23.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

जंगलमहल में आदिवासी अधिकार आंदोलन तेज

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए दिन-रात अथक प्रयास किये जा रहे हैं.

22 दिसंबर को मेदिनीपुर डीएम कार्यालय में जन-ज्ञापन

खड़गपुर. जंगलमहल क्षेत्र में आदिवासी समाज के न्यायोचित अधिकारों की स्थापना को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार अधिक संगठित और व्यापक रूप लेता जा रहा है. इसी क्रम में आगामी 22 दिसंबर को मेदिनीपुर जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तावित जन-ज्ञापन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के उद्देश्य से बैठकों का सिलसिला जारी है. इसी कड़ी में भारत जाकात मांझी पारगना महल, गड़बेता-तीन अंतर्गत बुगड़ी मुलुक के गोलोकदा आयमा मांझी छटका में एक महत्वपूर्ण सांध्यकालीन हाथे-बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में परगना बाबा एवं मांझी बाबाओं ने नेतृत्व करते हुए आंदोलन की दिशा और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की.

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए दिन-रात अथक प्रयास किये जा रहे हैं. उन्होंने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि न तो किसी प्रकार की थकान है और न ही पीछे हटने का कोई सवाल- एकमात्र लक्ष्य 22 दिसंबर के जन-ज्ञापन को ऐतिहासिक सफलता दिलाना है. इस दौरान स्थानीय मांझी, गोड़ेत तथा जागरूक आदिवासी समाज के लोगों ने प्रशासनिक उपेक्षा, संवैधानिक अधिकारों और संगठित जनआंदोलन की आवश्यकता पर अपने विचार रखे. सभी ने एकजुट होकर संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया.

बैठक के समापन पर ‘भारत जाकात मांझी पारगना महल जिंदाबाद’, ‘अविभक्त मेदिनीपुर जिला महल जिंदाबाद’ और ‘बुगड़ी मुलुक जिंदाबाद’ के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा. वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा और 22 दिसंबर आदिवासी अधिकारों की लड़ाई का निर्णायक दिन साबित होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel