राजेन मुखिया के भाजपा में शामिल होने की चर्चा तेज

Updated at : 30 May 2019 1:51 AM (IST)
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राजेन मुखिया के भाजपा में शामिल होने की चर्चा तेज

मुकुल राय के प्रतिनिधि से फोन पर हुई बात अंतिम निर्णय से पहले कर रहे चिंतन-मनन बागडोगरा : दार्जिलिंग पहाड़ में तृणमूल कांग्रेस का मजबूत स्तम्भ माने जानेवाले राजेन मुखिया के भाजपा में शामिल होने की चर्चा जोरों पर है. इसे लेकर हिल तृणमूल में बेचैनी देखी जा रही है. जानकारी के मुताबिक, भाजपा के […]

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मुकुल राय के प्रतिनिधि से फोन पर हुई बात

अंतिम निर्णय से पहले कर रहे चिंतन-मनन
बागडोगरा : दार्जिलिंग पहाड़ में तृणमूल कांग्रेस का मजबूत स्तम्भ माने जानेवाले राजेन मुखिया के भाजपा में शामिल होने की चर्चा जोरों पर है. इसे लेकर हिल तृणमूल में बेचैनी देखी जा रही है. जानकारी के मुताबिक, भाजपा के राज्य नेतृत्व ने राजेन मुखिया के साथ संपर्क शुरू किया है. इसे लेकर पहाड़ पर अटकलों का दौर शुरू हो गया है.
इस संबंध में पूछे जाने पर राजेन ने कहा कि भजपा में जाने को लेकर वह चिंतन-मनन कर रहे हैं, हालांकि अभी उन्होंने कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है. इस बारे में भाजपा सिलीगुड़ी सांगठनिक जिला अध्यक्ष अभिजीत राय चौधरी ने कहा कि राजेन मुखिया को पार्टी में शामिल किये जाने के बारे में उन्हें किसी ने कुछ नहीं कहा है.
पहाड़ के जुझारू नेता राजेन मुखिया को 2013 में तृणमूल कांग्रेस ने हिल तृणमूल का संयोजक बनाया था. इसके बाद 2014 में उन्हें हिल तृणमूल का अध्यक्ष बनाया गया. पहाड़ में तृणमूल को मजबूत करने के लिए उन्होंने काफी काम किया. राजेन मुखिया के प्रयास से एलबी राई ने तृणमूल का झंडा थामा. 2017 में मिरिक नगरपालिका की नौ में छह सीटें जिताने में उनकी अहम भूमिका रही. लेकिन 2017 में जब पहाड़ शांत हुआ तो 15 दिसंबर को राजेन को हिल तृणमूल के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया. बताया जाता है कि तभी से उनके मन में पार्टी के प्रति नाराजगी है.
2017 में जून महीने में पहाड़ में हिंसक आंदोलन के दौरान राजेन मुखिया के घर का घेराव किया गया. उन्हें जान से मारने की कोशिश की गयी. इस लोकसभा चुनाव में उन्हें दार्जिलिंग महकमा की जिम्मेदारी दी गयी, लेकिन पुराने जख्म अभी भरे नहीं हैं.
राजेन मुखिया ने कहा, ‘मुझे हटाकर एलबी राई को हिल तृणमूल का अध्यक्ष बनाया गया. जबकि एलबी राई को मैं ही पार्टी में लाया था. एक समय मैं एलबी राई का हेडमास्टर था और अब मुझे उनका छात्र बना दिया गया. पद से हटाकर पार्टी ने मुझे 14 महीने के वनवास में भेज दिया. इस बार लोकसभा चुनाव व विधानसभा उप-चुनाव में पार्टी का क्या प्रदर्शन रहा, सभी ने देखा है.’ राजेन ने बताया कि उन्हें भाजपा में शामिल करने के लिए मुकुल राय ने खुद फोन नहीं किया, पर उनके एक प्रतिनिधि ने बात की है. वह भाजपा में जायेंगे या नहीं, इस बारे में वह अभी विचार कर रहे हैं.
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