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तीन प्रसूताओं की तबीयत और बिगड़ी, पीजी में भर्ती करायी गयीं

Updated at : 13 Jan 2025 6:26 AM (IST)
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तीन प्रसूताओं की तबीयत और बिगड़ी, पीजी में भर्ती करायी गयीं

मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज के लिए गठित 13 सदस्यीय विशेष कमेटी के निर्देश और मेडिकल टीम की सलाह पर तीन मरीजों को एसएसकेएम (पीजी) में भर्ती कराया गया है.

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मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज में ‘एक्सपायर्ड’ दवा चढ़ाने से हो चुकी है एक महिला की मौत

ग्रीन कॉरिडोर बनाकर तीनों मरीजों को मेदिनीपुर से कोलकाता लाया गया, एसएसकेएम में करायी गयीं भर्ती

संवाददाता, कोलकातापश्चिम मेदिनीपुर जिले में स्थित मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रसव के बाद कथित तौर पर ‘एक्सपायर’ सेलाइन रिंगर लैक्टेट चढ़ाये जाने के कारण एक प्रसूता की मौत हुई है, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं. इन बीमार चार प्रसूताओं में तीन की हालत ज्यादा बिगड़ गयी है. मेिदनीपुर मेडिकल कॉलेज में ही एक मरीज जनरल वार्ड में ऑक्सीजन सपोर्ट पर है, जबकि तीन को रविवार को कोलकाता लाकर एसएसकेएम (पीजी) में भर्ती कराया गया. उन्हें कोलकाता लाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था. मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज के लिए गठित 13 सदस्यीय विशेष कमेटी के निर्देश और मेडिकल टीम की सलाह पर तीन मरीजों को एसएसकेएम (पीजी) में भर्ती कराया गया है. मेदिनीपुर से रविवार शाम 7.25 बजे इन मरीजों को विशेष आइसीयू एंबुलेंस से कोलकाता के लिए रवाना किया गया. जानकारी के अनुसार, तीनों प्रसूताओं की हालत काफी गंभीर बनी हुई है. सेहत में सुधार होने के बजाय स्थिति खराब होती जा रही है. इसलिए उन्हें पीजी में भर्ती कराये जाने की निर्णय लिया गया है.

गौरतलब है कि मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज में पांच महिलाओं को प्रसव के बाद जो दवा चढ़ायी गयी थी, वह कथित तौर पर एक्सपायर सेलाइन थी. इनमें से एक महिला की मौत हो गयी थी, जबकि अन्य चार में तीन की हालत गंभीर है. स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के लिए 13 सदस्यीय समिति का गठन किया है. स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तीन महिलाओं की तबीयत और बिगड़ गयी है, जबिक एक अन्य की हालत में सुधार हुआ है और उसे मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ही रखा गया है. अन्य तीन प्रसूताओं में स्वास्थ्य संबंधी कई जटिलताएं उत्पन्न हो गयी हैं और उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. तीनों को देर रात पीजी पहुंचाया गया. अधिकारी ने बताया कि तीनों महिलाओं को पश्चिम मेदिनीपुर से कोलकाता ले आने के लिए राज्य सरकार ने एक ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाने का आदेश दिया था. अधिकारी ने बताया की तीनों के लिए पीजी में बेड आरक्षित रखा गया था.

इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन

एसएसकेएम (पीजी) में जिन तीन प्रसूताओं को भर्ती कराया गया है, उनमें मम्पी सिंह, नसरीम और मिनारा बीवी शामिल हैं. मम्पी सिंह और नसरीम को पीजी के मेन ब्लॉक स्थित क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) और मिनारा बीवी को आइटीयू में भर्ती कराया गया है. उधर, सेलाइन की वजह से तीनों प्रसूताओं की किडनी प्रभावित हुई है. इसलिए तीनों की डायलिसिस चल रही है. डायलिसिस करने के बाद ही तीनों को कोलकाता के लिए रवाना किया गया. इन प्रसूताओं की चिकित्सा के लिए क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ के नेतृत्व में पांच सदस्यीय एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है. बोर्ड में गाइनोकोलॉजी विशेषज्ञ के साथ नेफ्रोलॉजी, जनरल मेडिसिन व आइटीयू एक्सपर्ट को शामिल किया गया है. बताया गया है कि जरूरत पड़ने पर बाद में कार्डियोलॉजी व चेस्ट मेडिसिन विशेषज्ञ को भी मेडिकल टीम में शामिल किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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