"हृदय रोग से बचने के लिए जीवनशैली बदलने की जरूरत"

कोलकाता : बहुत सी बीमारियां बढ़ती उम्र के साथ होने लगती हैं, लेकिन आज के आधुनिक जीवनशैली में 25 से 40 साल के उम्र में ही लोग भी हृदय रोग से ग्रसित होने लगे हैं. भारत में खराब जीवनशैली, तनाव, व्यायाम ना करने और जंक फूड की वजह से लोगों को दिल संबंधित गंभीर रोग […]
कोलकाता : बहुत सी बीमारियां बढ़ती उम्र के साथ होने लगती हैं, लेकिन आज के आधुनिक जीवनशैली में 25 से 40 साल के उम्र में ही लोग भी हृदय रोग से ग्रसित होने लगे हैं. भारत में खराब जीवनशैली, तनाव, व्यायाम ना करने और जंक फूड की वजह से लोगों को दिल संबंधित गंभीर रोग होने लगे हैं.
वहीं, जागरूकता के अभाव में भी यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है. आम तौर पर हार्ट अटैक के बाद एक से दो घंटे के भीतर मरीज को अस्पताल पहुंच जाना चाहिए, लेकिन जागरूकता अभाव में लोग पांच से छह घंटे के बाद अस्पताल पहुंचते हैं, जिसके कारण हृदय की मांसपेशियों को काफी क्षति होती है.
एक बार हृदय की मांसपेशियों के डैमेज होने के बाद दोबारा उसे ठीक नहीं किया जा सकता है. हाॅर्ट अटैक के तुरंत बाद अस्पताल पहुंचे से मरीज को थ्रंबो एंजियोप्लास्टी या दवा दे कर आटरी में जमे हुए रक्त को लगाया जा सकता है. यह बातें कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीएसआई) की वेस्ट बंगाल शाखा के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ धीमान कहाली ने कहीं.
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