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लेपर्ड सफारी की हुई शुरुआत

Updated at : 02 Jul 2018 3:41 AM (IST)
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लेपर्ड सफारी की हुई शुरुआत

सिलीगुड़ी : भारत में पहली बार किसी सफारी पार्क में लेपर्ड (तेंदुआ) सफारी शुरू हुआ. यह इतिहास सिलीगुड़ी स्थित बंगाल सफारी पार्क में रचा गया. रविवार को राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव व वन मंत्री विनय कृष्ण बर्मन ने लेपर्ड सफारी का उद्घाटन किया. फिलहाल दो मादा और दो नर लेपर्ड को बंगाल सफारी […]

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सिलीगुड़ी : भारत में पहली बार किसी सफारी पार्क में लेपर्ड (तेंदुआ) सफारी शुरू हुआ. यह इतिहास सिलीगुड़ी स्थित बंगाल सफारी पार्क में रचा गया. रविवार को राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव व वन मंत्री विनय कृष्ण बर्मन ने लेपर्ड सफारी का उद्घाटन किया. फिलहाल दो मादा और दो नर लेपर्ड को बंगाल सफारी में लाया गया है.
करीब 10 दिन तक यहां के वातावरण के साथ तालमेल बनाने के बाद सचिन, सौरभ, शीतल और काजल को 20 हेक्टेयर इलाके में विचरण के लिए छोड़ दिया गया है. पिछले दो वर्षों में मुख्यमंत्री के सपनो की परियोजना में से एक बंगाल सफारी विभिन्न प्रकार के जंगली जानवर व पक्षियों से भर गया है.
वर्ष 2016 के 22 जनवरी से कुछ हिरण, सांबा, मोर आदि से शुरूआत करने वाले बंगाल सफारी पार्क में अब रॉय बंगाल टाइगर, लेपर्ड, हाथी, गैंडा, मगरमच्छ आदि पशुओं से सज गया है. फिशिंग कैट व अन्य जंगली बिल्लियां, मोर, विभिन्न प्रकार के पक्षियों से भी बंगाल सफारी भर गया है. यहां के वातावरण के साथ पशु-पक्षियों का मिश्रण पर्यटकों को काफी भा रहा है. पर्यटकों के आकर्षण से बंगाल सफारी पार्क राज्य सरकार के एक नये राजस्व का जरिया बनने की दिशा में अग्रसर हो रहा है.
हाल में ही ओड़िशा के नंदन कानन चिड़ियाघर से आये रॉयल बंगाल टाइगर स्नेहाशीष व शीला ने मिलकर तीन शावक को जन्म दिया है. जिनमें से एक सफेद टाइगर है. अगले दौरे में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वंय इन तीन नये अतिथियों का नामकरण करेंगी. करीब 10 दिन पहले अलीपुरद्वार के दक्षिण खयेरबाड़ी से दो नर तेंदुआ सचिन और सौरभ को लाया गया. इसके बाद कूचबिहार के रसिकबील से दो मादा तेंदुआ शीतल व काजल को यहां लाया गया. यहां के वातावरण से तालमेल बनाने के बाद रविवार को इन्हें बंगाल सफारी पार्क में विचरण के लिए छोड़ दिया गया.
दो महीने में बिके 56 लाख रुपये के टिकट
राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने बताया कि बंगाल सफारी पार्क देश के साथ विदेशी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना है. बीते वित्तीय वर्ष में बंगाल सफारी पार्क से सरकार को दो करोड़ का मुनाफा हुआ है. वर्तमान वित्तीय वर्ष के बीते दो महीनों में सिर्फ 56 लाख रुपये के टिकट की बिक्री हुई है. इस वर्ष सिर्फ टिकट से 2 करोड़ रुपये आय करने की संभावना है.
यहां के पशु-पक्षियों व कर्मचारियों में प्रतिवर्ष करीब 3 करोड़ रुपये खर्च होता है. इसके अतिरिक्त यहां मगरमच्छ भी लाया गया है. 80 हिरण से शुरुआत हुई थी, आज यहां करीब 300 हिरण हैं. वन विभाग ने प्रथम चरण का कार्य छह महीने पहले ही निर्धारित राशि के 50 प्रतिशत में ही समाप्त किया है. वन मंत्री विनय कृष्ण वर्मन ने बताया कि बंगाल सफारी को लेकर और भी काफी योजना है जिसे आगामी दिनों में पूरा किया जायेगा.
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