कोरोना वायरस : अनावश्यक खरीद से आलू के दाम आसमान पर, 20 फीसद की तेजी

15 से 17 रुपये था भाव अब...
कोलकाता : कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के कारण बाजार बंद होने की आशंका में लोग घबराहट में जरूरत से ज्यादा सामानों की खरीद कर रहे हैं. इसके कारण पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में आलू की थोक एवं खुदरा कीमतें कम से कम 20 प्रतिशत तक बढ़ गयी हैं.
बाजार सूत्रों ने इसकी जानकारी दी. कारोबारियों ने बताया कि आलू की ‘ज्योति’ किस्म एक सप्ताह पहले 15 से 17 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रही थी, लेकिन अब इसके भाव कुछ खुदरा बाजारों में 20-22 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गये हैं. चुनिंदा ई-वाणिज्य मंचों पर इसकी बिक्री 25 रुपये प्रति किलोग्राम तक की दर से की जा रही है.
उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से आ रही मांग के कारण आलू की थोक कीमतें एक सप्ताह पहले के 10-11 रुपये की तुलना में 13 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गयी है. शीत भंडार गृह संगठन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया, ‘‘देश भर में आलू की कीमतें बढ़ रही हैं और कारोबारी इसका फायदा उठा रहे हैं. आलू की खुदरा कीमतें 18 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक नहीं होनी चाहिये.”
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के कृषि सलाहकार प्रदीप मजुमदार ने लोगों से नहीं घबराने और जरूरत के सामानों की अनावश्यक खरीद नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य में आलू या चावल की कोई कमी नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘घबराने की कोई जरुरत नहीं है. सरकार भ्रष्ट कारोबारियों पर कार्रवाई कर रही है. हम पहले ही करीब 20 हजार टन आलू खरीद चुके हैं. हम लंबे समय से खरीद कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर आगे भी दखल देंगे. वायरस के कारण मांग बढ़ गयी है.” पश्चिम बंगाल में आलू की सालाना खपत 65 लाख टन है. राज्य देश में सबसे अधिक आलू का उत्पादन करता है .
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By PankajKumar Pathak
Senior Journalist having more than 10 years of experience in print and digital journalism.
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