पश्चिम बंगाल को मिला पहला निजी वेटरनरी कॉलेज
Published by : SUBODH KUMAR SINGH Updated At : 15 Nov 2025 1:25 AM
पश्चिम बंगाल को आखिरकार राज्य का पहला निजी पशु चिकित्सा महाविद्यालय मिल गया है.
जेआइएस ग्रुप ने मोगरा में 30 एकड़ में बनाया अत्याधुनिक जेआइएस कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज
संवाददाता, कोलकाता
पश्चिम बंगाल को आखिरकार राज्य का पहला निजी पशु चिकित्सा महाविद्यालय मिल गया है. जेआइएस ग्रुप ने शुक्रवार को प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में ‘जेआइएस कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज’ की औपचारिक घोषणा की. कॉलेज का निर्माण हुगली के मोगरा में 30 एकड़ क्षेत्र में किया गया है. जेआइएस ग्रुप के प्रबंध निदेशक तरनजीत सिंह ने बताया कि जेआइएससीओवीएएस की स्थापना सिर्फ एक नया संस्थान खोलने भर की पहल नहीं है, बल्कि यह बंगाल और पूरे पूर्वी भारत में पशु चिकित्सा शिक्षा के भविष्य को नयी दिशा देने वाला कदम है. उनका कहना है कि संस्थान का लक्ष्य परंपरा और नवाचार के संतुलन के साथ छात्रों को वैश्विक स्तर की पशु चिकित्सा विशेषज्ञता प्रदान करना है. कॉलेज में उन्नत पशु स्वास्थ्य सुविधाएं और विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल की व्यवस्था भी उपलब्ध होगी.
कार्यक्रम में परियोजना समन्वयक डॉ प्रोमित के घोषाल और कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर (डॉ) मोजम्मल हक ने बताया कि कॉलेज में बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हस्बेंडरी (बीवीएससी एवं एएच) का साढ़े पांच वर्ष का कोर्स चलाया जायेगा, जिसमें भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के मानकों के अनुसार एक वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल है. यह संस्थान पश्चिम बंगाल पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय से संबद्ध है और भारतीय पशु चिकित्सा परिषद से मान्यता प्राप्त है. प्रति सत्र 80 छात्रों को प्रवेश दिया जायेगा.
जेआइएस ग्रुप के उप निदेशक (बिजनेस डेवलपमेंट) विद्युत मजूमदार के अनुसार, कॉलेज एकीकृत परिसर वाला संस्थान है जिसमें अत्याधुनिक पशु चिकित्सा अस्पताल और फार्म शामिल हैं. अस्पताल में बड़े और छोटे दोनों प्रकार के पशुओं के उपचार की सुविधा होगी. इसमें रेडियोलॉजी यूनिट, नैदानिक लैब, आइसीयू, ओपीडी और आइपीडी जैसी सभी आधुनिक सेवाएं उपलब्ध रहेंगी. प्रवेश नीट परीक्षा की मेरिट के आधार पर होगा. इसके लिए आवेदकों को भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और अंग्रेजी में न्यूनतम 50% अंक हासिल करना अनिवार्य है. कॉलेज में छात्रावास की सुविधा के साथ-साथ विभिन्न देशों के छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रवेश विकल्प भी उपलब्ध होंगे.
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