शमिक भट्टाचार्य बोले- सिलिकॉन वैली से बंगाल तक ‘परिवर्तन’ की गूंज, दीदी के राज में 6300 कंपनियों ने छोड़ा राज्य

West Bengal Election 2026 Nri Bengal Samik Bhattacharya Bjp West Bengal Elections 2026
West Bengal Election 2026 NRI Bengal: पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले भाजपा ने प्रवासी बंगालियों का समर्थन जुटाया. समिक भट्टाचार्य का दावा है कि 40 लाख प्रवासी श्रमिक और विदेशों में बसे बंगाली राज्य में सत्ता परिवर्तन और निवेश चाहते हैं.
खास बातें
West Bengal Election 2026 NRI Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के निर्णायक मोड़ पर भाजपा ने एक बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ खेला है. सोमवार को कोलकाता में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि सात समंदर पार बैठे बंगाली प्रवासी भी अब राज्य में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे देशों में बसे ‘ग्लोबल बंगाली’ न केवल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन कर रहे हैं, बल्कि बंगाल में निवेश कर इसे फिर से औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए उत्सुक हैं.
6300 कंपनियों का पलायन, टीएमसी पर गंभीर आरोप
शमिक भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी सरकार के 15 वर्षों के कार्यकाल पर तीखा हमला करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में निवेश के अनुकूल माहौल न होने के कारण करीब 6,300 कंपनियां पश्चिम बंगाल छोड़कर जा चुकी हैं. महाराष्ट्र जैसे राज्य अरबों डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) खींच रहे हैं, तो बंगाल औद्योगिक विकास की दौड़ में बहुत पीछे छूट गया है.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ भाजपा का डिजिटल शंखनाद
संवाददाता सम्मेलन में अमेरिका से ऑनलाइन जुड़े प्रवासियों ने बंगाल के प्रति अपना दर्द साझा किया. प्रवासियों ने कहा कि बंगालियों ने सिलिकॉन वैली से लेकर अंतरिक्ष अनुसंधान तक दुनिया भर में झंडे गाड़े हैं, लेकिन बंगाल इस प्रतिभा का लाभ उठाने में नाकाम रहा. विदेशों में बसे बंगाली अपने राज्य से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं. नये उद्यम स्थापित करना चाहते हैं, लेकिन वे इसके लिए सुरक्षित और निवेश-अनुकूल सरकार चाहते हैं.
इसे भी पढ़ें : नंदीग्राम की जंग का पूरा हिसाब : एक-एक वोट के लिए ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी ने कितना बहाया पैसा?
40 लाख प्रवासी श्रमिकों का मुद्दा और स्पेशल ट्रेनें
भाजपा ने केवल हाई-प्रोफाइल प्रवासियों ही नहीं, दिहाड़ी मजदूरों पर भी फोकस किया है. उनके अनुसार, राज्य से करीब 40 लाख प्रवासी श्रमिक दूसरे राज्यों में काम कर रहे हैं. भाजपा इन श्रमिकों के निरंतर संपर्क में है. विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए प्रवासियों को वापस लाने के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि वे राज्य में आकर अपना वोट डाल सकें और बदलाव का हिस्सा बनें.
इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026 में ‘झूठ’ का सहारा ले रही TMC? SIR को NRC बताकर डराने और ‘फिश बैन’ की अफवाह का आरोप
West Bengal Election 2026 NRI Bengal: विकास के पथ पर वापसी की अपील
भाजपा (Bharatiya Janata Party) का यह जनसंपर्क अभियान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बंगाल की छवि सुधारने और स्थानीय स्तर पर रोजगार की उम्मीद जगाने की कोशिश है. प्रवासियों का मानना है कि राज्य को औद्योगिक प्रगति के मार्ग पर वापस लाने के लिए 2026 का यह चुनाव सबसे महत्वपूर्ण समय है.
बंगाल की 294 सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल को मतदान (West Bengal Assembly Poll 2026) होना है और 4 मई को नतीजे तय करेंगे कि प्रवासियों की यह उम्मीद कितनी रंग लाती है.
इसे भी पढ़ें
बंगाल चुनाव 2026: कौन है विक्रम साव, जिसकी दुकान पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिया झालमुड़ी वाला ब्रेक?
चुनाव आयोग का सोशल मीडिया पर डिजिटल स्ट्राइक! फेक AI कंटेंट पर एक्शन, 11 हजार से ज्यादा पोस्ट हटाये
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By मिथिलेश झा
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










