सिलीगुड़ी में धरने पर बैठे तृणमूल पार्षद

Updated at : 02 Mar 2019 1:25 AM (IST)
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सिलीगुड़ी में धरने पर बैठे तृणमूल पार्षद

मेयर और वाम बोर्ड पर बोला हमला राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सहायता कादिया हिसाब सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम के वाम बोर्ड मेयर ने राज्य सरकार के खिलाफ और निगम में विरोधी दल तृणमूल कांग्रेस ने मेयर के खिलाफ एक ही दिन धरना प्रदर्शन शुरू किया है. इनदोनों पार्टियों की जंग कोलकाता के […]

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मेयर और वाम बोर्ड पर बोला हमला

राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सहायता कादिया हिसाब
सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम के वाम बोर्ड मेयर ने राज्य सरकार के खिलाफ और निगम में विरोधी दल तृणमूल कांग्रेस ने मेयर के खिलाफ एक ही दिन धरना प्रदर्शन शुरू किया है. इनदोनों पार्टियों की जंग कोलकाता के मेट्रो चैनल के साथ ही सिलीगुड़ी नगर निगम में शुक्रवार को देखने को मिली.
चिटफंड घोटाला मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम जब कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करने पहुंची थी तो इसके विरोध में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मेट्रो चैनल पर तीन दिन धरने पर बैठी थी. मुख्यमंत्री से प्रेरित होकर सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य भी मेट्रो चैनल पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. शुरु से ही मेयर राज्य सरकार पर आर्थिक असहयोग का आरोप लगाते आ रहे हैं.
इसी आरोप के साथ पूर्व घोषणा के मुताबिक अशोक भट्टाचार्य ने शुक्रवार से कोलकाता के मेट्रो चैनल पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. निगम के डिप्टी मेयर राम भजन महतो सहित कई माकपा पार्षद व माकपा नेता धरने में शामिल हुए हैं. वहीं दूसरी तरफ सिलीगुड़ी नगर निगम में विरोधी दल तृणमूल कांग्रेस ने भी मेयर कार्यालय के बाहर आज से ही धरना प्रदर्शन शुरू किया. विरोधी दल नेता रंजन सरकार, कृष्ण चंद्र पाल सहित तृणमूल के कुल 16 पार्षद धरने में शामिल हुए.17 नंबर की वार्ड पार्षद सह राज्य के पर्यटन मंत्री की धर्मपत्नी व 37 नंबर वार्ड के तृणमूल पार्षद रंजन शील शर्मा धरने में अनुपस्थित रहे.
इधर,तृणमूल ने मेयर के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. रंजन सरकार ने कहा कि राज्य सरकार सिलीगुड़ी के साथ कोई भेदभाव नहीं कर रही है. बल्कि विकास कार्यों के लिए निगम को करोड़ो रूपये आवंटित कर चुकी है. उन्होंने ने मेयर पर पलटवार करते हुए कहा कि विकास मद में आये करीब 11 करोड़ रुपये वापस होने के कगार पर हैं. निगम की वामो बोर्ड विकास कार्यो में पूरी तरह से व्यर्थ साबित हुई है. इसके पहले भी 2016 में तृणमूल ने राज्य सरकार द्वारा दी गई राशि का पूरा व्यौरा सार्वजनिक रूप से प्रकाशित किया था. जिसका जवाब मेयर आज तक नही दे पाए हैं.
मेयर पर गंभीर आरोप लगाते हुए रंजन सरकार ने कहा कि वर्तमान बोर्ड ने अपनी पार्टी के 325 से अधिक कैडरों कों पेट पालने के लिए मोटी तनख्वाह पर निगम में नियुक्त किया है. नागरिको के टैक्स के रुपये से इन लोगो को तनख्वाह दी जा रही है. पूरे राज्य से नामो निशान मिटने के कगार पर खड़ी पार्टी को जिंदा रखने की कोशिश मेयर कर रहे हैं.
वह अपने करतूतों से शहरवासियों को मुंह दिखाने के काबिल नहीं रहे. इसलिए कोलकाता जा कर धरने पर बैठे हैं. गैर जिम्मेदाराना हरकतों से बाज नहीं आने पर वामो बोर्ड के खिलाफ जोरदार आंदोलन किया जाएगा.
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