किरायेदार की आड़ में अवैध करोबार का बढ़ा जाल

सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी व आसपास के इलाकों में रहने वाले किरायेदारों की सटिक जानकारी व तथ्य पुलिस के पास नहीं है. सिलीगुड़ी के बाहरी क्षेत्रों से अपराधी बड़ी आसानी से सिलीगुड़ी में डेरा डालकर छुपे रहते हैं एवं यहां भी जघन्य अपराध को अंजाम देकर बड़ी आसानी से फरार हो जाते हैं. इस तरह की कई […]
सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी व आसपास के इलाकों में रहने वाले किरायेदारों की सटिक जानकारी व तथ्य पुलिस के पास नहीं है. सिलीगुड़ी के बाहरी क्षेत्रों से अपराधी बड़ी आसानी से सिलीगुड़ी में डेरा डालकर छुपे रहते हैं एवं यहां भी जघन्य अपराध को अंजाम देकर बड़ी आसानी से फरार हो जाते हैं.
इस तरह की कई वारदातें पहले प्रकाश में आ चुकी है. प्रतिबंधित संगठनों को मजबूत करने के लिए उनके लिंकमैनों द्वारा सिलीगुड़ी में फ्लैट किराये में लेकर यहां के उद्योगपतियों से रंगदारी वसूले जाने का मामला प्रकाश में आया था. वहीं किराये के फ्लैटों की आड़ में सिलीगुड़ी में देह धंधा भी काफी फल-फूल रहा है. बीत महीने सिलीगुड़ी थाना की पुलिस ने मिलनपल्ली में मुहिम चलाकर एक फ्लैट से किरायेदार महिला समेत कई युवक-युवतियों को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा था.
साथ ही भक्तिनगर थाने की आमबाड़ी चौकी की पुलिस ने भी एक फ्लैट से देह धंधा को अंजाम दे रही एक महिला के साथ दो युवक व एक युवती को गिरफ्तार किया था. दूसरी ओर बीते साल आईपीएल-6 के क्रिकेट मैच के शुरूआती दौर में ही सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिन पुलिस की खुफिया विभाग ने पंचनई इलाके में स्थित एक अपार्टमेंट में मुहिम चलाकर सट्टाबाजार का खुलासा किया था. यहां दालखोला के एक व्यवसायी पुत्र ने किराये में फ्लैट लेकर बड़ी आसानी से सट़्टाबाजार के गोरखधंधे को अंजाम दे रहा था. किरायेदारों के तथ्यों का संग्रह पुलिस ने काफी पहले शुरू किया था, लेकिन मकान मालिक एवं पुलिस के बीच सामंजस्य के अभाव में यह काम बीच अधर में ही अटक गया. समाजसेवी एवं जागरूक नागरिक सुशील रामपुरिया ने इस मुद्दे पर कहा कि पुलिस के पास अगर किरायेदारों की जानकारी नहीं है, तो यह एक गंभीर समस्या है. कारण सिलीगुड़ी और इसके आसपास के कई इलाकेअंतरराष्ट्रीय व अंतरराज्यीय सीमाओं से जुड़ा है.
साथ ही पूवरेत्तर भारत का सिलीगुड़ी मुख्य द्वार है. साथ ही सिलीगुड़ी को पश्चिम बंगाल को दूसरी आर्थिक राजधानी मानी जाती है. इन कारणों से सिलीगुड़ी काफी संवेदनशील शहर माना जाता रहा है. इस तरह की लापरवाही के कारण भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी घटना घटित न हो जाए, पुलिस एवं मकानमालिकों को जागरूक होने की जरूरत है. कारण कुछ वर्षो पहले सिलीगुड़ी के चम्पासारी में कुछ अपराधी एक मकान किराये में लेकर बम बनाने के कार्य को अंजाम दे रहे थे. एक दिन अचानक बम बनाते समय बलास्ट हो गया. पुलिस ने स्वीकार किया है कि उचित व्यवस्था व कर्मचारियो की कमी से किरायेदारों के तथ्य जुगाड़ करने का मुहिम और आगे नहीं बढ़ पाया है. पुलिस आयुक्त (सीपी) जगमोहन का कहना है कि शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले किरायेदारों का तथ्य जानना काफी जरूरी है. इसके लिए मकान मालिकों को ही मुख्य रूप से सहयोग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि तथ्य जुगाड़ करने को लेकर हमारे साथ कई तरह की समस्याएं हैं. उचित व्यवस्था एवं कर्मचारियों की कमी है.
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