ePaper

आरजी कर मामले में शुभेंदु अधिकारी ने की सीएम ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग

Updated at : 13 Aug 2024 11:05 PM (IST)
विज्ञापन
आरजी कर मामले में शुभेंदु अधिकारी ने की सीएम ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग

अपनी मांगों को लेकर आज धरना देंगे भाजपा विधायक

विज्ञापन

अपनी मांगों को लेकर आज धरना देंगे भाजपा विधायक हाइकोर्ट के फैसले का किया स्वागत संवाददाता, कोलकाता राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता व भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने यहां के सरकारी अस्पतालों में महिला चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कथित विफलता के लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग की. श्री अधिकारी ने राज्य की जनता से अपील की कि वे ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग करने के लिए सड़कों पर उतरें. उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक अपनी मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए बुधवार को महानगर में धरना देंगे. वहीं, शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के सरकारी अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले की जांच पुलिस से सीबीआइ को सौंपने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले की सराहना की. शुभेंदु अधिकारी ने आम लोगों से अपील की कि वे राज्य का गृह और स्वास्थ्य विभाग भी संभाल रहीं ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग करने के लिए सड़कों पर उतरें. उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक अपनी मांग को लेकर दबाव बनाने के वास्ते 14 अगस्त को कोलकाता में धरना देंगे.श्री अधिकारी ने उच्च न्यायालय के आदेश की सराहना करते हुए कहा कि मुख्य दोषियों को बचाने के लिए साक्ष्यों को दबाने के प्रयासों को विफल करने के लिए यह आवश्यक था, जिन्हें अभी भी सलाखों के पीछे डाला जाना बाकी है. उन्होंने कहा : मुझे खुशी है कि उच्च न्यायालय ने युवती की बर्बर यातना और हत्या की सीबीआइ जांच का आदेश दिया है. केवल सीबीआइ जांच से ही पीड़िता और उसके परिवार को न्याय मिल सकेगा. मुझे लगता है कि उच्च न्यायालय के आदेश में आरजी कर अस्पताल और अन्य अस्पतालों के चिकित्सा समुदाय द्वारा न्यायिक जांच की मांग को भी स्वीकार किया गया है, क्योंकि जांच की निगरानी न्यायपालिका द्वारा की जायेगी. श्री अधिकारी ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार किसी भी न्यायिक जांच के आदेश देने के लिए कुछ प्रक्रिया का पालन करना होता है, जैसा कि मेडिकल छात्रों ने मांग की है. इसमें समय लगेगा और इसलिए अदालत की निगरानी में सीबीआइ जांच सबसे उपयुक्त है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मृतका के घर पहुंचीं, ताकि ‘शोकाकुल माता-पिता को राज्य पुलिस की जांच के अनुसार चलने, राज्य के बयानों को स्वीकार करने और सीबीआइ जैसी केंद्रीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच की मांग न करने के लिए मजबूर किया जा सके. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री इसके तुरंत बाद उसके आवास पर क्यों नहीं गयीं? वह वहां तभी गयीं, जब उन्हें पता चला कि स्थिति सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नियंत्रण से बाहर जा रही है, क्योंकि चिकित्सकों सहित राज्य के लोगों ने राज्य सरकार द्वारा रची गयी पटकथा को स्वीकार नहीं किया और मांग की कि सच सामने आये. विपक्ष के नेता ने यह भी दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा महिला चिकित्सक के माता-पिता पर दबाव बनाने के प्रयासों के बावजूद, परिवार ने उच्च न्यायालय में सीबीआइ जांच का अनुरोध करनेवाली याचिका का हिस्सा बनने का साहस जुटाया. नंदीग्राम से वरिष्ठ भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि उन्होंने पुलिस आयुक्त विनीत गोयल और आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के पूर्व प्रधानाचार्य और अधीक्षक को भी जांच के दायरे में लाने का अनुरोध किया है. श्री अधिकारी ने कहा कि इस घटना से बंगाल का सिर पूरे देश में झुक गया है, इसलिए यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं. उन्होंने कहा कि अगर छात्र इस घटना के खिलाफ नबान्न अभियान चलाते हैं, तो वह बिना किसी राजनीतिक झंडे के इस आंदोलन में शामिल होंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola