एसआईआर में जान का जोखिम! सीईओ बंगाल के ऑफिस के बाहर किया प्रदर्शन, बीएलओ के लिए मुआवजे की मांग

बंगाल में बीएलओ के लिए मुआवजे की मांग करते हुए प्रदर्शन करते कर्मचारी.
SIR Risk To Life: चुनाव आयोग की स्पेशल टीम के कोलकाता दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल की राजधानी में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के तृणमूल समर्थित गुट ने कहा है कि एसआईआर में जान का जोखिम है. साथ ही मांग की है कि एसआईआर की ड्यूटी के दौरान किसी की मौत होने पर उसे उचित मुआवजा मिले. प्रदर्शनकारियों ने चुनाव ड्यूटी में लगाये गये बीएलओ के लिए आयोग से एक नीति बनाने की भी मांग की.
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SIR Risk To Life: तृणमूल कांग्रेस से जुड़े ‘बीएलओ अधिकार मंच’ ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. कहा कि एसआइआर में जान का जोखिम है. इसलिए मतदाता सूची से संबंधित ड्यूटी के दौरान कथित तौर पर बीमार पड़ने या मरने वाले कर्मचारियों को उचित मुआवजा दिया जाये. उनके लिए आयोग उचित योजना लाये.
चुनाव आयोग की स्पेशल टीम से नहीं मिलने दिया गया – बीएलओ अधिकार मंच
कोलकाता में प्रदर्शन ऐसे समय हुआ, जब निर्वाचन आयोग की एक स्पेशल टीम यहां आयी हुई है. प्रदर्शन कर रहे बीएलओ के इस गुट ने आरोप लगाया कि घंटों इंतजार करने के बावजूद उन्हें दौरे पर आये अधिकारियों से मिलने का मौका नहीं दिया गया.
मुर्शिदाबाद के बीएलओ के परिजन भी प्रदर्शन में हुए शामिल
बीएलओ अधिकार रक्षा समिति के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में मुर्शिदाबाद के एक ब्लॉक स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) के परिवार के सदस्य भी शामिल हुए. कथित तौर पर काम के अत्यधिक दबाव के कारण आघात के बाद बीएलओ को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. समूह ने निर्वाचन आयोग पर ‘वास्तविक शिकायतों को नजरअंदाज’ करने का भी आरोप लगाया.
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SIR Risk To Life: बीएलओ के मंच ने चुनाव आयोग से की ये 2 मांग
बीएलओ के मंच ने 2 प्रमुख मांगें उठायीं. इसके तहत उन कर्मियों के परिवारों के लिए मुआवजा, जिन्हें विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का पालन करते समय कथित रूप से गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का सामना करना पड़ा या जिनकी मृत्यु हो गयी. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाये कि भविष्य में एसआईआर प्रक्रिया केवल उचित योजना और पर्याप्त तैयारी के साथ ही की जायेगी.
चुनाव आयोग के निर्देश पर सीईओ कार्यालय की सुरक्षा कड़ी
आयोग ने पूर्व में पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और कोलकाता पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर सीईओ कार्यालय परिसर में कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था. प्रदर्शन जारी रहने पर, प्रदर्शनकारियों को इलाके से हटाने के लिए पुलिस तैनात की गयी.
तृणमूल कांग्रेस को ईसीआई ने दिया था स्पष्ट संदेश – कार्यवाही में बाधा न डालें
अधिकारियों ने बताया कि आयोग ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को एक स्पष्ट संदेश जारी किया था, जिसमें सभी हितधारकों को आधिकारिक कार्यवाही में बाधा न डालने की सलाह दी गयी थी. बावजूद इसके बीएलओ अधिकार मंच के सदस्यों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया.
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By Mithilesh Jha
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