पूर्व प्रिंसिपल डॉ संदीप घोष समेत छह के पॉलीग्राफ टेस्ट की कोर्ट से मिली अनुमति

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 23 Aug 2024 12:49 AM

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आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की जूनियर महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) के अधिकारी पूर्व प्रिसिंपल डॉ संदीप घोष से लगातार पूछताछ कर रहे हैं.

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संवाददाता, कोलकाता

आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की जूनियर महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) के अधिकारी पूर्व प्रिसिंपल डॉ संदीप घोष से लगातार पूछताछ कर रहे हैं. गुरुवार को सातवें दिन भी पूछताछ का सिलसिला जारी रहा. वह इस दिन सुबह सॉल्टलेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित केंद्रीय जांच एजेंसी के कार्यालय में हाजिर हुए. उनके हाथ में कुछ दस्तावेज भी थे. हालांकि, इस दिन भी उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया और यह भी नहीं बताया कि उन्हें बार-बार सीबीआइ कार्यालय में क्यों हाजिर होना पड़ रहा है. पूछताछ के बीच ही इस दिन अपराह्न सीबीआइ के अधिकारी घोष को लेकर सियालदह कोर्ट पहुंचे. उनके साथ सीबीआइ के चार अधिकारी व सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान भी मौजूद थे. घोष के अलावा सीबीआइ के अधिकारी मेडिकल के चार छात्रों व एक अन्य व्यक्ति को भी कोर्ट लेकर पहुंचे थे, जिन्हें भी इस दिन पूछताछ के लिए तलब किया गया था.

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी घोष समेत छह लोगों को मजिस्ट्रेट के कमरे में लेकर पहुंचे. बताया जा रहा है कि मजिस्ट्रेट के समक्ष उनका बयान दर्ज करने के अलावा सीबीआइ ने अदालत से उनके पॉलीग्राफ टेस्ट का आवेदन किया, जिसे मंजूर कर लिया गया.

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हालांकि, उक्त मामले में सीबीआइ की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया.

बयान में मिल रही हैं विसंगतियां :सूत्रों के अनुसार, घोष से पूछे गये प्रश्नों को लेकर उनके जवाब में विसंगतियां मिल रही हैं. यही वजह है कि उनके ‘पॉलीग्राफ टेस्ट’ कराने के विकल्प पर विचार किया गया और अदालत में इसे लेकर आवेदन किया गया. पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान व्यक्ति द्वारा प्रश्नों के उत्तर दिये जाते समय एक मशीन की मदद से उसकी शारीरिक प्रतिक्रियाओं को मापा जाता है और यह पता लगाया जाता है कि वह सच बोल रहा है या झूठ. जूनियर महिला चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या की जघन्य घटना में गिरफ्तार आरोपी संजय राय के पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए सीबीआइ को अदालत से गत सोमवार को ही अनुमति मिली थी.

अबतक 77 घंटे से भी ज्यादा समय तक हो चुकी है पूछताछ :

आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल घोष गत शुक्रवार से हर दिन सीजीओ कॉम्प्लेक्स में पेश हो रहे हैं. उनसे कभी 10 घंटे, तो कभी 12-13 घंटों तक पूछताछ हुई. उनसे अबतक 77 घंटों से भी ज्यादा समय तक पूछताछ हो चुकी है. सीबीआइ के अधिकारी जूनियर महिला चिकित्सक की हत्या को लेकर कई तथ्यों को जानना चाहते हैं. यानी जूनियर महिला चिकित्सक से दुष्कर्म व हत्या की घटना के पहले व बाद में घोष की क्या-क्या गतिविधियां रहीं.

सीबीआइ के अधिकारी फिर पहुंचे आरजी कर अस्पताल :

मामले की जांच के तहत सीबीआइ के अधिकारी रोजाना ही जांच के लिए आरजी कर अस्पताल पहुंच रहे हैं. गुरुवार को भी अधिकारियों की एक टीम अस्पताल पहुंची. बताया जा रहा है कि सीबीआइ ने अस्पताल के कुछ कर्मियों से पूछताछ की है. साथ ही अधिकारियों ने अस्पताल की इमरजेंसी बिल्डिंग के चौथे तल पर स्थित सेमिनार हॉल के अलावा अन्य कमरों की जांच की है. सेमिनार हॉल से ही चिकित्सक का शव मिला था.

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