मुर्शिदाबाद के हिंसा प्रभावित इलाकों में तैनात रहेंगे केंद्रीय बल

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मुर्शिदाबाद के हिंसा प्रभावित इलाकों में तैनात रहेंगे केंद्रीय बल

कलकत्ता हाइकोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखने का निर्देश दिया. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), पश्चिम बंगाल राज्य मानवाधिकार आयोग (एसएचआरसी) और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एसएलएसए) के एक-एक सदस्य वाली तीन सदस्यीय समिति को हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास और शांति बहाली की निगरानी के लिए जिले के प्रभावित इलाकों का दौरा करना चाहिए.

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कोलकाता.

कलकत्ता हाइकोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखने का निर्देश दिया. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), पश्चिम बंगाल राज्य मानवाधिकार आयोग (एसएचआरसी) और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एसएलएसए) के एक-एक सदस्य वाली तीन सदस्यीय समिति को हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास और शांति बहाली की निगरानी के लिए जिले के प्रभावित इलाकों का दौरा करना चाहिए. हाइकोर्ट ने कहा कि मुर्शिदाबाद के हिंसा प्रभावित इलाकें में केंद्रीय बलों की तैनाती अभी बनी रहेगी. साथ ही भड़काऊ भाषणों पर भी नियंत्रण की जरूरत है. अदालत ने कहा कि वक्फ संशोधन ऐक्ट के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ भाषण न दिए जाएं, जिनसे हिंसा भड़कने की आशंका बनी रहती है. इस तरह उच्च न्यायालय ने हिंसा के मामलों में राज्य सरकार को सख्त नसीहत दी है. इसके अलावा अदालत ने माना है कि अब भी मुर्शिदाबाद जिले में हालात सामान्य नहीं हैं. इसलिए केंद्रीय बलों की तैनाती कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रहनी चाहिए.

गुरुवार को न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी की खंडपीठ राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि मुस्लिम बहुल जिले में सांप्रदायिक दंगों के दौरान बम विस्फोट हुए थे. याचिका में उन्होंने अनुरोध किया था कि हिंसा की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंपी जाये. वहीं, एक अन्य याचिकाकर्ता ने हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों की उनके घरों में वापसी के लिए राज्य सरकार द्वारा कदम उठाए जाने का अनुरोध किया.

गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने अदालत के समक्ष अनुरोध किया कि मुर्शिदाबाद में सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) की तैनाती को जिले की जमीनी स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कुछ समय के लिए और बढ़ा दिया जाये. केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने बताया कि मुर्शिदाबाद के उपद्रवग्रस्त सुती, शमसेरगंज-धुलियान इलाकों में फिलहाल केंद्रीय बलों की लगभग 17 कंपनियां तैनात हैं.

केंद्र सरकार के आवेदन को स्वीकार करते हुए हाइकोर्ट ने फिलहाल हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखने का आदेश दिया. गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने शनिवार को शांति बहाली के लिए जिले में सीएपीएफ की तैनाती का आदेश दिया था.

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Bijay Kumar

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