आरजी कर : आरोपी की आवाज पत्रकारों तक पहुंचने से रोकने के लिए वाहन को थपथपाया,हॉर्न बजाया
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 19 Nov 2024 1:47 AM
संजय राय को सियालदह अदालत में पेशी के लिए लाते समय पुलिसकर्मी जेल वाहन का हॉर्न बजाते नजर आये और वे वाहन के ऊपर जोर-जोर से हाथ थपथपाते रहे, ताकि मीडियाकर्मी आरोपी की आवाज न सुन सकें.
संवाददाता, कोलकाता
आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म एवं हत्या की जघन्य घटना के मुख्य आरोपी और कोलकाता पुलिस के पूर्व सिविक वॉलेंटियर संजय राय को सियालदह अदालत में पेशी के लिए लाते समय पुलिसकर्मी जेल वाहन का हॉर्न बजाते नजर आये और वे वाहन के ऊपर जोर-जोर से हाथ थपथपाते रहे, ताकि मीडियाकर्मी आरोपी की आवाज न सुन सकें. राय को 11 नवंबर को पहले दिन की सुनवाई के लिए जब सियालदह अदालत में पेशी के लिए ले जाया गया था, तब जेल वाहन से बाहर निकलते समय उसने दो वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों के खिलाफ टिप्पणी कर गंभीर आरोप लगाये थे और खुद के बेकसूर होने का दावा किया था.
सोमवार को पेशी के लिए अदालत परिसर में लाते समय पुलिस लगातार जेल वाहन का हॉर्न बजाती रही और उसे (वाहन को) जोर-जोर से पीटती रही, ताकि आरोपी की आवाज मीडियाकर्मियों तक नहीं पहुंच सके. अदालत में मामले के चल रहे ट्रायल के पांचवें दिन की सुनवाई के दौरान राय को छोटे वाहन से अदालत परिसर लाया गया, ताकि पिछली तारीख जैसी स्थिति न उत्पन्न हो.अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिर्बान दास की अदालत में आरजी कर मामले की सुनवाई दैनिक आधार पर हो रही है. सोमवार को भी मुख्य आरोपी की मौजूदगी में गवाहों की गवाही ली गयी. सोमवार को तीन और गवाहों ने अदालत के समक्ष गवाही दी. इसी के साथ मामले में अब तक गवाही दे चुके गवाहों की संख्या 12 हो गयी है. आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार हॉल में नौ अगस्त को एक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक का शव मिला था, जिसकी कथित तौर पर दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गयी थी. कलकत्ता हाइकोर्ट के आदेश पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) इस मामले की जांच कर रहा है.
पांच हार्डडिस्क व पांच डीवीआर फिर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गये : मामले की जांच में बरामद किये गये पांच हार्ड डिस्क व पांच डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) को सीबीआइ ने फिर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है. केंद्रीय जांच एजेंसी को उम्मीद है कि उसकी फिर जांच से कुछ तथ्य मिल सकते हैं, जो अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है. मामले की तफ्तीश के तहत सीबीआइ ने अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर चुकी है.
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