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नियुक्ति में धांधली व 10 अतिरिक्त अंक देने के खिलाफ एसएससी अभ्यर्थी सड़क पर

Updated at : 25 Nov 2025 1:29 AM (IST)
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नियुक्ति में धांधली व 10 अतिरिक्त अंक देने के खिलाफ एसएससी अभ्यर्थी सड़क पर

पश्चिम बंगाल में स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया पर नाराजगी एक बार फिर सड़क पर दिखायी दी.

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नाराजगी. दो अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन, धक्का-मुक्की के बीच पुलिस से अभ्यर्थियों की नोकझोंक

संवाददाता, कोलकाता

पश्चिम बंगाल में स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया पर नाराजगी एक बार फिर सड़क पर दिखायी दी. सोमवार को कोलकाता में दो अलग-अलग समूहों के अभ्यर्थियों ने नियुक्ति में कथित अनियमितताओं और देरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. एसएलएसटी परीक्षा का परिणाम जारी होने से कुछ घंटे पहले ही शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन तेज हो गया. सुबह नये एसएससी अभ्यर्थियों ने कक्षा 11वीं-12वीं की नियुक्ति में गैरकानूनी 10 अनुभव अंक जोड़ने के खिलाफ सियालदह से मार्च निकाला.

सैकड़ों उम्मीदवारों ने पुलिस बैरिकेड तोड़कर एस्प्लेनेड के डोरिना क्रॉसिंग तक रैली निकाली और लगभग 40 मिनट तक मुख्य सड़क पर जाम लगाया. पुलिस के बार-बार अनुरोध के बावजूद अभ्यर्थी वैकल्पिक मार्ग से जाने को तैयार नहीं हुए. अंततः पुलिस को कई प्रदर्शनकारियों को शारीरिक रूप से हटाकर वाहनों में बैठाना पड़ा, जिसके बाद जाम खुल सका. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और कुछ अन्य अभ्यर्थियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई.

नये अभ्यर्थियों ने लगाया आरोप : उच्चतम न्यायालय द्वारा 12 हजार से अधिक शिक्षकों की

नौकरी रद्द होने के बाद भी बोनस अंक देना न्यायसंगत नहीं

नये अभ्यर्थियों का कहना था कि एसएससी द्वारा उन शिक्षकों को 10 अनुभव अंक देना अनुचित है, जिनकी नियुक्ति स्कूल नियुक्ति घोटाले में रद्द हो चुकी है. अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 12,000 से अधिक शिक्षकों की नौकरी रद्द किये जाने के बाद भी उन्हें दोबारा परीक्षा में बोनस अंक देना न्यायसंगत नहीं है. कुछ उम्मीदवारों ने कहा कि वे लिखित परीक्षा में लगभग पूर्ण अंक पाने के बावजूद इन अतिरिक्त अंकों के कारण चयन सूची से बाहर हो जा रहे हैं. अभ्यर्थियों ने ओएमआर शीट सार्वजनिक करने और एक लाख अतिरिक्त पद सृजित करने की मांग भी रखी. 10 अनुभव अंक का मुद्दा अब कानूनी लड़ाई का हिस्सा बन चुका है. अभ्यर्थियों ने इस नियम को सुप्रीम कोर्ट और कलकत्ता हाइकोर्ट में चुनौती देते हुए इसे निष्पक्ष प्रतियोगिता के खिलाफ बताया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH KUMAR SINGH

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