RG Kar Case: कलकत्ता हाई कोर्ट का सीबीआई से बड़ा सवाल, क्या पीड़िता के साथ हुआ था सामूहिक दुष्कर्म?

Published by : Pritish Sahay Updated At : 25 Mar 2025 12:12 AM

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RG Kar Case

RG Kar Case: कोलकाता हाईकोर्ट ने आरजी कर मामले में सीबीआई से सवाल किया है कि क्या प्रशिक्षु महिला चिकित्सक से सामूहिक दुष्कर्म हुआ था? अदालत ने CBI से आगे की जांच और दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट की स्थिति पर जानकारी भी मांगी है.

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RG Kar Case: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई से सवाल किया है कि क्या आरजी कर मामले में  पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी.  न्यायाधीश तीर्थंकर घोष ने सीबीआई से दुष्कर्म और हत्या के मामले में जांच का स्पष्टीकरण मांगा है. कोर्ट ने सीबीआई से अगली सुनवाई में अहम सवालों के जवाब देने के लिए कहा है. इससे पहले सोमवार को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या की शिकार प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के  माता-पिता की याचिका पर सोमवार को सुनवाई शुरू हुई. याचिका में जांच में लापरवाही का आरोप लगाया गया है.

कोलकाता हाईकोर्ट ने पूछा सवाल

कलकाता हाईकोर्ट ने सीबीआई से पूछा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रशिक्षु महिला चिकित्सक से सामूहिक दुष्कर्म हुआ था या नहीं? कोर्ट ने कहा कि इस घटना की जांच करते वक्त क्या सीबीआई को कहीं भी ऐसा लगा कि वारदात को अंजाम देने में कुछ और भी लोग शामिल हो सकते हैं? संजय राय के खिलाफ किन-किन धाराओं में मामला किया गया था, जिसके आधार पर उसे सजा सुनायी गयी. इसकी जानकारी हाईकोर्ट को देनी होगी. हाईकोर्ट ने पूछा है कि क्या सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 70 लागू करने पर विचार किया, विशेष रूप से तब जब कई संदिग्ध शामिल हो सकते हैं?

कोर्ट ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट की स्थिति पर मांगी जानकारी

आरजी कर मामले में सीबीआई पहले ही एक चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, लेकिन अदालत ने आगे की जांच और दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट की स्थिति पर जानकारी मांगी है. हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह केवल केस डायरी की समीक्षा करेगी, न कि किसी औपचारिक रिपोर्ट की. बता दें, कलकत्ता हाईकोर्ट ने अगस्त 2024 में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी. यह मामला तब चर्चा में आया जब एक जूनियर डॉक्टर की आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी थी. इस घटना के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया और कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ संदीप घोष को इस्तीफा देना पड़ा.

सीबीआई कर रही है मामले की जांच

इस मामले की जांच 13 अगस्त 2024 को सीबीआई को सौंप दी गयी थी. इसके बाद, सीबीआई ने दो सितंबर को डॉ संदीप घोष को गिरफ्तार किया, जब अदालत ने एजेंसी को कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की जांच करने का आदेश दिया. हालांकि, सीबीआई 90 दिनों की निर्धारित अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पायी, जिसके कारण 13 दिसंबर 2024 को कोलकाता की एक अदालत ने घोष को जमानत दे दी. 

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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