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‘दुर्गांगन’ का निर्माण करेगी राज्य सरकार, फिलहाल जगह तय नहीं

Updated at : 12 Aug 2025 1:54 AM (IST)
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‘दुर्गांगन’ का निर्माण करेगी राज्य सरकार, फिलहाल जगह तय नहीं

राज्य कैबिनेट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में ‘दुर्गांगन’ बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल में दुर्गांगन के निर्माण की घोषणा की थी.

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फैसला. राज्य कैबिनेट ने दी प्रस्ताव को मंजूरी, ट्रस्ट का किया जायेगा गठन

संवाददाता, कोलकाताराज्य कैबिनेट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में ‘दुर्गांगन’ बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल में दुर्गांगन के निर्माण की घोषणा की थी. सुश्री बनर्जी ने कहा था कि दीघा में जिस प्रकार से भगवान जगन्नाथ का मंदिर बना है, उसी तर्ज पर यहां वर्ष भर मां दुर्गा की पूजा के लिए ‘दुर्गांगन’ का निर्माण किया जायेगा. सीएम की घोषणा के अनुरूप राज्य में ‘दुर्गांगन’ का निर्माण करने के लिए प्रस्ताव लाया गया. सोमवार को मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हुई कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गयी. बैठक के बाद राज्य के बिजली मंत्री अरूप विश्वास ने बताया कि प्रदेश का पर्यटन विभाग और शहरी विकास विभाग की अधीनस्थ संस्था ‘हिडको’ मिलकर ‘दुर्गांगन’ का निर्माण करेंगे. उन्होंने कहा कि ‘दुर्गांगन’ के निर्माण के लिए एक ट्रस्ट का गठन किया जायेगा. उन्होंने बताया कि यह मंदिर कहां बनाया जायेगा और इसका बजट क्या होगा, राज्य सरकार जल्द ही इस संबंध में निर्णय लेगी. इस मौके पर शहरी विकास मंत्री व कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम भी उपस्थित रहे. मंत्री अरूप विश्वास ने आगे कहा कि यूनेस्को ने बंगाल की दुर्गापूजा को ऐतिहासिक धरोहर का दर्जा दिया है. उसी का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘दुर्गांगन’ के निर्माण की घोषणा की है. ट्रस्ट के सदस्यों के नामों की घोषणा बाद में की जायेगी. उन्होंने यह भी कहा कि यह ‘दुर्गांगन’ बंगाल में दीघा मंदिर जैसा एक और नया दर्शनीय स्थल होगा. बजट अभी तय नहीं हुआ है. पहले इसके लिए जगह चिह्नित की जायेगी. उसके बाद ही सब कुछ घोषित किया जायेगा. गौरतलब है कि 21 जुलाई को शहीद दिवस के मंच से मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने ‘दुर्गांगन’ के निर्माण की घोषणा की थी. मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार अब राज्य में एक और दर्शनीय स्थल ‘दुर्गांगन’के निर्माण की कवायद राज्य सरकर ने शुरू कर दी.

सालबनी में 1600 मेगावाट बिजली संयंत्र के लिए मिली मंजूरी

कोलकाता. पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबनी में 800-800 मेगावाट की उत्पादन क्षमता वाले दो प्लांट का निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है. अब राज्य सरकार ने सालबनी में ही 800-800 मेगावाट की क्षमता वाले और दो प्लांट स्थापित करने को मंजूरी दे दी है. राज्य कैबिनेट की बैठक में दो और प्लांट बनाने का प्रस्ताव पारित हो गया. राज्य के बिजली मंत्री अरूप विश्वास ने इसकी घोषणा की. उन्होंने बताया कि सालबनी में जिंदल समूह द्वारा पावर प्लांट की स्थापना की जा रही है और इस पर 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं. नया पावर प्लांट भी पीपीपी मॉडल पर स्थापित होगा. सागरदीघि में 600 मेगावाट की क्षमता वाली सुपर क्रिटिकल पावर प्लांट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. जल्द ही इसका उद्घाटन होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH KUMAR SINGH

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