ePaper

प्रवासी मजदूर वापस आकर काम करना चाहेंगे, तो देंगे अवसर : सीएम

Updated at : 08 Mar 2026 1:24 AM (IST)
विज्ञापन
प्रवासी मजदूर वापस आकर काम करना चाहेंगे, तो देंगे अवसर : सीएम

शनिवार को मध्य कोलकाता के मेट्रो चैनल में धरना-प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रवासी मजदूरों की भी बात कही.

विज्ञापन

कोलकाता. शनिवार को मध्य कोलकाता के मेट्रो चैनल में धरना-प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रवासी मजदूरों की भी बात कही. उन्होंने कहा कि अगर प्रवासी मजदूर वापस आकर काम करना चाहते हैं, तो उन्हें भी अवसर दिये जायेंगे. उन्होंने बताया कि हाल ही में जूट उद्योग में लगभग 10 हजार लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिन्हें बाद में रोजगार दिया जायेगा. मुख्यमंत्री का कहना है कि राज्य में छह आर्थिक कॉरिडोर बनाये जा रहे हैं, जो पूरे राज्य को जोड़ेंगे. इसके अलावा पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी में 800-800 मेगावाट की दो बिजली परियोजनाएं, यानी कुल 1600 मेगावाट क्षमता के बिजली संयंत्र बनाये जा रहे हैं. सुश्री बनर्जी ने दावा किया कि आइटी क्षेत्र में भी बंगाल तेजी से आगे बढ़ रहा है और यहां रोजगार के मामले में बेंगलुरु से भी अधिक लोगों को काम मिल रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 200 नयी कंपनियां आयी हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग राज्य की बदनामी करते हैं, उन्हें जानना चाहिए कि सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों में बंगाल देश में नंबर एक है. लगभग 1.5 करोड़ लोग लघु उद्योगों में काम करते हैं. देश के विभिन्न हिस्सों से कई औद्योगिक इकाइयां यहां आयी हैं. कोलकाता के पास बानतला स्थित लेदर हब में ही करीब 7.5 लाख लोग काम करते हैं.

मुख्यमंत्री ने बताया कि पश्चिम बंगाल को लगभग 35 जीआइ टैग मिले हैं. उन्होंने कहा कि राज्य की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बहुत अच्छा काम कर रही हैं और सरकार ने करीब 12 लाख स्वयं सहायता समूह बनाये हैं. छह आर्थिक कॉरिडोर बनने से राज्य का हर क्षेत्र जुड़ जायेगा. पुरुलिया में जंगल सुंदरी औद्योगिक हब बनाने के लिए लगभग 72 हजार करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं. राज्य में सैकड़ों औद्योगिक पार्क बनाये जा रहे हैं और बंगाल अब सीमेंट हब के रूप में भी उभर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि देश के कुल कोयला उत्पादन का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा बंगाल से आता है. हालांकि लोहा उद्योग के लिए कोई राष्ट्रीय नीति नहीं है, फिर भी अन्य राज्य यहां से कोयला ले जाते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि देउचा-पाचामी कोयला परियोजना शुरू होने पर लगभग एक लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और इससे अगले 100 वर्षों तक बिजली संकट नहीं होगा.

विज्ञापन
AKHILESH KUMAR SINGH

लेखक के बारे में

By AKHILESH KUMAR SINGH

AKHILESH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola