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इवीएम नहीं, वोटर लिस्ट के जरिये हो रही है वोट चोरी : अभिषेक बनर्जी

Updated at : 01 Jan 2026 1:57 AM (IST)
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इवीएम नहीं, वोटर लिस्ट के जरिये हो रही है वोट चोरी : अभिषेक बनर्जी

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को नयी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीइसी) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की.

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मुख्य चुनाव आयुक्त से मिला तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल

संवाददाता, कोलकातातृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को नयी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीइसी) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की. मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ हुई लंबी बैठक के बाद अभिषेक बनर्जी ने पत्रकारों से बातचीत में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किये. उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की आड़ में पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है. वोटर लिस्ट से नाम हटाने की कोशिश हो रही है. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी हो रही है, लेकिन इवीएम के जरिये नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट में हेरफेर कर ऐसा किया जा रहा है. बनर्जी के मुताबिक इस साजिश को तृणमूल ने पकड़ लिया है.

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी ( तार्किक विसंगतियां) के नाम पर संदिग्ध मतदाताओं की एक अलग सूची तैयार की है, जिसे हथियार बनाकर वोटर लिस्ट से नाम हटाये जा रहे हैं. उनका सवाल था कि यह सूची कहां से आयी, जबकि पहले हुए एसआइआर में ऐसी कोई सूची नहीं थी. उन्होंने दावा किया कि 1.36 करोड़ मतदाताओं की डिस्क्रिपेंसी लिस्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गयी है. बैठक के बाद बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान कुमार उंगली उठाकर बात कर रहे थे, जिस पर उन्होंने आपत्ति जतायी और कहा कि आप (कुमार) मनोनीत अधिकारी हैं, वह जनता द्वारा चुना गये प्रतिनिधि हैं. उन्होंने कुमार पर भाजपा से साठगांठ का भी आरोप लगाया और पूरे बैठक की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की. तृणमूल नेता बनर्जी का आरोप है कि सुनवाई के नाम पर बुजुर्गों, बीमार और कमजोर मतदाताओं को घंटों परेशान किया जा रहा है. एसआइआर की मसौदा सूची में 58 लाख हटाये गये नामों में कितने बांग्लादेशी या रोहिंग्या हैं, इस पर भी आयोग कोई जवाब नहीं दे सका. माइक्रो ऑब्जर्वर की तैनाती और एसआइआर सुनवाई में बीएलए-दो प्रतिनिधियों को रोकने पर भी सवाल उठे, लेकिन आयोग की ओर जबाव नहीं मिला.

चुनाव आयोग ने हमारी आशंकाओं को दूर नहीं किया, सीइसी का रवैया आक्रामक था : अभिषेक

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने दावा किया कि बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीइसी) का रवैया ‘आक्रामक’ था. उन्होंने कहा: जब हमने बात शुरू की, तो वह (सीइसी) अपना आपा खोने लगे… मैंने कहा कि आप मनोनीत हैं, मैं निर्वाचित हूं… अगर उनमें हिम्मत है, तो उन्हें फुटेज जारी कर देना चाहिए. बनर्जी ने आरोप लगाया कि आयोग ने उनकी आशंकाओं को दूर नहीं किया. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे एसआइआर पूरा होने के बाद अंतिम मतदाता सूची स्वीकार करेंगे, तो उन्होंने कहा: अगर इसमें विसंगतियां हैं, तो हम इसे क्यों स्वीकार करेंगे? हम इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि घुसपैठ का डर फैलाकर पश्चिम बंगाल को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है.इस दौरान बनर्जी ने नाम लिये बिना कांग्रेस पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि केवल सोशल मीडिया या भाषण देकर राजनीति नहीं होती. वोट चोरी पकड़ने के लिए सड़क पर उतरना पड़ता है. महाराष्ट्र, हरियाणा में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल यह नहीं कर सके, जो तृणमूल ने कर दिखाया है. अभिषेक ने दो टूक कहा कि तृणमूल की यह लड़ाई जारी रहेगी और 2026 में भी भाजपा को जनता की ताकत का सामना करना पड़ेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH KUMAR SINGH

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