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थर्मोकोल व प्लास्टिक की होगी रिसाइक्लिंग

Updated at : 25 Jun 2025 1:43 AM (IST)
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थर्मोकोल व प्लास्टिक की होगी रिसाइक्लिंग

उक्त प्लांट को कोलकाता नगर निगम के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग द्वारा धापा में स्थापित किया गया है.

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कोलकाता. कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने ठोस कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में एक नयी पहल करते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मंगलवार को मेयर व राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने धापा डंपिंग ग्राउंड में तीन अत्याधुनिक कचरा प्रसंस्करण प्लांटों का उद्घाटन किया. इनमें 100 टीपीडी मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी, 10 टीपीडी प्लास्टिक वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और 1.0 टीपीडी थर्मोकोल प्रोसेसिंग यूनिट शामिल हैं. उक्त प्लांट को कोलकाता नगर निगम के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग द्वारा धापा में स्थापित किया गया है. उद्घाटन समारोह में मेयर परिषद के सदस्य देबब्रत मजूमदार, विधायक स्वर्ण कमल साहा, पार्षद संदीपन साहा, विभागीय डायरेक्टर जनरल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे.

कोलकाता को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम

मेयर ने आशा जतायी कि आने वाले वर्षों में कोलकाता देश का सबसे स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त महानगर बनेगा. यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होगी, बल्कि शहरी अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में एक मिसाल भी कायम करेगी.

थर्मोकोल से हो रहे प्रदूषण पर लगेगा अंकुश

निगम के विशेषज्ञों के अनुसार, कोलकाता में थर्मोकोल के अत्यधिक उपयोग से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है. इसे ध्यान में रखते हुए करीब 50 लाख रुपये की लागत से थर्मोकोल प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया गया है. थर्मोकोल एक गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरा है, जिसे प्राकृतिक रूप से नष्ट करना कठिन होता है. जलाने पर यह जहरीली गैस और धुआं उत्पन्न करता है, जो वायु प्रदूषण को गंभीर रूप से बढ़ाता है.

स्वास्थ्य और पर्यावरण, दोनों के लिए खतरा

थर्मोकोल में मौजूद पॉलीस्टाइरीन जैसे रसायन लंबे समय तक मिट्टी और जल में रहकर मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं. यह आंख, त्वचा, श्वसन और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकता है. इसी वजह से इस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण जरूरी हो गया है.

उपयोगी वस्तुओं में होगा कचरे का रूपांतरण

मेयर ने जानकारी दी कि महानगर से प्रतिदिन लगभग दो टन थर्मोकोल एकत्र किया जाता है, जो धापा डंपिंग ग्राउंड में जमा होता है. इस कचरे की रिसाइक्लिंग कर इसे उपयोगी वस्तुओं में बदला जायेगा. थर्मोकोल प्रोसेसिंग यूनिट की मशीनों को लगभग 44 लाख रुपये की लागत से स्थापित किया गया है.

पहली बार थर्मोकोल प्रोसेसिंग यूनिट की शुरुआत

इस अवसर पर मेयर ने बताया कि कोलकाता में यह पहली थर्मोकोल प्रोसेसिंग यूनिट है. उद्घाटन के बाद सभी अधिकारियों ने तीनों प्लांटों का निरीक्षण किया, जहां देखा गया कि रिसाइक्लिंग के जरिये इन कचरों से व्यावहारिक और उपयोगी वस्तुएं तैयार की जा रही हैं. मेयर हकीम ने कहा : अब धापा एक औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित हो रहा है, जिससे भविष्य में नगर निगम की आय भी बढ़ेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

लेखक के बारे में

By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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