सड़कें टूटीं, 8000 लोग हुये प्रभावित, एक करोड़ की क्षति
Updated at : 26 Jun 2019 1:59 AM (IST)
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इलाके की सभी नदियां उफान पर गठिया नदी के कटाव की चपेट में आयी 50 मीटर सड़क नागराकाटा विधायक ने किया प्रभावित इलाकों का दौरा नागराकाटा : सोमवार रात की हुई भारी बारिश के कारण डुआर्स के नागराकाटा, मेटली समेत कई जगहों पर आवागमन ठप हो गया है. वहीं आगंराभाषा एक और दो नंबर ग्राम […]
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इलाके की सभी नदियां उफान पर
गठिया नदी के कटाव की चपेट में आयी 50 मीटर सड़क
नागराकाटा विधायक ने किया प्रभावित इलाकों का दौरा
नागराकाटा : सोमवार रात की हुई भारी बारिश के कारण डुआर्स के नागराकाटा, मेटली समेत कई जगहों पर आवागमन ठप हो गया है. वहीं आगंराभाषा एक और दो नंबर ग्राम पंचायत क्षेत्र में कई बीघा जमीन कटाव की चपेट में आकर नदी में समा गया. ब्लॉक के विभिन्न स्थानों में सड़कें टूटने से आठ हजार लोग प्रभावित हुए हैं.
नागराकाटा प्रखंड अधिकारी स्मृता सुब्बा ने लगभग एक करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जतायी है. हालांकि अभी तक क्षति का पूरा आकलन जुटाना संभवन नहीं हुआ है. बीडीओ ने कहा कि विपदा के इस घड़ी में प्रशासन पीड़ितों के साथ खड़ा है. दूसरी ओर नागराकाटा के साथ-साथ बाढ़ ने बानरहाट में भी भारी तबाही मचायी है. बानारहाट स्थित हाथी नाला में भूटान और आसपास के चाय बागानों से आया वर्षा के पानी के कारण जल स्तर काफी बढ़ गया है, लेकिन शाम होते-होते स्थिति सामन्य हो गया. जिससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली है.
सिंचाई विभाग से मिली जानकरी के अनुसार सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक लगातार 30.8 मिलीमीटर बारिश हुआ है. साथ ही भूटान में एक साथ वर्षा होने के कारण गठिया, डायना, कुची डायना, कालीखोला, सुखानी जैसी नदियों ने विकराल रूप धारण कर लिया है. इनमें से सबसे भयानक रुप गठिया नदी का देखने को मिला. नदी में बाढ़ के कारण ग्रासमोड़ से छाटटंडु जानेवाले मुख्य सड़क के टूट जाने से संपर्क बाधित हो गया. प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत निर्मित सड़क का 50 मीटर नदी में समा चुका है. बाढ़ के चपेट ग्रासमोड़ बस्ती के दो घर भी आ गये है. बाढ़ के कारण ग्रासमोड़ चाय बागान में व्यापक क्षति होने का खतरा मंडराने लगा है.
पीड़ित फागू उरांव ने बताया कि रात को बारिश हो रहा था, हमलोग खा-पीकर सो गये थे. लेकिन सुबह अचानक नदी गरजने की आवाज सुनाई दिया. बाहर निकलकर देखा तो घर के पीछला हिस्सा नदी में समा चुका था. जल्दबाजी में हमलोगों ने रखा सामान को बाहर निकाला. कुछ देर बाद ही घर के साथ जमीन भी नदी में समा गया. छाटटंडु सड़क के टूटने से स्थानीय दो हजार निवासियों का नागराकाटा से संपर्क भंग हो गया है. वहीं गठिया नदी की दूसरी ओर से साजिनूर हक, पैयजल हक, अफजल हक, रबीब मोहम्द का घर भी क्षतिग्रस्तहो गया है. स्थानीय लोगों ने नदी में बांध बनाने की मांग को लेकर पंचायत एवं प्रशासन का घेराव कर प्रर्दशन किया.
नागराकाटा प्रखंड कार्यालय के निकट स्थित मनमोहन धुरा नामक एक आंगनबाड़ी केन्द्र नदी में धंस चुका है. केन्द्र का रसोईघर कभी भी नदी में समा सकता है. लुकसान स्थित कुची डायना नदी में बाढ़ के कारण लुकसान से केरन चाय वाला रास्ते का एक हिस्सा नदी में समा गया है. जिसके कारण केरन चाय बागान के चार हजार लोगों का संपर्क टूट गया है.
नागराकाटा विधायक सुकरा मुंडा ने घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण करते हुए राहत कार्य आरम्भ कर दिया है. उन्होने कहा कि केरन चाय बागान के साथ-साथ नैनीताल भूटान निवासियों का भी यातायात बंद हो गया है. साथ ही छाटटंडु आगंराभाषा में भी बाढ़ से व्यापक क्षति पहुंचा है. प्रशासन को इसकी जानकारी दे दी गयी है.
नागराकाटा ब्लॉक स्थित डायना नदी में आये बाढ़ के कारण आगंराभाषा एक और दो नंबर ग्राम पंचायत क्षेत्र का चार सौ बीघा जमीन के इसकी चपेट में आने की जानकारी मिली है. नागराकाटा संयुक्त प्रखंड अधिकारी के घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण करने की बात आंगराभाषा-1 नंबर अंचल के तृणमूल सभापति राजेन फुयेल ने दी है. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी इसी तरह से कई बीघा जमीन बाढ़ की चपेट में आया, लेकिन आज तक यहां बांध का निर्माण नहीं हुआ. हम सिंचाई विभाग से जल्द से जल्द बांध निर्माण करने की मांग करते हैं. नहीं तो प्रस्थिति और भी भयानक हो सकती है.
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