तक ‘परिवर्तन’ की गूंज, दीदी के राज में 6300 कंपनियों ने छोड़ा राज्य

Published by :Mithilesh Jha
Published at :20 Apr 2026 6:13 PM (IST)
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West Bengal Election 2026 NRI ‍Bengal: पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले भाजपा ने प्रवासी बंगालियों का समर्थन जुटाया. समिक भट्टाचार्य का दावा है कि 40 लाख प्रवासी श्रमिक और विदेशों में बसे बंगाली राज्य में सत्ता परिवर्तन और निवेश चाहते हैं.

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West Bengal Election 2026 NRI ‍Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के निर्णायक मोड़ पर भाजपा ने एक बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ खेला है. सोमवार को कोलकाता में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि सात समंदर पार बैठे बंगाली प्रवासी भी अब राज्य में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे देशों में बसे ‘ग्लोबल बंगाली’ न केवल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन कर रहे हैं, बल्कि बंगाल में निवेश कर इसे फिर से औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए उत्सुक हैं.

6300 कंपनियों का पलायन, टीएमसी पर गंभीर आरोप

शमिक भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी सरकार के 15 वर्षों के कार्यकाल पर तीखा हमला करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में निवेश के अनुकूल माहौल न होने के कारण करीब 6,300 कंपनियां पश्चिम बंगाल छोड़कर जा चुकी हैं. महाराष्ट्र जैसे राज्य अरबों डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) खींच रहे हैं, तो बंगाल औद्योगिक विकास की दौड़ में बहुत पीछे छूट गया है.

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संवाददाता सम्मेलन में अमेरिका से ऑनलाइन जुड़े प्रवासियों ने बंगाल के प्रति अपना दर्द साझा किया. प्रवासियों ने कहा कि बंगालियों ने सिलिकॉन वैली से लेकर अंतरिक्ष अनुसंधान तक दुनिया भर में झंडे गाड़े हैं, लेकिन बंगाल इस प्रतिभा का लाभ उठाने में नाकाम रहा. विदेशों में बसे बंगाली अपने राज्य से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं. नये उद्यम स्थापित करना चाहते हैं, लेकिन वे इसके लिए सुरक्षित और निवेश-अनुकूल सरकार चाहते हैं.

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40 लाख प्रवासी श्रमिकों का मुद्दा और स्पेशल ट्रेनें

भाजपा ने केवल हाई-प्रोफाइल प्रवासियों ही नहीं, दिहाड़ी मजदूरों पर भी फोकस किया है. उनके अनुसार, राज्य से करीब 40 लाख प्रवासी श्रमिक दूसरे राज्यों में काम कर रहे हैं. भाजपा इन श्रमिकों के निरंतर संपर्क में है. विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए प्रवासियों को वापस लाने के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि वे राज्य में आकर अपना वोट डाल सकें और बदलाव का हिस्सा बनें.

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West Bengal Election 2026 NRI ‍Bengal: विकास के पथ पर वापसी की अपील

भाजपा (‍Bharatiya Janata Party) का यह जनसंपर्क अभियान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बंगाल की छवि सुधारने और स्थानीय स्तर पर रोजगार की उम्मीद जगाने की कोशिश है. प्रवासियों का मानना है कि राज्य को औद्योगिक प्रगति के मार्ग पर वापस लाने के लिए 2026 का यह चुनाव सबसे महत्वपूर्ण समय है.

बंगाल की 294 सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल को मतदान (West Bengal Assembly Poll 2026) होना है और 4 मई को नतीजे तय करेंगे कि प्रवासियों की यह उम्मीद कितनी रंग लाती है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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